न्यूयार्क:
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने इस्लामी आतंकवादियों की घुसपैठ को लेकर कटु रिपोर्ट लिखने वाले पाकिस्तान के पत्रकार सलीम शहजाद की हत्या का आदेश दिया था। न्यूयार्क टाइम्स ने ओबामा प्रशासन के दो वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से बताया कि पत्रकार शहजाद (40) के 29 मई को इस्लामाबाद से लापता होने से पूर्व और उनका शव बरामद होने के बाद प्राप्त खुफिया जानकारी से पता लगता है कि खुफिया एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों ने कटु आलोचना के लिए उन पर हमले का निर्देश दिया था। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि उन्हें लगता है कि खुफिया जानकारी विश्वसनीय है और दर्शाती है कि आईएसआई की कार्रवाई बर्बर और अस्वीकार्य है। इस जानकारी का खुलासा अल कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद पहले से तल्ख चल रहे अमेरिका और पाकिस्तान के बीच संबंधों को और खराब कर सकता है। अखबार ने एक अधिकारी के हवाले से कहा कि ओबामा प्रशासन के अधिकारी आगामी दिनों में विचार करेंगे कि शहजाद के बारे में जानकारी को पाकिस्तान सरकार के सामने किस तरह पेश किया जाए। एक अधिकारी ने कहा, हत्या बड़ी चिंता का विषय है, कोई इतना व्यस्त नहीं है, किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। अमेरिका के एक अन्य तीसरे अधिकारी ने कहा कि शहजाद की मौत के तत्काल बाद अन्य खुफिया सूचनाएं और संकेत थे जो अमेरिकियों के लिए हत्या के आदेश में आईएसआई का हाथ होने के निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए काफी थे। उन्होंने कहा, हर संकेत बताता है कि यह जानबूझकर किया गया, हत्या का उद्देश्य पाकिस्तानी पत्रकार समुदाय और नागरिक समाज को डराना था। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के एक प्रवक्ता ने कल इस्लामाबाद में इस बारे में कहा, मैं इस पर टिप्पणी नहीं कर रहा हूं। अमेरिका की केंद्रीय खुफिया एजेंसी (सीआईए) के प्रवक्ता जॉर्ज लिटेल ने भी इस पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। शहजाद पिछले कई साल से आतंकवादियों और सेना के बीच संबंधों पर रिपोर्ट लिख रहे थे। अपहरण के तीन दिन पहले उनकी एक रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी जिसमें उन्होंने 22 मई को कराची में नौसेना के ठिकाने पर हुए हमले के लिए अल कायदा को जिम्मेदार ठहराया था। पत्रकारों की रक्षा से संबंधित समिति के अनुसार अमेरिका पर 9/11 के हमले के बाद से शहजाद 37वें पत्रकार हैं जिनकी पाकिस्तान में हत्या की गई है। पाक सरकार ने मीडिया के दबाव में मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश के नेतृत्व में आयोग का गठन किया है। अगले महीने के शुरू में जांच परिणामों के सार्वजनिक किए जाने की उम्मीद है। पोस्टमार्टम करने वाले तीन डाक्टरों की टीम में शामिल डाक्टर मोहम्मद फारुख कमाल के अनुसार शहजाद के शरीर पर चीरफाड़ के 17 निशान थे। उनका लीवर फटा हुआ था और दो पसलियां टूटी हुई थीं।