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BRICS बैठक के लिए भारत आ सकते हैं ईरान के उप विदेश मंत्री, अमेरिका से तनाव के बीच अहम होगा दौरा

BRICS Summit in India: भारत अभी ब्रिक्स का चेयरमैन है और 14-15 मई को विदेश मंत्रियों के बैठक की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है. यह सितंबर में होने वाले 18वें ब्रिक्स समिट के लिए एक जरूरी तैयारी है.

BRICS बैठक के लिए भारत आ सकते हैं ईरान के उप विदेश मंत्री, अमेरिका से तनाव के बीच अहम होगा दौरा
BRICS बैठक के लिए भारत आ सकते हैं ईरान के उप विदेश मंत्री

अमेरिका के साथ भीषण तनाव के बीच ईरान के उप-विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी भारत के दौरे पर आ सकते हैं. ईरानी उपविदेश मंत्री के नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने की उम्मीद है. भारत अभी ब्रिक्स का चेयरमैन है और 14-15 मई को विदेश मंत्रियों के बैठक की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है. यह सितंबर में होने वाले 18वें ब्रिक्स समिट के लिए एक जरूरी तैयारी है. यह दौरा विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनके ईरानी समकक्ष सैयद अब्बास अराघची के बीच एक हाई-लेवल फोन कॉल के बाद हो रहा है. 

जब दुनिया का ध्यान पश्चिम एशिया की अस्थिर स्थिति पर टिका हुआ है, ऐसे में तेहरान डिप्लोमैटिक बातचीत के लिए ब्रिक्स को एक जरूरी प्लेटफॉर्म के तौर पर देख रहा है. इससे पहले रूस ने 29 अप्रैल को कहा था कि उसके विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव भी ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए भारत आएंगे.

रूस के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करके बताया कि सर्गेई लावरोव 14 से 15 मई तक भारत में रहेंगे.

क्यों खास है यह बैठक?

भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है. इस बार इसकी थीम है- “बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी.” यह थीम लोगों को केंद्र में रखने और मानवता को प्राथमिकता देने वाले उस दृष्टिकोण को दिखाती है, जिसके बारे में प्रधानमंत्री ने 2025 में रियो डी जेनेरो में हुए 17वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में बात की थी.

 रूसी समाचार एजेंसी TASS ने रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा के हवाले से बताया कि यह बैठक मौजूदा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों और वैश्विक शासन (ग्लोबल गवर्नेंस) को मजबूत करने पर गंभीर चर्चा का बड़ा मंच बनेगी. यह बैठक अहम चर्चा का मौका देगी, खासकर उन देशों के लिए जिन्हें दुनिया की बड़ी आबादी का प्रतिनिधि माना जाता है.

उन्होंने यह भी कहा कि सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारी के लिए रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. मारिया जखारोवा ने कहा कि ब्रिक्स के साझेदार देशों के विदेश मंत्री बैठक के कई सत्रों में हिस्सा लेंगे. उन्होंने आगे बताया कि सर्गेई लावरोव की नई दिल्ली यात्रा के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी होगी.

ब्रिक्स दुनिया के 11 बड़े उभरते और विकासशील देशों का समूह है. इसमें ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं. यह समूह वैश्विक और क्षेत्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा और सहयोग का बड़ा मंच माना जाता है. साथ ही यह दुनिया की राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी काम करता है.

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