- इजरायल गाजा पट्टी से फिलिस्तीनी जनता को पूरी तरह बाहर निकालना चाहता है, इसके लिए अमेरिकी समर्थन मांगा रहा है
- इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने गाजा के फिलिस्तीनियों के विस्थापन को वास्तविक समाधान बताया है
- ट्रंप ने 2025 में गाजा पर अमेरिकी नियंत्रण और फिलिस्तीनियों के हटाने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में पीछे हटे
गाजा के लगभग 60-70 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा करने के बाद भी इजरायल का मन नहीं भरा है. अब वह पूरे गाजा से ही फिलिस्तीनी जनता को भगाना चाहता है. इजरायल के रक्षा मंत्री ने तो साफ कह दिया है कि कि उनका देश गाजा पट्टी से फिलिस्तीनियों को बाहर निकालने की योजना को मंजूरी दिलाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन मांग रहा है. इजरायल की यह मंशा कोई नई नहीं है. इस योजना की बड़े पैमाने पर निंदा की गई है और इसे संभावित युद्ध अपराध माना जा रहा है.
द गार्डियन ने इसको लेकर एक रिपोर्ट छापी है. इसके अनुसार एक इजरायली न्यूज वेबसाइट और अखबार द्वारा आयोजित एक कॉन्फ्रेंस में रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा कि "इस विस्थापन के बिना आखिरकार गाजा के लिए कोई वास्तविक समाधान नहीं है". उन्होंने कहा कि इजरायली सरकार उन्हें समुद्र, हवा और हर संभव तरीके से बाहर निकालने के लिए संगठित और तैयार है.
ट्रंप ने तो पहले ही देखा था सपना
ट्रंप ने 2025 की शुरुआत में गाजा पट्टी पर अमेरिकी नियंत्रण की बात की थी. इसमें उस इलाके से फिलिस्तीनियों को हटाना शामिल था, लेकिन बाद में वे इस प्लान से पीछे हट गए. पिछले साल जब व्हाइट हाउस ने 20-सूत्रीय शांति योजना तैयार किया था तो उसमें फिलिस्तीनियों को निर्वासित करने की बात नहीं कही गई थी. ऐसा करने को बड़े पैमाने पर जातीय सफाए के तौर पर देखा जाता.
उन्होंने कहा कि जो भी देश फिलिस्तीनियों को अपने यहां बसाने को तैयार है, उसे अमेरिकी समर्थन चाहिए. "ट्रंप ने अभी इसे रद्द नहीं किया है. उन्होंने इसे फिलहाल रोक दिया है."
ध्यान रहे कि यह बातें उस समय की जा रही हैं जब इजरायल में होने जा रहे चुनाव के बीच गहमागहमी बनी हुई है. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके दक्षिणपंथी सहयोगियों ने फिलिस्तीनियों के खिलाफ ज्यादा सख्त कदम उठाने की बात कहकर वोटरों को लुभाने की कोशिश की है.
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