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इसका स्पर्म उसको, उसका एग किसी और को... IVF क्लिनिक का ऐसा कांड, 30 बच्चों की जिंदगी पर सवाल

30 बच्चों के माता-पिता ने इन डोनर को चुनने में काफी सावधानी बरती थी. डोनर की मेडिकल हिस्ट्री, शक्ल-सूरत, व्यक्तित्व, पढ़ाई और शौक जैसी जानकारियां देखीं. तब जाकर डोनर चुना था.

इसका स्पर्म उसको, उसका एग किसी और को... IVF क्लिनिक का ऐसा कांड, 30 बच्चों की जिंदगी पर सवाल
उत्तरी साइप्रस में IVF क्लिनिक का ऐसा कांड, 30 बच्चों की जिंदगी पर सवाल

सोचिए, किसी कपल को बच्चा नहीं हो रहा. वो मेडिकल तकनीक का सहारा लेते हैं. होने वाले बच्चे के लिए कई महीनों तक तैयारी करते हैं. IVF के लिए एक खास स्पर्म या एग डोनर चुनते हैं और मानते हैं कि वह बच्चे का जन्म उसी डोनर की मदद से होगा. लेकिन बाद में पता चले कि क्लिनिक ने आपकी पसंद का डोनर इस्तेमाल ही नहीं किया. उत्तरी साइप्रस में कुछ ऐसा ही हुआ है इसने कई परिवारों को हिला दिया है. दावा है कि कम से कम 30 बच्चों के IVF ट्रीटमेंट में गलत स्पर्म या एग डोनर का इस्तेमाल हुआ हो सकता है.

इन सभी मामलों में माता-पिता को शक है कि IVF ट्रीटमेंट के दौरान उनके चुने हुए डोनर का इस्तेमाल नहीं किया गया. इनमें से ज्यादातर बच्चे ब्रिटेन के हैं. यह मामला BBC की एक जांच में सामने आया है. इससे पहले इसी साल ऐसी ही जांच में पहले 7 मामले सामने आए थे. BBC की रिपोर्ट के अनुसार अब ऐसे मामलों की संख्या कम से कम 30 होने की बात सामने आई है.

माता-पिता ने चुन-चुनकर निकाले थे डोनर लेकिन...

माता-पिता ने इन डोनर को चुनने में काफी सावधानी बरती थी. उन्होंने डोनर की मेडिकल हिस्ट्री, शक्ल-सूरत, व्यक्तित्व, पढ़ाई और शौक जैसी जानकारियां देखीं. इसके बाद अपनी पसंद का डोनर चुना. लेकिन अब उन्हें शक है कि उनके IVF ट्रीटमेंट में उनकी पसंद के स्पर्म या एग डोनर का इस्तेमाल नहीं हुआ. इन 30 बच्चों में से करीब आधे बच्चों का IVF ट्रीटमेंट एक ही क्लिनिक में हुआ था. रिपोर्ट के अनुसार इस क्लिनिक का नाम Dogus IVF Centre है.

रिपोर्ट के अनुसार इनमें से एक मां रिचेल ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है. उन्हें हाल ही में पता चला कि क्लिनिक ने उनके ट्रीटमेंट में उनकी पसंद के बजाय किसी दूसरे स्पर्म डोनर का इस्तेमाल किया था. कई मरीजों के इलाज में तीन डॉक्टर और हॉस्पिटल अधिकारी शामिल थे- डॉ. फिरदेव्स उगुज टिप, डॉ. सेवकेट अल्पतुर्क और पेशेंट कोऑर्डिनेटर जूली हॉडसन. माता-पिता को शक है कि इन लोगों ने उन्हें गलत जानकारी दी हो सकती है. 

इस रिपोर्ट के अनुसार यह भी पता चला कि दुनिया के सबसे बड़े स्पर्म बैंक क्रायोस इंटरनेशनल ने 2016 से Dogus IVF Centre को ब्लैकलिस्ट कर दिया था.

यहां नियम काफी ढीले

उत्तरी साइप्रस में यूरोपीय संघ के कानून लागू नहीं होते. इस इलाके को कानूनी तौर पर सिर्फ तुर्की मान्यता देता है. यहां IVF क्लिनिक पर नियम भी काफी ढीले हैं. कम कीमत, इलाज की ज्यादा सफलता और कई तरह के स्पर्म-एग डोनर की सुविधा के कारण उत्तरी साइप्रस ब्रिटेन के लोगों के लिए IVF ट्रीटमेंट का एक लोकप्रिय ठिकाना है. इसे आप मेडिकल टूरिज्म का ठिकाना मान सकते हैं. लेकिन अब इन 30 बच्चों के मामले ने वहां के IVF सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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