म्यांमार के नेपीडॉ में बुधवार को एक ढही हुई होटल की इमारत के मलबे से 26 वर्षीय एक होटल कर्मचारी को बचा लिया गया. राज्य प्रशासन परिषद की सूचना टीम के मुताबिक, देश में आए 7.7 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप के पांच दिन बाद व्यक्ति को बचाया गया. सूचना टीम ने बताया कि मलबे में दो लोग फंसे हुए थे. म्यांमार अग्निशमन सेवा विभाग और तुर्की की बचाव टीमों ने एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
होटल में अभियान मंगलवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 3:00 बजे शुरू हुआ और बुधवार को स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 00:30 बजे व्यक्ति को बचा लिया गया. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, फंसे हुए बाकी लोगों को खोजने और बचाने के प्रयास जारी हैं.
-
परजीवी, बोझ, फेल प्रोडक्ट... NDTV World Summit में PM मोदी ने कांग्रेस को घेरा -
PM Modi in NDTV World Summit | बदलते वर्ल्ड ऑर्डर में भारत की क्या भूमिका? PM मोदी ने बताया -
PM Modi Speech: Rahul Gandhi पर PM मोदी क्या-क्या बोले? | NDTV World Summit 2026 -
फेल प्रोडक्ट लॉन्च कर रही कांग्रेस, इतनी तो लॉन्चिंग श्रीहरिकोटा से भी नहीं होती; NDTV वर्ल्ड समिट में PM मोदी -
NDTV World Summit के मंच से कौन से नए खेल का जिक्र कर गए मोदी...! -
'मत्स्य न्याय' के उदाहरण से पीएम मोदी ने UN पर क्या कुछ कह दिया? -
तब बड़ी मछली छोटी मछली को निगल जाती है... PM मोदी का NDTV वर्ल्ड समिट से दुनिया को संदेश -
PM Modi Speech: Covid-19 का जिक्र कर PM मोदी ने बताई भारत की ताकत! कही ये बातें | NDTV India -
'मौजूदा चुनौतियों के सामने संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ दिख रही हैं', NDTV World Summit में बोले PM मोदी -
भारत क्या पाकिस्तान से अच्छे संबंध चाहता है? NDTV World Summit में जयशंकर का जवाब
इस बीच, म्यांमार के जुंटा के प्रमुख आंग ह्लाइंग ने जातीय सशस्त्र संगठनों (ईएओ) के युद्ध विराम प्रस्तावों को खारिज कर दिया और सैन्य अभियान जारी रखने की घोषणा की.
ह्लाइंग ने मंगलवार को कहा, "कुछ जातीय सशस्त्र समूह अभी सक्रिय रूप से लड़ाई में शामिल नहीं हो रहे, लेकिन वे हमलों की तैयारी के लिए इकट्ठा हो रहे हैं और प्रशिक्षण ले रहे हैं. चूंकि यह आक्रामकता का एक रूप है, इसलिए सेना जरूरी रक्षा अभियान जारी रखेगी."
म्यांमार नाउ की एक रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे वक्त में जब वैश्विक ध्यान भूकंप के विनाश और मानवीय सहायता भेजने पर केंद्रित है, म्यांमार की सेना ने देश भर में प्रतिरोधी समूहों के खिलाफ अपने हमले जारी रखे हैं.
हमलों पर चिंता जताते हुए, अमेरिका स्थित एडवोकेसी ग्रुप ह्यूमन राइट्स वॉच ने मंगलवार को कहा कि म्यांमार की सैन्य सरकार को भूकंप पीड़ितों के लिए मानवीय सहायता तक तत्काल, निर्बाध पहुंच की अनुमति देनी चाहिए, आपातकालीन प्रतिक्रिया में बाधा डालने वाले प्रतिबंधों को हटाना चाहिए.
वकालत समूह के अनुसार, 28 मार्च को क्षेत्र में आए भूकंप के बाद से, सेना ने हवाई हमले किए और गंभीर रूप से प्रभावित क्षेत्रों में इंटरनेट की पहुंच सीमित कर दी, जिससे मानवीय प्रतिक्रिया और अधिक जटिल हो गई.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं