दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन ने साउथ जोन पर अपनी पकड़ बेहद मजबूत कर ली है. एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे खिताबी मुकाबले के चौथे दिन तक ईस्ट जोन ने दूसरी पारी में 5 विकेट पर 212 रन बना लिए थे और खबर लिखे जाने तक उसकी कुल बढ़त 610 रन तक पहुंच चुकी है. ऐसे में पांचवें और आखिरी दिन टीम जहां जीत के साथ ट्रॉफी अपने नाम करने की दावेदार है, वहीं उसके पास टूर्नामेंट इतिहास के सबसे बड़े जीत के अंतर का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ने का भी बड़ा मौका है.
दलीप ट्रॉफी इतिहास में सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड
दलीप ट्रॉफी इतिहास में सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड फिलहाल सेंट्रल जोन के नाम है, जिसने 2023 में नॉर्थ ईस्ट जोन को 511 रन से हराया था. ईस्ट जोन की कुल बढ़त अब 610 रन के पार पहुंच चुकी है, लेकिन सिर्फ इतनी बढ़त बना लेने से रिकॉर्ड नहीं टूटेगा. नया रिकॉर्ड तभी बनेगा जब साउथ जोन अपनी दूसरी पारी में बल्लेबाजी करे और लक्ष्य का पीछा करते हुए उससे कम पर आउट हो जाए. उदाहरण के तौर पर यदि ईस्ट जोन 610 रन का लक्ष्य देता है और साउथ जोन 98 रन पर सिमट जाता है, तो जीत का अंतर 512 रन होगा और नया रिकॉर्ड बन जाएगा.
ऐसे में नहीं टूटेगा दलीप ट्रॉफी की सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड
अगर किसी कारण से साउथ जोन बल्लेबाजी के लिए मैदान पर नहीं उतरता और मैच का फैसला पहली पारी की बढ़त के आधार पर होता है, तो उसे रनों के अंतर से मिली जीत नहीं माना जाएगा. ऐसे में दलीप ट्रॉफी की सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड नहीं टूटेगा, क्योंकि रिकॉर्ड केवल उन मैचों में गिना जाता है जिनका परिणाम टीम की दूसरी पारी में बने रन और लक्ष्य के अंतर से तय हुआ हो.
दलीप ट्रॉफी इतिहास में रनों के लिहाज से 5 सबसे बड़ी जीत
रनों के लिहाज से सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड सेंट्रल जोन के नाम दर्ज है. सेंट्रल जोन ने 2023 में नॉर्थ ईस्ट जोन को 511 रन के विशाल अंतर से हराकर टूर्नामेंट की सबसे बड़ी जीत दर्ज की थी. इस सूची में दूसरे स्थान पर इंडिया रेड है, जिसने 2017 में इंडिया ब्लू को 163 रन से हराया था. तीसरे और चौथे स्थान पर क्रमशः सेंट्रल जोन और वेस्ट जोन हैं, जिन्होंने 1996 और 2002 में 161-161 रन के अंतर से जीत हासिल की थी. वहीं, नॉर्थ जोन 1987 में साउथ जोन को 149 रन से हराकर इस लिस्ट में पांचवें स्थान पर है.
हालांकि, फर्स्ट क्लास क्रिकेट में जीत सिर्फ रनों के अंतर से ही नहीं, बल्कि पारी और रनों के अंतर से भी दर्ज की जाती है. दलीप ट्रॉफी के इतिहास में कई मुकाबलों का नतीजा इसी तरह निकला है. 1972-73 के फाइनल में वेस्ट जोन ने सेंट्रल जोन को एक पारी और 172 रन से हराकर एकतरफा जीत दर्ज की थी. वहीं हाल के वर्षों में ईस्ट जोन ने नॉर्थ ईस्ट जोन को एक पारी और 210 रन से मात देकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया था. ऐसे में अब दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में साउथ जोन के खिलाफ 584 रन की बढ़त बना चुकी ईस्ट जोन की टीम के पास इतिहास की सबसे बड़ी जीत का रिकॉर्ड अपने नाम करने का सुनहरा मौका है.
| रैंक | विजेता टीम | जीत का अंतर | विरोधी टीम | वर्ष |
|---|---|---|---|---|
| 1 | सेंट्रल जोन | 511 रन | नॉर्थ ईस्ट जोन | 2023 |
| 2 | इंडिया रेड | 163 रन | इंडिया ब्लू | 2017 |
| 3 | सेंट्रल जोन | 161 रन | साउथ जोन | 1996 |
| 4 | वेस्ट जोन | 161 रन | सेंट्रल जोन | 2002 |
| 5 | नॉर्थ जोन | 149 रन | साउथ जोन | 1987 |
ईस्ट जोन की इस सफलता के पीछे कप्तान ईशान किशन की शानदार बल्लेबाजी रही. उन्होंने पहली पारी में 270 रन और दूसरी पारी में 80 रन बनाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. पहली पारी में ईस्ट जोन ने 708 रन बनाए थे, जिसके जवाब में साउथ जोन की टीम 336 रन पर सिमट गई. पहली पारी के आधार पर 372 रन की बढ़त मिलने के बावजूद ईस्ट जोन ने फॉलोऑन नहीं दिया और दूसरी पारी खेलते हुए मैच पर पूरी तरह शिकंजा कस लिया.
अगर यह मुकाबला ड्रॉ भी रहता है तो पहली पारी में मिली बढ़त के आधार पर ईस्ट जोन को विजेता घोषित कर दिया जाएगा.
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