इस्लामाबाद:
शुरू में तालिबान पर उंगली उठाने के बाद पाकिस्तान के गृह मंत्री रहमान मलिक ने कराची में हिंसा को लेकर एक अजीबोगरीब बात कही है। उन्होंने नगर में 70 फीसदी हत्याओं के लिए पत्नियों और महिला मित्रों को जिम्मेदार माना है जहां जातीय और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है। मलिक ने क्वेटा में कहा था कि कराची में लक्षित हत्याओं से ज्यादा लोगों की हत्या उनकी पत्नियों, महिला या पुरुष मित्रों ने कराई है। उनके इस बयान की पूरी मीडिया ने कड़ी निंदा की है। कराची में हाल में संघषरें के दौरान 150 से ज्यादा लोगों की हत्या के एक सवाल का वह जवाब दे रहे थे। मलिक ने कहा, कराची में मेरे व्यक्तिगत अनुभव के अनुसार सौ लोग लक्षित हत्या का शिकार हुए लेकिन जब मैंने जांच की तो पाया कि सिर्फ 30 लोगों की लक्षित हत्या हुई। उन्होंने कहा, 70 फीसदी वे लोग थे जो अपनी पत्नियों और महिला मित्रों के शिकार हुए या वे महिला मित्र थीं जो पुरुष मित्रों से छुटकारा पाना चाहती थीं। मेरे पास सभी आंकड़े हैं। गृह मंत्री के बयान की टीवी परिचर्चाओं एवं माइक्रो ब्लागिंग वेबसाइट ट्विटर पर कड़ी निंदा हो रही है। अपनी वेबसाइट पर लगाई गई रिपोर्ट में दुनिया खबरिया चैनल ने कहा है, अगर गृह मंत्री इस बारे में जानते हैं तो सार्थक कार्रवाई करने से उन्हें कौन रोक रहा है। कराची में हाल में एक नौसैनिक अड्डे पर आतंकवादी हमले के बाद मलिक ने दावा किया था कि हमलावर स्टार वार्स किरदार की भांति थे। हमले में दस सुरक्षाकर्मी मारे गये थे और दो मैरीटाइम निगरानी जहाज नष्ट हो गये थे। कराची के अधिकतर इलाकों पर नियंत्रण रखने वाले सत्तारूढ़ पीपीपी और मुत्ताहिदा कॉमी मूवमेंट के बीच तनाव के कारण कराची में हिंसक संघर्ष हुए जिससे हाल के हफ्ते में 150 से ज्यादा लोग मारे गए। सिंध के मोहाजिरों या उर्दू बोलने वाले निवासियों के बारे में पीपीपी के एक वरिष्ठ नेता की अशोभनीय टिप्पणी के बाद कल रात फिर से संघर्ष छिड़ गया। मोहाजिर मुख्य रूप से एमक्यूएम का समर्थन करते हैं। मलिक ने रविवार को हिंसा के लिये तालिबान पर आरोप लगाया था जिससे पिछले पांच दिनों से देश की आर्थिक राजधानी प्रभावित है।