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ओमान से 2.5 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर भारत पहुंचा टैंकर, 22 जहाज अब भी होर्मुज में फंसे

कच्चे तेल का टैंकर MT Flora ओमान से लगभग 2.5 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर ओडिशा के पारादीप पोर्ट पहुंचा है. ईरान, इज़रायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के बीच पारादीप पहुंचने वाला कच्चे तेल का यह पहला जहाज है.

ओमान से 2.5 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर भारत पहुंचा टैंकर, 22 जहाज अब भी होर्मुज में फंसे

भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में कच्चे तेल का टैंकर MT Flora ओमान से लगभग 2.5 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर ओडिशा के पारादीप पोर्ट पहुंचा है. यह खेप ऐसे समय में आई है, जब वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव तेल आपूर्ति श्रृंखलाओं को प्रभावित कर रहा है. खास बात यह है कि ईरान, इज़रायल और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच पारादीप पहुंचने वाला यह पहला कच्चे तेल का जहाज है. 

रूसी तेल लेकर पारादीप पहुंचा पहला टैंकर

ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नाकाबंदी कर रखी है. इसकी वजह से वैश्विक तेल व्यापार मार्ग लगभग ठप हो गया है. तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. ऐसे में एमटी फ्लोरा के आने को भारत में घरेलू ईंधन मांग को पूरा करने के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. 

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पोर्ट और उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, ओमान से आए इस टैंकर में रूस का निर्यात ग्रेड का कच्चा तेल है. इसका भारत पहुंचना अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताओं के बीच भारत की ऊर्जा आयात को विविध बनाने की रणनीति को दर्शाता है. पूर्वी भारत में पारादीप पोर्ट एक प्रमुख तेल हैंडलिंग हब है, जो क्षेत्र में निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की समय पर आपूर्ति बाजार को स्थिर रखने और वैश्विक तनाव के कारण संभावित कमी से बचाने में मदद करेगी.

होर्मुज में 22 जहाज अब भी फंसे

इस बीच, नई दिल्ली में पोत परिवहन मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि पश्चिम एशिया में संघर्ष की वजह से भारत के 22 जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं. इन जहाजों पर 16.7 लाख टन कच्चा तेल, 3.2 लाख टन एलपीजी और लगभग दो लाख टन एलएनजी लदी है. ये जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आगे जाने का इंतजार कर रहे हैं. 

सरकार ने बताया, कहां कितने जहाज

सिन्हा ने बताया कि पश्चिम एशिया में जंग छिड़ने के वक्त भारतीय झंडे वाले 28 जहाज होर्मुज में मौजूद थे. इनमें से 24 जहाज जलडमरूमध्य के पश्चिमी किनारे पर जबकि चार जहाज पूर्वी किनारे पर थे. पिछले हफ्ते दोनों किनारों से दो-दो जहाज सुरक्षित निकलने में सफल रहे.  अब भारतीय ध्वज वाले 22 जहाज पश्चिमी किनारे पर फंसे हुए हैं और उन पर सवार सभी 611 नाविक सुरक्षित हैं. 

किस टैंकर में क्या-क्या माल

उन्होंने बताया कि इन फंसे जहाजों में छह एलपीजी टैंकर, एक तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) टैंकर, चार कच्चा तेल टैंकर, एक रासायनिक उत्पाद वाहक, तीन कंटेनर जहाज और दो थोक मालवाहक शामिल हैं.  इसके अलावा एक ड्रेजर, एक खाली जहाज और तीन जहाज सूखी गोदी में रखरखाव के लिए मौजूद हैं. 

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