अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेहद करीबी और रिपब्लिकन पार्टी के नेता सीनेटर लिंडसे ग्राहम का 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. वे पिछले कुछ दिनों से गंभीर और अचानक उभरी बीमारी से जूझ रहे थे, जिसके बाद उन्होंने अंतिम सांस ली.
अमेरिकी राजनीति में उन्हें युद्ध का कट्टर समर्थक माना जाता था. वे उन गिने-चुने कद्दावर नेताओं में से एक थे, जिन्होंने हाल ही में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए राजी किया था.
ईरान युद्ध के पीछे के दिमाग थे ग्राहम
मार्च के महीने में जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर था, तब यह लिंडसे ग्राहम ही थे जिन्होंने पर्दे के पीछे रहकर जंग के लिए बिसात बिछाई थी. उन्होंने ट्रंप प्रशासन और खुद राष्ट्रपति ट्रंप को इस बात के लिए पूरी तरह आश्वस्त किया था कि ईरान पर सैन्य कार्रवाई करना अमेरिका के हित में क्यों जरूरी है.
'हम बहुत सारा पैसा कमाने जा रहे हैं'
ईरान के खिलाफ युद्ध की भूमिका तैयार होने के दौरान ग्राहम ने खुले तौर पर कहा था, 'हम इस युद्ध से बहुत सारा पैसा कमाने जा रहे हैं.'
उनके इस बयान की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी आलोचना भी हुई थी, लेकिन ग्राहम ने कभी अपने रुख को नहीं बदला. उनका मानना था कि ईरान के खिलाफ युद्ध से अमेरिका का दबदबा बढ़ेगा और अमेरिकी डिफेंस इंडस्ट्री को भी भारी मुनाफा होगा.
ट्रंप के सबसे भरोसेमंद रणनीतिकार
लिंडसे ग्राहम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सबसे करीबी सलाहकारों और दोस्तों में गिने जाते थे. चाहे घरेलू राजनीति हो या फिर दुनिया के दूसरे देशों के साथ जंग का फैसला, ट्रंप अक्सर ग्राहम की सलाह को काफी तवज्जो देते थे. जब कई अन्य अमेरिकी अधिकारी ईरान के साथ सीधे युद्ध में उतरने से कतरा रहे थे, तब ग्राहम ने ट्रंप के साथ लगातार बैठकें करके उन्हें इस जंग के फायदे गिनाए और आखिरकार युद्ध की राह पर आगे बढ़ने के लिए मना लिया.
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