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वोट से पहले इजरायलियों को दिखाया एटम बम का डर, आज हो रहे चुनाव को जीतने की नेतन्याहू की 3 आखिरी कोशिश

इजरायल के बेहद मंझे हुए राजनेता, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सामने मंगलवार के चुनाव में अपने राजनीतिक करियर की सबसे बड़ी चुनौती है. वे मतदाताओं को यह भरोसा या डर दिलाने की कोशिश कर रहे हैं कि केवल वही एक ऐसे उम्मीदवार हैं जो उन्हें सुरक्षित रख सकते हैं.

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Israel Election 2026: बेंजामिन नेतन्याहू का राजनीतिक करियर दांव पर है

आज इजरायल के 73 लाख वोटर यह तय करने के लिए बाहर निकलेंगे कि देश की कमान किसके हाथ में जाएगी. आज की वोटिंग से यह फैसला हो जाएगा कि 34 पार्टियों में से कौन सी पार्टी संसद पर कंट्रोल पाने की स्थिति में होगी. यह चुनाव देश के मौजूदा पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के राजनीतिक करियर का सबसे बड़ा चुनाव होने जा रहा है. या तो वह बेताज बादशाह बन जाएंगे या फिर उनकी राजनीति पर फुलस्टॉप लग सकता है. नेतन्याहू किसी कीमत पर पीएम की कुर्सी नहीं छोड़ना चाहते. नेतन्याहू हर पैंतरा आजमाते दिख रहे हैं- और सबसे बड़ा आरोप उन पर लग रहा है कि वह वोटिंग से ठीक पहले ईरान पर एक और नया हमला करके खुद के पक्ष में माहौल बनाना चाहते थे. एक बाहरी दुश्मन को दिखाकर वोट लामबंद करना चाहते थे.

7 अक्टूबर 2023 को हमास के हमले के बाद आज पहली बार वोटिंग हो रही है. नेतन्याहू 19 सालों से सत्ता के केंद्र में रहे हैं. वह अपने गठबंधन को पूरे 4 साल के कार्यकाल तक सत्ता में बनाए रखने में सफल रहे हैं - जो इजरायल की राजनीति में एक दुर्लभ बात है. अब उनके सामने एक बड़ी चुनौती इजरायली सेना के पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ गादी आइसेनकोट और उनकी 'यशार' पार्टी के रूप में आई है. यह पार्टी फिलहाल अलग-अलग ओपिनियन सर्वे में सबसे आगे चल रही है. चलिए आपको बताते हैं कि कैसे नेतन्याहू ने ईरान पर हमले और इजरायल की न्यूक्लियर तबाही के डर को भुनाने की कोशिश की है.

1- चुनाव से पहले ईरान पर हमले के लिए सेना पर दबाव बना रहे थे नेतन्याहू

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार चुनाव से पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कई हफ्तों तक ईरान पर एक और हवाई हमला करने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें सेना के चीफ ऑफ स्टाफ के विरोध का सामना करना पड़ा. यह जानकारी इजरायल के तीन सीनियर रक्षा अधिकारियों और इस मामले की जानकारी रखने वाले तीन अन्य लोगों के हवाले से इस रिपोर्ट में दी गई है.

रिपोर्ट के अनुसार इसके बाद, पिछले कुछ दिनों में चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर को चिंता हुई कि नेतन्याहू ईरान के खिलाफ कोई अलग तरह की कार्रवाई करने का दबाव बना रहे हैं - जो सीधे हवाई हमले से तो अलग है, लेकिन क्या कार्रवाई होगी, इसके बारे में किसी ने विस्तार से नहीं बताया. जनरल जमीर का मानना ​​था कि यह एक गलत कदम साबित हो सकता है, जिससे ईरान भड़क सकता है और इजरायल पर हमला कर सकता है.

ठीक यही रिपोर्ट इजरायल के चैनल 12 न्यूज ने भी छापी है. रिपोर्ट के अनुसार जमीर ने नेतन्याहू से साफ कहा कि वह सेना को जो भी निर्देश देना चाहते हैं, उन्हें लिखित रूप में दिया जाए. हालांकि नेतन्याहू ने इस रिपोर्ट का खंडन किया, और बाद में रक्षा मंत्रालय ने भी ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान चलाने के किसी भी इरादे से इनकार किया.

2- ट्रंप से भी ईरान पर हमला करने के लिए कहा

CNN की रिपोर्ट के अनुसार बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी ईरान पर नए हमले करने के लिए जोर दिया है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने उनसे अनुरोध किया है कि वे तब तक इंतजार करें जब तक कि ट्रंप सरकार संयुक्त अभियान चलाने के लिए तैयार न हो जाए. इजरायली सुरक्षा सूत्र ने CNN को बताया, "नेतन्याहू वास्तव में चाहते थे और उन्होंने चुनावों से पहले ईरान पर संयुक्त हमले के लिए ट्रंप को मनाने की कोशिश भी की, लेकिन ट्रंप ने इसके लिए हरी झंडी नहीं दी." 

बता दें कि ट्रंप खुद अमेरिकी के मिडटर्म चुनाव में उलझे हैं और ईरान जंग, महंगाई जैसे मुद्दों की वजह से वह और उनकी पार्टी पिछड़ती दिख रही है. ट्रंप की खुद की अप्रूवल रेटिंग अबतक के सबसे निचले स्तर पर है.

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3- नेतन्याहू ने इजरायलियों को दिखाया न्यूक्लियर तबाही का डर

नेतन्याहू पर यह भी आरोप हैं कि वह इजरायल की जनता को न्यूक्लियर तबाही का डर दिखाकर वोट अपने पक्ष में करना चाहते हैं. इजरायल के प्रधानमंत्री ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर पोस्ट की, जो AI से बनाई गई थी. तस्वीर में परमाणु बम से तेल अवीव शहर तबाह हो रहा था. नेतन्याहू ने इस पोस्ट में वोटरों से कहा कि या तो उन्हें वोट दो, नहीं तो परमाणु हमले में सब मरोगे.

उन्होंने ईरान के परमाणु प्रोग्राम पर पोस्ट करते हुए लिखा, “जिसे अपनी, अपने परिवार और अपने चाहने वालों की जान की परवाह है, वह किसी ऐसे व्यक्ति को वोट देने से पहले कांपेगा जो मिशन पूरा नहीं कर पाएगा, और अपनी राजनीतिक नफरत या किसी छोटी-मोटी झूठी अफवाह के कारण खुद को और अपने परिवार को दूसरे होलोकॉस्ट के खतरे में डाल देगा.

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