अमेरिका और ईरान में संघर्षविराम के बीच लेबनान में इजरायल ने सबसे बड़ा हमला बोला है. संघर्षविराम के 24 घंटों के भीतर इस हमले में 254 लोग मारे गए हैं और 1100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. यह इजरायल का लेबनान में 30 साल का सबसे भीषण हमला है. इजरायल का दावा है कि वो लेबनान में ईरान समर्थित लड़ाकों के ठिकानों को निशाना बना रहा है. NDTV ने लेबनान से ग्राउंड रिपोर्ट में वहां के भयावह हालात बयां किए हैं.
इजरायली सेना ने 10 मिनट के भीतर 100 से अधिक हवाई हमले किए. बेरूत और दक्षिण लेबनान के अस्पतालों में सैकड़ों घायल इलाज के लिए जूझ रहे हैं. सिविल सिक्योरिटी के अनुसार, हमलों में 250 से ज्यादा लोगों की मौत और 1100 से अधिक घायल हैं. मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है. कई लोग अभी भी गंभीर हालत में हैं. बचाव दल अभी भी लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं. ध्वस्त हुईं इमारतों के मलबे के नीचे फंसे लोगों तक पहुंचने में बचाव दल जुटे हैं. संघर्षविराम के बीच लेबनान में सबसे पहले बड़ा हमला साइदा शहर में हुआ, जहां आठ लोग मारे गए और 22 लोग घायल हुए. बालबेक शहर में जनाजे को टारगेट किया गया, जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई.

Israel airstrike in Lebanon
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आवासीय इलाकों में ज्यादा नुकसान
लेबनान में अधिकांश हमले घनी आबादी वाले इलाकों को निशाना बनाकर किए गए हैं, जिससे भारी नुकसान हुआ और कई लोगों की जान गई. ऊंची इमारतों के मलबे में दबी जिंदगियों को खोजना मुश्किल हो रहा है. कई स्थानों पर बचाव दल और नागरिक सुरक्षा दल को घायलों तक पहुंचने के लिए मलबा हटाने का काम कर रहे हैं. इजरायली सेना ने कहा कि इस अभियान में 50 लड़ाकू विमानों ने भाग लिया और हिजबुल्ला के ठिकानों पर 100 से अधिक हमले किए गए. बेरूत का वो इलाका भी भीषण विस्फोटों से हिल गया, जहां पारंपरिक रूप से हिजबुल्ला की पैठ नहीं रही है.
रक्तदान की अपील
इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के हैरोफ कस्बे में भी एयरस्ट्राइक की है. हमले के शिकार अस्पताल में भर्ती कुछ मरीजों का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि हमला कैसे हुआ और वो कुछ सेकेंडों के भीतर मलबे में दब गए. लेबनान रेडक्रॉस ने मरीजों की बढ़ती तादाद को देखते हुए लोगों से रक्तदान की अपील की है.
हिजबुल्ला को निशाना बनाने का इजरायल का दावा
ईरान और अमेरिका के बीच हुए 14 दिनों के संघर्षविराम के बीच इजरायल पर लेबनान के हमले काफी तेज हुए हैं. इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच हुए संघर्षविराम समझौते में लेबनान शामिल नहीं है. इजरायली हमलों के जवाब में ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा बंद कर दिया है.

Israel airstrike in Lebanon
ईरान की होर्मुज बंद करने की धमकी
ईरान की तसनीम समाचार एजेंसी के अनुसार, ईरान ने धमकी दी है कि यदि इजरायल लेबनान पर हमले जारी रखता है तो वह अस्थायी युद्धविराम से पीछे हट जाएगा. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम में मध्यस्थता की थी. शरीफ का दावा है कि लेबनान को समझौते में शामिल किया गया था. शहबाज शरीफ ने X पर एक पोस्ट में सभी पक्षों से संयम बरतने और दो हफ्ते तक युद्धविराम का पालन करने की अपील की है, ताकि मिडिल ईस्ट संकट का कूटनीतिक हल निकाला जा सके.
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Israel attack in Lebanon
लेबनान के राष्ट्रपति ने बर्बर हमला बताया
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने हमलों की निंदा करते हुए उन्हें बर्बर बताया. औन ने कहा, इजरायल एक बार फिर अपनी आक्रामकता पर अड़ा है. उसने अपने रिकॉर्ड में एक और नरसंहार जोड़ा है. वो सभी मानवीय मूल्यों की घोर अवहेलना कर रहा है. हालात को नियंत्रण में करने के सभी प्रयासों पर वो पानी फेर रहा है.
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