- ईरान ने अमेरिका और इजरायल के बैंकिंग सिस्टम पर बड़े हमले करने की धमकी दी है
- तेहरान में अमेरिकी और इजरायली एयरस्ट्राइक के बाद ईरान ने हमला करने की खुली छूट की घोषणा की है
- दुबई और सऊदी अरब में ईरानी धमकी के कारण सुरक्षा और आर्थिक गतिविधियों में बड़ा संकट उत्पन्न हो गया है
मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. सैन्य और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने के बाद ईरान ने इजरायल और अमेरिका को घुटनों पर लाने के लिए अब उनके बैंकिंग सिस्टम को तबाह करने का खतरनाक प्लान बनाया है. ईरान ने सीधा ऐलान कर दिया है कि वह पश्चिम एशिया में अमेरिका और इजरायल के बैंकिंग केंद्रों पर बड़े हमले करेगा. तेहरान की धमकी ने न केवल ग्लोबल इकॉनमी की धड़कनें बढ़ा दी हैं, बल्कि खाड़ी देशों में पसीना बहा रहे 90 लाख भारतीयों की मेहनत की कमाई पर भी खतरा पैदा कर दिया है. अगर ईरान का यह 'इकोनॉमिक स्ट्राइक' प्लान कामयाब हुआ, तो पूरी दुनिया को इसका खामियाजा भुगतना होगा.
क्यों बौखलाया हुआ है ईरान?
ईरान की सेना 'खातम अल-अंबिया' ने यह चेतावनी तब जारी की है, जब बीती रात राजधानी तेहरान के एक बैंक पर अमेरिका और इजरायल ने एयरस्ट्राइक की. इस हमले में बैंक के कई कर्मचारियों की जान चली गई. इसके तुरंत बाद, ईरानी सेना ने बयान जारी कर कहा कि दुश्मन ने हमें अमेरिका और इजरायल के आर्थिक केंद्रों और बैंकों पर हमला करने की खुली छूट दे दी है.

दुबई से लेकर सऊदी तक मची खलबली
ईरान के निशाने पर अब खाड़ी देशों में काम कर रहे वे अंतरराष्ट्रीय बैंक हैं, जो पश्चिमी देशों के हितों से जुड़े हैं. इस धमकी से दुबई, सऊदी अरब और बहरीन जैसे दुनिया के बड़े फाइनेंशियल हब में दहशत का माहौल है. जमीनी हालात पहले ही खराब हैं. दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ईरानी ड्रोन से हमले किए गए हैं और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले के कारण दुनिया के सबसे अहम रास्तों में से एक पर कार्गो ट्रैफिक लगभग ठप हो गया है.
लाखों भारतीयों की भी अटकी सांसें
अगर ईरान पश्चिमी देशों के बैंकों और पेमेंट इकोसिस्टम को ठप करता है, तो इसका सीधा और बहुत बड़ा असर वहां रह रहे भारतीयों पर पड़ेगा. खाड़ी देशों में लाखों भारतीय नागरिक काम करते हैं. अगर वहां के बैंक प्रभावित हुए या सिस्टम हैक हुआ, तो भारतीय अपने घर पैसे नहीं भेज पाएंगे. हमलों की वजह से पेमेंट गेटवे में भारी तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं. इससे क्रेडिट कार्ड, डिजिटल वॉलेट और हर तरह का ऑनलाइन लेन-देन संकट में पड़ सकता है.
इसके अलावा एक और खतरा यह है कि जब बैंकों पर हमले की खबरें सामने आएंगी, तो लोग अपना पैसा बैंकों में सुरक्षित न मानकर, अपनी जमापूंजी निकालने के लिए अचानक बैंकों की तरफ दौड़ सकते हैं.इससे पूरा बैंकिंग सिस्टम चरमरा सकता है.

मिसाइल ही नहीं साइबर अटैक का भी खतरा
मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के बीच ईरान की इस धमकी से साइबर अटैक का भी खतरा बढ़ गया है. ईरान केवल मिसाइल अटैक नहीं बल्कि अपने हाई टेक साइबर विंग के जरिए बड़े स्तर पर बैंकिंग सर्वर को हैक करने, डेटा डिलीट करने या रैंसमवेयर हमले कर सकता है. इससे महीनों तक ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड गायब हो सकते हैं. बैंकिंग सिस्टम पर संकट आने की खबर से लोग सोना और क्रिप्टो में इन्वेस्ट बढ़ाएंगे. ऐसे में इनकी कीमतों में भी भारी उतार-चढ़ाव आ सकता है.
यह भी पढ़ें: बगदाद में अमेरिकी दूतावास की 'इमरजेंसी' चेतावनी: नागरिकों से कहा- 'तुरंत इराक छोड़ो', अपहरण का बड़ा खतरा
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं