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Exclusive– क्या अयातुल्लाह खामेनेई बंकर में छिपे हैं? NDTV ने ईरान के कंसुल जनरल से पूछे कई सवाल

ईरान के कंसुल जनरल ने कहा कि प्रदर्शन ने हमारी अर्थव्यवस्था को कुछ हद तक प्रभावित किया है, लेकिन हालात काबू में हैं. पिछले कुछ वर्षों में लागू की गई योजनाएं और फैसले प्रभावी रहे हैं.

Exclusive– क्या अयातुल्लाह खामेनेई बंकर में छिपे हैं? NDTV ने ईरान के कंसुल जनरल से पूछे कई सवाल
यातुल्लाह एक सुरक्षित स्थिति में महफूज हैं.
  • ईरान के कंसुल जनरल ने कहा कि अयातुल्लाह खामेनेई बंकर में नहीं छिपे हैं, वे सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं
  • कुल तीन हजार सौ सत्रह लोग मारे गए हैं, जिनमें अधिकांश नागरिक और सुरक्षा बल के जवान शामिल हैं
  • इंटरनेट बंद होने के दो मुख्य कारण हैं, विदेशी तत्वों की उकसावे और ईरान का साइबर हमलों का सामना करना
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ईरान में अभी क्या स्थिति है? कितने लोगों की जान गई है? वहां भारतीयों के क्या हालात है? क्या अयातुल्लाह खामेनेई बंकर में छिपे हैं? और अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भारत-ईरान व्यापार कैसे मजबूत होगा? अगर अमेरिका ईरान पर हमला करे तो ईरान की क्या योजना है? ये सवाल हर किसी के मन में हैं. एनडीटीवी संवाददाता अली अब्बास नकवी ने मुंबई में ईरान के कंसुल जनरल सईद रेजा मोसयेब मोतलघ से एक्सक्लूसिव बातचीत की.

NDTV-ईरान में अभी क्या ताजा हालात हैं?

ईरान के कंसुल जनरल का जवाब- ईरान में कोई आंतरिक संकट नहीं, ये विदेश प्रायोजित आतंकवाद है.

जैसा कि आप जानते हैं, ईरान में आंतरिक संकट दिखाने की बहुत कोशिशें की जा रही हैं, लेकिन मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि अशांति की शुरुआत में ईरान की सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों के प्रति बहुत संयम और लचीलापन दिखाया, जो एक मोड़ आने तक जारी रहा, जो मुझे लगता है कि गुरुवार (8 जनवरी) या शुक्रवार था.

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Photo Credit: Bloomberg

फिर विदेशी ताकतों से निर्देश लेकर कुछ लोगों ने साजिशें रचीं और कई जगहों पर तोड़फोड़ की. दुर्भाग्य से, इस मुद्दे से कुछ नागरिकों में डर फैल गया और उनकी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा, साथ ही सरकारी संपत्तियों को भी क्षति हुई.

दुर्भाग्य से, कुल 3,117 लोग मारे गए, जिनमें 2,427 नागरिक और सुरक्षा बल के जवान थे, और 690 आतंकवादी भी मारे गए.

NDTV-कौन थे वो लोग, जिन्होंने मस्जिद जला दी, क्या वो ईरानी थे या विदेशी नागरिक थे?

ईरान के कंसुल जनरल का जवाब- मुझे कोई रिपोर्ट नहीं मिली कि वे विदेशी नागरिक हैं. शायद मुट्ठी भर लोग होंगे. हालांकि, हम जानते हैं कि इन सभी अपराधियों को विदेशी खुफिया सेवाओं द्वारा प्रशिक्षित किया गया था. मेरी जानकारी के अनुसार, वे सभी ईरानी नागरिक थे, लेकिन वे विदेशी ताकतों द्वारा प्रशिक्षित थे. ईरान ने अब तक हर आक्रमण को हराया है और पूरी तरह तैयार है. उदाहरण है 12 दिवसीय युद्ध में की गई कार्रवाई, या इस आतंकवादी कार्रवाई के खिलाफ दिखाया गया प्रतिरोध.

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यह अशांति सुरक्षा बलों द्वारा, लोगों की मदद से, मात्र दो दिनों में शांत कर दी गई. इसी तरह, यदि कोई ताकत ईरान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई करना चाहती है, तो हम पूरी तरह तैयार हैं अपना बचाव करने के लिए, और हम पूरी ताकत से ऐसा करेंगे.

NDTV-अमेरिका द्वारा प्रतिबंध लगाए हैं. ऐसे में भारत के साथ कैसे ट्रेड कर सकेंगे?

ईरान के कंसुल जनरल का जवाब- ईरान कई वर्षों से विदेशी प्रतिबंधों का सामना और विरोध कर रहा है, जो अनुचित तरीके से लगाए गए हैं, लेकिन ईरान ने दिखाया है कि इन प्रतिबंधों का मुकाबला कर सकता है. इस संबंध में, वह भारत के साथ भी सहयोग करेगा. हालांकि इन प्रतिबंधों ने भारत सहित दुनिया भर के देशों के साथ हमारे सभी आर्थिक संबंधों को प्रभावित किया है, लेकिन समाधान हैं और हमने कुछ उपाय किए हैं. उसी तरह, भारतीयों ने भी हमारे साथ कुछ प्रकार के संबंध बनाए रखने के लिए उपाय किए हैं.

NDTV-क्या ईरान में भारतीय नागरिक पूरी तरह सुरक्षित हैं? क्योंकि परिजन बहुत चिंतित हैं और कुछ लोगों ने अपने बच्चों को वापस भारत भी बुला लिया.

ईरान के कंसुल जनरल का जवाब- ईरान से मिली रिपोर्टों के अनुसार किसी भारतीय नागरिक या किसी विदेशी नागरिक को वहां कोई दिक्कत नहीं हुई. मैंने ईरान से लौटे कुछ भारतीय नागरिकों के इंटरव्यू भी देखे, और मेरे लिए यह दिलचस्प था कि उनमें से कुछ ने कहा कि उन्हें तो पता ही नहीं चला कि कोई अशांति थी. स्पष्ट रूप से, वे कुछ दूरदराज इलाकों में रह रहे थे, जहां कोई अशांति नहीं थी. मैं ईरान में वर्तमान में रहने वाले सभी भारतीयों के परिवारजनों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि वे सभी सुरक्षित और स्वस्थ हैं.

NDTV-इंटरनेट क्यों बंद किया गया?

ईरान के कंसुल जनरल का जवाब- दुर्भाग्य से, दो कारणों से ईरान में इंटरनेट की समस्याएं हो रही हैं. एक चुनौती विदेशी तत्वों की निगरानी है, जो इंटरनेट के माध्यम से अशांति भड़का रहे थे, और इसलिए इस प्रकार की उकसावे को रोकने के प्रयास किए गए. दूसरी चुनौती जिसका हम सामना कर रहे हैं, वह है हमारे इंटरनेट निगरानी सिस्टम पर किए जा रहे साइबर हमले. इन कारणों से, वर्तमान में इंटरनेट में कुछ समस्याएं हैं. हालांकि, हम देख रहे हैं कि इंटरनेट की स्थिति में सुधार हो रहा है, और अधिकारियों ने वादा किया है कि बहुत जल्द इंटरनेट पूरी तरह बहाल हो जाएगा.

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NDTV-क्या अयातुल्लाह खामेनई बंकर में छिपे हैं? 

ईरान के कंसुल जनरल का जवाब- मुझे नहीं लगता कि वर्तमान समय में दुनिया में हमारे नेता जितना मजबूत कोई नेता है. इन सभी आरोपों के बावजूद, वह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य माध्यमों से अधिकारियों के साथ सभी आवश्यक बैठकें कर रहे हैं, जो अयातुल्लाह की वीरता का प्रतीक है. हम किसी विदेशी ताकत से नहीं डरते. इस प्रकार की खबरें विदेश में बसे ईरानी समुदाय द्वारा फैलाई गई हैं, जो इस्लामी गणराज्य के दुश्मन हैं, या उनके कुछ सलाहकारों द्वारा जो ईरानी संस्कृति और ईरानी राष्ट्र की प्रकृति से परिचित या जागरूक नहीं हैं. इसलिए, वे ऐसी अफवाहें फैलाते हैं, जिनमें से कोई भी सत्य नहीं है.

यह स्वाभाविक है कि अयातुल्लाह एक सुरक्षित स्थिति में, एक सुरक्षित कमरे में, सुरक्षा कर्मियों के साथ महफूज हैं, जैसे किसी अन्य देश में होता है. हालांकि, किसी को यह नहीं सोचना चाहिए कि वह बंकर या आश्रय में छिपे हुए हैं. उनकी प्रकृति छिपने की नहीं है, न ही उन्हें जनता की नजर से छिपाने की कोई आवश्यकता है. ये सब अफवाहें हैं.

NDTV- महंगाई रोकने के लिए क्या ईरान के पास अब विकल्प है? जिसकी वजह से प्रदर्शन शुरू हुए.

ईरान के कंसुल जनरल का जवाब- महंगाई के कारण ही  प्रदर्शन शुरू हुए. हां, जैसा आपने कहा, ये प्रदर्शन वस्तुओं की ऊंची लागत के कारण शुरू हुए, जो दुर्भाग्य से भारी प्रतिबंधों से उपजा है, जो अनुचित हैं और ईरान की राष्ट्र के खिलाफ लगाए गए हैं. ये ईरानियों के खिलाफ रोजाना की आर्थिक साजिशें हैं. जैसा मैंने पहले कहा, प्रदर्शन कई दिनों तक शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किए गए.

NDTV-ईरान की इकनॉमी का क्या हाल है?

ईरान के कंसुल जनरल का जवाब- प्रदर्शन ने हमारी अर्थव्यवस्था को कुछ हद तक प्रभावित किया है, लेकिन हालात काबू में हैं. पिछले कुछ वर्षों में लागू की गई योजनाएं और फैसले प्रभावी रहे हैं. हमने पिछले कुछ दिनों में ईरानी मुद्रा के मुकाबले विदेशी मुद्राओं में गिरावट देखी है, साथ ही बाजार में स्थिरता है.

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