- ईरान ने कहा है कि यदि अमेरिका उसकी मांगें पूरी करता है तो दो दिनों में होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने को तैयार है
- अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मध्यावधि चुनावों के दौरान ईरान को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है
- पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब और तुर्की सहित कई देशों ने ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत तेज की है
ईरान का कहना है कि अगर अमेरिका उसकी मांगें मान ले, तो वह दो दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए तैयार है. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्यावधि चुनावों के लिए आयोजित एक रैली में हमले की नई धमकी दी है. ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि होर्मुज खोलने का प्रस्ताव ईरान की सद्भावना को दर्शाता है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने एक ब्रीफिंग में पत्रकारों से कहा, "इस योजना को दो दिनों के भीतर लागू करने की संभावना ईरान के सद्भावनापूर्ण रुख का एक और संकेत है. हमने कहा है कि अगर ईरान की मांगें पूरी हो जाती हैं, तो होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा बहाल करना और कुछ ही समय के भीतर बातचीत की प्रक्रिया को फिर से शुरू करना संभव होगा." बकाई ने बताया कि मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के साथ बातचीत चल रही है. उन्होंने कहा कि सब कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि अमेरिका, ईरान की इन मांगों को मानता है या नहीं.
सितंबर में, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए सात दिन की एक योजना का प्रस्ताव रखा. यह इस शर्त पर था कि अमेरिका सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करे, ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति को बहाल करे, तेल पर लगे प्रतिबंध हटाए और ईरानी बंदरगाहों पर लगाए गए जवाबी प्रतिबंधों को खत्म कर दे.
"कार्रवाई करनी ही पड़ेगी"
सोमवार को अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के लिए आखिरी रैलियों के दौरान ट्रंप ने आक्रामक रुख अपनाते हुए ईरान को चेतावनी दी कि उसे "कड़ी मार" झेलने के लिए तैयार रहना चाहिए. आयोवा में मतदाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा, "मैं ईरान के मामले को अभी पूरी तरह खत्म इसलिए नहीं कर रहा, क्योंकि मैं उनके प्रति अच्छा बर्ताव करना चाहता हूं. मैं उन सभी लोगों की जान बचाना चाहता हूं, अगर मुमकिन हो तो... लेकिन एक न एक समय तो हमें उन पर कड़ी कार्रवाई करनी ही पड़ेगी."
कूटनीति हुई तेज
हाल के दिनों में पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब और तुर्की के अधिकारियों ने ईरान के साथ बातचीत की है, जबकि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने तेहरान को एक पत्र भेजा है. ओमान के विदेश मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, ओमान के शासक सुल्तान हैथम बिन तारिक ने सोमवार को बीजिंग की अपनी यात्रा के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ युद्ध के मुद्दे पर चर्चा की. बयान में कहा गया है कि "दोनों पक्षों ने राजनीतिक और राजनयिक तरीकों से विवादों को सुलझाने का आह्वान किया है. उन्होंने अमेरिका और ईरान से शांति का रास्ता अपनाने, युद्धविराम लागू करने और युद्ध को पूरी तरह से रोकने की अपील की है," साथ ही "जल्द से जल्द बातचीत और चर्चा" शुरू करने पर जोर दिया है.
चीन ने फिर ईरान का दिया साथ
चीन के एक शीर्ष राजनयिक ने ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी से यह भी कहा कि बीजिंग, तेहरान को "अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा" करने में समर्थन देता है. बीजिंग के एक बयान के अनुसार, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के उप-सचिव अली बघेरी कानी से यह बात कही. वांग ने कहा, "सभी पक्षों को... समझदारी और व्यावहारिकता के साथ, फिर से सशस्त्र संघर्ष का सहारा लेने के बजाय राजनीतिक समाधान पर ध्यान देना चाहिए." सरकारी टीवी के अनुसार, बाघेरी ने वांग से कहा कि "अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने के मामले में तेहरान का रुख पहले जैसा ही है, और ईरान इस संबंध में कोई समझौता नहीं करेगा."
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