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This Article is From Jan 04, 2025

न्यू ऑरलियन्स हमला क्या ISIS की वापसी का संकेत? जानिए क्या रह हे अमेरिकी अधिकारी

आतंकवाद-रोधी अभियानों के बावजूद, ISIS फिर से संगठित हो उठा है. उसने अपने मीडिया संचालन को दुरुस्त कर साजिशों को अंजाम देना फिर शुरू कर दिया है.

न्यू ऑरलियन्स हमला क्या ISIS की वापसी का संकेत? जानिए क्या रह हे अमेरिकी अधिकारी
फिर पांव पसार रहा इस्लामिक स्टेट.
दिल्ली:

नए साल के जश्न के मौके पर अमेरिका के न्यू ऑरलियन्स (New Orleans Attack) में शामिल लोगों पर ट्रक चढ़ाए जाने का मामला सामने आया था.अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक हमले के आरोपी जब्बार के ट्रक में ISIS का झंडा लिपटा हुआ मिला था. जिसके बाद इस संगठन के एक बार फिर से उभरने का शक पैदा हो गया है.  शक जताया जा रहा है कि इसके पीछे इस्लामिक स्टेट (ISIS)  का हाथ हो सकता है. हालांकि इसकी कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है. अमेरिकी सेना के एक दिग्गज ने बताया है कि चरमपंथी समूह इस्लामिक स्टेट अमेरिका में वापसी की कोशिश कर रहा है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैन्य गठबंधन से सालों तक नुकसान झेलने के बावजूद वह हिंसा को बढ़ावा देने की कोशिश में है. 

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2014 से 2017 में इस्लामिक स्टेट अपने चरम पर था. उसने इराक और सीरिया के विशाल इलाकों में मौत का तांडव मचाया था और लोगों को जमकर यातनाएं दीं. तब इस्लामिक स्टेट का चीफ अबू बक्र अल-बगदादी था, जिसे 2019 में उत्तर-पश्चिमी सीरिया में अमेरिकी विशेष बलों ने मार गिराया था. वह इस कट्टरपंथी समूह का नेतृत्व कर रहा था. वह खुद को सभी मुसलमानों का "खलीफा" मानता था.

अमेरिका के सैन्य अभियान के बाद साल 2017 में इराक में खलीफा का पतन हो गया, यहां पर कभी इसका एक बेस बगदाद से सिर्फ़ 30 मिनट की ड्राइव पर था. इस्लामिक स्टेट का दायरा काफी बड़ा है. इसका नेतृत्व गुप्त है. इसके आकार को पूरी तरह मापना मुश्किल है. संयुक्त राष्ट्र के अनुमान के मुताबिक, इसके गढ़ में इसकी संख्या करीब 10,000 है. 

वापसी की कोशिश में इस्लामिक स्टेट!

सीरिया और इराक में करीब 4,000 अमेरिकी सैनिकों समेत अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन ने आतंकियों पर हवाई हमले जारी रखे. इस पर अमेरिकी सेना का कहना है कि इसमें सैकड़ों लड़ाके और नेता मारे गए और पकड़े गए. अब इस्लामिक स्टेट एक बार फिर से वापसी की कोशिश में कुछ बड़े ऑपरेशनों को अंजाम दे रहा है. न्यू ऑरलियन्स का हमला इसका जीता जागता उदाहरण है, जिसमें 14 लोग मारे गए. 

  • इस्लामिक स्टेट के हमलों में मार्च 2024 में रशियन म्यूजिक हॉल पर बंदूकधारियों द्वारा किया गया हमला शामिल है, जिसमें करीब 143 लोग मारे गए थे.
  •  जनवरी 2024 में ईरानी शहर के रमान में एक आधिकारिक समारोह को निशाना बनाया गया था. यहां पर दो विस्फोट किए गए थे, जिसमें करीब 100 लोग मारे गए थे.

अमेरिका ने पहले ही जारी की थी चेतावनी

आतंकवाद-रोधी अभियानों के बावजूद, ISIS फिर से संगठित हो उठा है. उसने अपने मीडिया संचालन को दुरुस्त कर साजिशों को अंजाम देना फिर शुरू कर दिया है. राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी केंद्र के कार्यवाहक अमेरिकी निदेशक ब्रेट होल्मग्रेन ने अक्टूबर में इसे लेकर चेतावनी जारी की थी. 

इस्लामिक स्टेट के आगे बढ़ने में जियोग्राफिर फैक्टर भी शामिल हैं. गाजा में हमास के खिलाफ इजरायल के युद्ध से व्यापक आक्रोश है. इसका इस्तेमाल जिहादी भर्ती के लिए कर रहे हैं. इस्लामिक स्टेट के लिए यह किसी अवसर से कम नहीं है. 

ISIS ने नहीं ली हमले की जिम्मेदारी

अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों के मुताबिक, इस्लामिक स्टेट ने न्यू ऑरलियन्स हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. न ही इस कट्टरपंथी संगठन  या अपने सोशल मीडिया साइटों पर इस हमले को लेकर कुछ भी कहा है. एक सीनियर अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि इस्लामिक स्टेट द्वारा उसकी भर्ती कोशिशों को बढ़ाने और सीरिया में फिर से उभरने के बारे में चिंता बढ़ रही है.
 

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