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इधर ट्रंप ने फिर से जंग की जताई आशंका, उधर इजरायल ने हिजबुल्लाह के 100 से ज्यादा ठिकानों पर दाग दी मिसाइलें

IDF ने कहा कि हिजबुल्लाह के लगभग 120 ठिकानों को जमींदोज कर दिया गया. सैन्य बयान में कहा गया है कि इन हमलों का मकसद उस 'आतंकी ढांचे' को खत्म करना था

इधर ट्रंप ने फिर से जंग की जताई आशंका, उधर इजरायल ने हिजबुल्लाह के 100 से ज्यादा ठिकानों पर दाग दी मिसाइलें
IDF ने कहा कि जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें 70 सैन्य ढांचे और लगभग 50 हिजबुल्लाह से जुड़ी अन्य इमारतें शामिल थीं.
Reuters

मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीदों के बीच तनाव की लपटें फिर तेज हो गई हैं. इजरायली सेना (IDF) ने दक्षिण लेबनान में हिजबुल्लाह के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए 100 से ज्यादा हमले किए हैं.

इजरायली रक्षा बलों (IDF) के अनुसार, शनिवार को हुए इन हमलों में हिजबुल्लाह के लगभग 120 ठिकानों को जमींदोज कर दिया गया. सैन्य बयान में कहा गया है कि इन हमलों का मकसद उस 'आतंकी ढांचे' को खत्म करना था, जिसका इस्तेमाल इजरायली सैनिकों और नागरिकों पर हमले की योजना बनाने के लिए किया जा रहा था. इजरायल का दावा है कि उसके सैनिकों के करीब सक्रिय कई लड़ाकों को भी इस दौरान ढेर कर दिया गया है. 

कमांड सेंटर और हथियारों के गोदाम जमींदोज

IDF ने कहा कि जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, उनमें 70 सैन्य ढांचे और लगभग 50 हिजबुल्लाह से जुड़ी अन्य इमारतें शामिल थीं. इनमें हिजबुल्लाह के रणनीतिक कमांड सेंटर, हथियारों के भंडारण केंद्र और सैन्य इमारतें शामिल हैं. इजरायल का कहना है कि ये सभी स्थान इजरायली सीमा की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बने हुए थे.

इजरायली सैन्य प्रवक्ता ने कहा, "राजनीतिक नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार, IDF इजरायली नागरिकों और सैनिकों के खिलाफ किसी भी खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगा और अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा"

गाज़ा में भी 'येलो लाइन' पर मुठभेड़

लेबनान के साथ-साथ दक्षिणी गाज़ा पट्टी में भी शनिवार को माहौल तनाव भरा रहा. IDF ने रिपोर्ट दी कि उनके सैनिकों ने चार सशस्त्र लोगों को 'येलो लाइन' पार करते हुए देखा. ये लोग इजरायली चौकियों की ओर बढ़ रहे थे. सेना ने इसे 'तत्काल खतरा' मानते हुए जवाबी फायरिंग शुरू कर दी.

इस मुठभेड़ में तीन लड़ाके मौके पर ही मारे गए, जबकि चौथे को गोली लगने की पुष्टि हुई है. इजरायल के 'सदर्न कमांड' ने साफ किया है कि वे मौजूदा संघर्ष विराम समझौते के नियमों के तहत ही तैनात हैं, लेकिन यदि कोई खतरा करीब आता है, तो उसका जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा.

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