- ट्रंप ने केवल अमेरिका के हित में और शर्तें पूरी करने वाले समझौते को मंजूरी देने की बात कही है
- ईरान ने कहा कि समझौता अभी अंतिम रूप नहीं मिला है और सर्वोच्च नेता ने दस्तावेज की पुष्टि नहीं की है
- अमेरिका के रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर ईरान से कूटनीति सफल नहीं हुई तो ताकत का इस्तेमाल किया जाएगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में सलाहकारों से मुलाकात की. ये मीटिंग होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और ईरान के साथ परमाणु वार्ता शुरू करने के लिए एक अस्थायी समझौते पर विचार करने के लिए हुई. ट्रंप ने बैठक से पहले कहा कि वे "अंतिम निर्णय" लेने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन अभी तक इस बात का कोई संकेत नहीं मिला है कि कोई निर्णय लिया गया है या नहीं.
व्हाइट हाउस का आया बयान
एएफपी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ लगभग दो घंटे की बैठक के बाद ईरान के साथ मसौदा समझौते पर अपना "अंतिम निर्णय" टाल दिया है. व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, "सिचुएशन रूम की बैठक समाप्त हो गई है और लगभग दो घंटे तक चली. राष्ट्रपति ट्रंप केवल वही समझौता करेंगे जो अमेरिका के लिए अच्छा हो और उनकी निर्धारित शर्तों को पूरा करता हो. ईरान कभी भी परमाणु हथियार नहीं रख सकता."
ईरान का बयान
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि दोनों देशों के बीच समझौता ज्ञापन को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है. इस बात की कोई पुख्ता पुष्टि नहीं हुई है कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने इस दस्तावेज को मंजूरी दे दी है. ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार मोहसेन रेजाई का कहना है कि अमेरिका नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखकर "कूटनीति के साथ विश्वासघात" कर रहा है.
इजरायल-लेबनान के बीच पेंटागन चीफ की धमकी
इस बीच लेबनान में संयुक्त राष्ट्र की बाल एजेंसी ने शुक्रवार को बताया कि पिछले सप्ताह इजरायल के हमलों में औसतन प्रतिदिन 11 बच्चे मारे गए या घायल हुए हैं, जो देश में नागरिकों पर पड़ने वाले भयावह प्रभाव को दर्शाता है. इन हमलों में बाइबिल से संबंधित महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी निशाना बनाया गया है, जिससे ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थलों को खतरा है. इजरायल की सेनाएं लेबनान में और गहराई तक अपना आक्रमण बढ़ा रही हैं और दक्षिणी लेबनान के कस्बों के लिए जबरन विस्थापन के आदेश जारी कर रही हैं. उधर, सिंगापुर सांगरिला डायलोग में अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेसगेथ ने कहा है कि अगर ईरान से मामला कूटनीति से नहीं सुलझा तो अमेरिका ताकत के जरिए मामला सुलझाएगा.
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