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This Article is From Dec 10, 2011

गिलानी-कयानी मिले, अमेरिका से सम्बंधों पर चर्चा

पाकिस्तानी सेना प्रमुख कयानी ने पाकिस्तानी सीमा चौकियों पर नाटो के हमले के बाद प्रधानमंत्री गिलानी के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की।
इस्लामाबाद: पाकिस्तानी सेना प्रमुख, जनरल अशफाक परवेज कयानी ने पाकिस्तानी सीमा चौकियों पर उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के हमले के बाद प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की। इसके साथ ही गिलानी ने कहा है कि अमेरिका और नाटो के साथ सम्बंधों की समीक्षा की जाएगी। पिछले महीने हुए नाटो के हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई थी। पाकिस्तान की सरकारी समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान (एपीपी) के अनुसार, जनरल कयानी ने शुक्रवार को यहां गिलानी से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के स्वास्थ्य को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है। जरदारी मंगलवार को अचानक दुबई चले गए थे। उसके बाद सैन्य तख्तापलट की अफवाह फैल गई थी, जिसे अमेरिका ने रोका था। एपीपी द्वारा जारी रपट के अनुसार, कयानी ने पाकिस्तानी सीमा में किसी सम्भावित घुसपैठ से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए पश्चिमी सीमा पर रक्षा क्षमताओं को चुस्त करने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी।  ज्ञात हो कि गत 26 नवम्बर को मोहमंद एजेंसी में दो पाकिस्तानी सीमा चौकियों पर नाटो द्वारा किए गए हवाई हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे। इसके बाद पाकिस्तान ने तीखी प्रतिक्रया व्यक्त की थी और अपने देश के रास्ते से अफगानिस्तान जाने वाली नाटो की आपूर्ति तत्काल रोक दी थी और अमेरिका को शम्सी हवाई ठिकाना खाली करने के लिए कह दिया था। गिलानी ने कहा कि लोकतांत्रिक सरकार देश की सम्प्रभुता पर इस तरह के हमलों को इजाजत नहीं देगी और भविष्य में इस तरह के किसी भी दुस्साहस का मुहतोड़ जवाब दिया जाएगा। गिलानी ने कहा कि सरकार और पाकिस्तान की जनता रक्षा एवं पेशेवर क्षमताओं को बढ़ाने के लिए सेना को सभी संसाधन मुहैया कराने के लिए तैयार है। गिलानी ने एक अन्य मौके पर कहा कि उनका देश अमेरिका और नाटो के साथ अपने सम्बंधों की समीक्षा कर रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अमेरिका और नाटो के साथ सहयोग की शर्ते फिर से तय करने जा रहा है। गिलानी, पाकिस्तान चिकित्सा विज्ञान संस्थान में उन मरीजों का हाल जानने गए थे, जिनकी आंखों का ऑपरेशन चीनी शल्य चिकित्सकों ने 'ब्राइट लाइट टूर' नामक एक कार्यक्रम के तहत किया है। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के भविष्य पर केंद्रित पांच दिसम्बर के बॉन सम्मेलन का बहिष्कार कर दिया था। एपीपी के अनुसार, गिलानी ने कहा कि पाकिस्तान-अमेरिका के सम्बंधों में उतार-चढ़ाव आता रहा है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर नाटो के हमले के सम्बंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में गिलानी ने कहा कि इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा सम्बंधी संसदीय समिति के पास भेज दिया गया है, जो अमेरिका और नाटो के साथ सम्बंधों की समीक्षा करने की सिफारिश करेगी। गिलानी ने कहा, "हम इस घटना की जांच भी कर रहे हैं।" इससे अलग, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस, 10 दिसम्बर के मौके पर जारी एक संदेश में गिलानी ने कहा है कि पाकिस्तान मानवाधिकारों की रक्षा करने और उसे बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। गिलानी ने कहा कि उनके देश का संविधान अल्पसंख्यकों सहित अपने सभी नागरिकों को आजादी की गारंटी देता है।
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