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ईरान में खामेनेई की अंतिम यात्रा का सबसे बड़ा दिन शुरू, करोड़ों देंगे विदाई- 1989 जैसी भगदड़ का डर

ईरान के पहले सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार के तीसरे दिन भीड़ बेकाबू हो गई थी. 10 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और 10 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए थे. शव तक गिर गया था, हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करना पड़ा था.

ईरान में खामेनेई की अंतिम यात्रा का सबसे बड़ा दिन शुरू, करोड़ों देंगे विदाई- 1989 जैसी भगदड़ का डर
Ali Khamenei funeral: अली खामेनेई की अंतिम यात्रा का आज तीसरा दिन (फोटो- एएफपी)
  • अली खामेनेई की मुख्य अंतिम यात्रा आज यानी सोमवार, 6 जून को निकाली जाएगी, अबतक की सबसे ज्यादा भीड़ की उम्मीद
  • ईरानी सरकार इस बार पूरी कोशिश कर रहा है कि उनके पहले से सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार जैसी भगदड़ दोबारा न हो
  • 1989 में 10 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और 10 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए थे. भगदड़ में शव तक गिर गया था

ईरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मुख्य अंतिम यात्रा आज यानी सोमवार, 6 जुलाई को शुरू हो गई, जिसमें अब तक की सबसे बड़ी भीड़ जुटने की उम्मीद है. पिछले दो दिनों से बड़ी संख्या में लोग तेहरान की केंद्रीय मस्जिद पहुंच रहे थे, जहां अली खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्यों के ताबूत लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखे गए थे. अब एक करोड़ से अधिक की भीड़ सकड़ों पर उतर रही है और खामेनेई का अंतिम दर्शन करेगी. ईरानी सरकार इस बार पूरी कोशिश कर रही है कि 48 साल पहले देश के पहले सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार जैसी भगदड़ दोबारा न हो.

दो दिन तक तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला मस्जिद में अंतिम दर्शन के लिए रखे जाने के बाद, सोमवार सुबह 6 बजे से अली खामेनेई की अंतिम यात्रा शुरू हो गई है. आयोजकों के मुताबिक यह यात्रा पूरे शहर में 10 से 12 घंटे तक चलेगी.

1989 में मची थी भगदड़

साल 1989 में उनके पूर्ववर्ती सुप्रीम लीडर आयतुल्ला रुहोल्लाह खुमैनी के अंतिम संस्कार में करीब 1 करोड़ लोग पहुंचे थे. उस दौरान भीड़ बेकाबू हो गई थी, जिसमें 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी और 10,000 से ज्यादा लोग घायल हुए थे.

इससे पहले रविवार को भी हजारों लोग ग्रैंड मोसल्ला पहुंचे और उन्होंने अली खामेनेई तथा उनके परिवार के चार सदस्यों को आखिरी विदाई दी. इन सभी की 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों में मौत हो गई थी. इस दौरान मस्जिद में भी भगदड़ रोकने के लिए ताबूत और लोगों के बीच बड़ी-बड़ी कंक्रीट की दीवारें बनाई गई थीं.

अभी यह साफ नहीं है कि अंतिम यात्रा के दौरान आम लोगों को ताबूत के कितने करीब जाने दिया जाएगा. लेकिन प्रशासन 1989 की घटना को ध्यान में रखकर तैयारी कर रहा है. उस समय शोक मनाने वालों ने खुमैनी के शव वाहन को घेर लिया था, जिससे उनके कफन का कपड़ा फट गया था और उनका शव जमीन पर गिर गया था. इसके बाद प्रशासन को उनके अंतिम संस्कार के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करना पड़ा था.

साढ़े तीन दशक से ज्यादा समय तक ईरानी पर शासन करने वाले अली खामेनेई को अंतिम विदाई देने के साथ-साथ, यह अंतिम संस्कार ईरान के लिए यह दिखाने का भी मौका है कि इजरायल और अमेरिका के साथ पांच हफ्ते तक चले युद्ध के बाद भी देश मजबूती से खड़ा है.

मोजतबा अब भी नहीं दिखे

सोमवार की अंतिम यात्रा के बाद मंगलवार को धार्मिक शहर कोम में, बुधवार को इराक के पवित्र शहर नजफ और कर्बला में भी इसी तरह के कार्यक्रम होंगे. इसके बाद गुरुवार को उत्तर-पूर्वी ईरान के उनके पैतृक शहर मशहद में अली खामेनेई को दफनाया जाएगा. रविवार को अली खामेनेई के तीन बेटे पहली बार सार्वजनिक रूप से अंतिम संस्कार में दिखाई दिए. लेकिन मोजतबा खामेनेई, जिन्हें उनके पिता की मौत के तुरंत बाद नया सुप्रीम लीडर बनाया गया था, अब तक सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं.

अधिकारियों का कहना है कि हवाई हमलों में मोजतबा घायल हुए थे, लेकिन उनकी चोटें कितनी गंभीर हैं, यह अभी साफ नहीं है. 28 फरवरी को ही मारे गए पुराने कमांडर की जगह रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के नए प्रमुख बनाए गए अहमद वाहिदी भी रविवार को दूसरी बार अंतिम संस्कार में दिखाई दिए. इस बार वे खुले में नजर आए, जबकि पूरे युद्ध के दौरान वे सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे थे.

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