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This Article is From Jan 08, 2011

कनिष्क धमाके के दोषी को 9 साल की और कैद

1985 में कनिष्क विमान में विस्फोट के मामले में सजा काट रहे इंद्रजीत सिंह रेयत को झूठा बयान देने के मामले में 9 साल और जेल की सजा सुनाई गई है।
टोरंटो: 1985 में एयर इंडिया के कनिष्क विमान में विस्फोट के मामले में सजा काट रहे इंद्रजीत सिंह रेयत को वैंकूवर की अदालत ने झूठा बयान देने के मामले में शुक्रवार को 9 साल और जेल की सजा सुनाई है। 23 जून, 1985 को मांट्रियल से दिल्ली जा रहे एयर इंडिया कनिष्क विमान 182 में आयरलैंड के करीब हवा में विस्फोट हो गया था। विमान में सवार सभी 329 लोगों की मौत हो गई थी। इसके एक घंटे बाद ही टोक्यो से मुंबई जा रहे एयर इंडिया के विमान में रखे जाने वाले सामान में टोक्यो हवाई अड्डे पर ही विस्फोट हो गया था, जिससे दो लोगों की मौत हुई थी। दोनों बम विस्फोटों का षड्यंत्र वैंकूवर स्थित खालिस्तानी कट्टरपंथी आतंकियों ने स्वर्ण मंदिर पर कार्रवाई के विरोध में रचा था। रेयत ने स्वीकार किया था कि वह इस साजिश में शामिल था। वर्ष 1991 में उसे 10 साल जेल की सजा सुनाई गई थी।
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