अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खास सांसद और ईरान से जंग के हिमायती लिंडसे ग्राहम की अचानक मौत हो गई है. भले लिंडसे ग्राहम के ऑफिस का कहना है कि मौत अचानक हुई बीमारी से हुई है लेकिन ट्रंप के MAGA गुट के कट्टर दक्षिणपंथी इन्फ्लुएंसर दावा कर रहे हैं कि लिंडसे की ईरान ने हत्या करवा दी है. ऐसे में ईरान के एक ऐसे रूढ़िवादी अखबार की खबर तेजी से वायरल हो रही है जो अपने भड़काऊ लहजे के लिए जाना जाता है. इस अखबार ने उन लोगों की एक लिस्ट छापी है जिन्हें सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या का बदला लेने के लिए निशाना बनाया जाएगा. इस टारगेट लिस्ट में अमेरिका, इजरायल और यूरोपीय देशों के नेता शामिल हैं.
ईरान ने खाई है कसम
मिडिल ईस्ट की जंग के पहले ही दिन 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली अयातुल्ला मारे गए थे. अब उनके बेटे और उत्तराधिकारी मुजतबा खामेनेई ने बदला लेने की कसम खाई है. मोजतबा ने शनिवार को अपने पिता के अंतिम संस्कार के बाद अपने पहले संदेश में कहा, "बदला लेना हमारे देश की इच्छा है और इसे हर हाल में पूरा किया जाना चाहिए."
अखबार में क्या लिखा है?
ईरान की राजधानी में अधिकारियों द्वारा प्रकाशित 'हमशहरी' अखबार ने शनिवार देर रात ऑनलाइन एक इन्फोग्राफिक जारी किया, जिसमें मुजतबा के बयान के साथ 13 विदेशी नेताओं की तस्वीरें थीं. साथ में लिखा था, "ये अपराधी, जिनके नाम लिस्ट में हैं, अपने साथ ही शांति से बिस्तर पर मरने की इच्छा को कब्र में ले जाएंगे." इस खबर की हेडलाइन है- अचानक मौत के लिए तैयार रहें.

ईरान के 'हमशहरी' अखबार में छपी खबर का स्क्रीनशॉट
इस लिस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर समेत अन्य नेता शामिल हैं. खास बात थी कि यह टारगेट लिस्ट वाली खबर अखबार के रविवार के प्रिंट संस्करण (न्यूजपेपर) में नहीं छपा है. लिस्ट में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज भी शामिल हैं. साथ ही ईरान के पूर्व शाह के बेटे रेजा पहलवी का भी नाम है.
बता दें कि युद्ध के दौरान, ईरान ने यूरोपीय देशों पर आरोप लगाया था कि वे उसके क्षेत्र पर हुए हमलों की निंदा करने में नाकाम रहे और अमेरिकी सैन्य विमानों को अपने हवाई क्षेत्र से उड़ान भरने की इजाजत दी, इसलिए जंग में उनकी भी मिलीभगत है.
सुप्रीम लीडर ने अपने संदेश में कहा था कि ईरान ने उन लोगों की एक लिस्ट तैयार की है जिन्हें निशाना बनाया जाएगा, लेकिन उन्होंने नाम नहीं बताए. अभी यह साफ नहीं है कि क्या अखबार में छपी इस किल लिस्ट को ईरानी सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर मंजूरी दी गई है या नहीं.
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