- इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि ईरान ने उनके एक बेटे को मारने की कोशिश की थी
- नेतन्याहू ने साजिश की तारीख, बेटे का नाम और योजना की गहराई के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी
- फरवरी में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद तनाव और बढ़ गया है
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बहुत बड़ा दावा किया है. सोमवार को नेतन्याहू ने कहा कि ईरान ने उनके एक बेटे को मारने की कोशिश की थी. हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि यह कथित साजिश कब हुई थी, उनके किस बेटे को निशाना बनाया गया था या उसे अंजाम देने की कोशिश कितनी आगे तक पहुंची थी. लेकिन नेतन्याहू के इस आरोप से पता चलता है कि फरवरी में अमेरिका-इजरायल का ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू होने के बाद तनाव कितना बढ़ गया है. इस युद्ध के दौरान ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई और कई अन्य बड़े ईरानी नेताओं की मौत हो चुकी है.
सच्चाई या फिर चुनाव की मजबूरी
इजरायल में अक्टूबर 27 को आम चुनाव होने वाले हैं. चुनावों से दो महीने पहले नेतन्याहू के गठबंधन की स्थिति कमजोर चल रही है, सर्वे बता रहा कि उसकी हालत कमजोर है. इसी बीच नेतन्याहू ने इजरायल के चैनल 14 को फोन पर दिए एक इंटरव्यू में यह दावा किया. वह उन खबरों पर जवाब दे रहे थे जिनमें कहा गया था कि इजरायल की एक सुरक्षा एजेंसी ने देशभर में होने वाले चुनाव से पहले नेतन्याहू के एक राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी को सुरक्षा देने से इनकार कर दिया था.
नेतन्याहू सरकार के पक्ष में खबरों के लिए जाने जाने वाले इस टीवी चैनल से नेतन्याहू ने कहा, “जहां तक मेरे बेटों की बात है, मुझे लगता है कि यहां कुछ ऐसा है जिस पर विश्वास करना काफी मुश्किल है. ईरान ने मेरे एक बेटे को निशाना बनाया. ईरान ने मेरे एक बेटे को मारने की कोशिश की.” उन्होंने कह कि ईरान ने मेरे एक बेटे को मारने की कोशिश की और इसलिए यह सुरक्षा देना कोई ऐशो-आराम की चीज नहीं है. हालांकि, उन्होंने कथित साजिश के बारे में कोई और जानकारी नहीं दी और यह भी नहीं बताया कि इसे अंजाम देने की कोशिश कितनी आगे तक पहुंची थी.
क्या विपक्षी उम्मीदवारों को सुरक्षा नहीं दे रही एजेंसी?
इजरायली मीडिया ने इससे पहले खबर दी थी कि डेविड जिनी ने गादी आइजेनकोट को सुरक्षा देने से इनकार कर दिया था. उन्होंने देश के चुनाव अधिकारियों से कहा था कि आइजेनकोट को नुकसान पहुंचाने की कोई साजिश नहीं है. बता दें कि चुनाव में आइजेनकोट की पार्टी को सबसे ज्यादा सीटें मिलने का अनुमान है. हालांकि, इजरायल में सरकार आमतौर पर एक ही पार्टी के बहुमत से नहीं बनती. वहां कई पार्टियां मिलकर गठबंधन बनाती हैं और फिर सरकार बनती है.
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