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सऊदी, कतर, इराक... कई रिफाइनरी बंद, ईरान संकट ने ऐसे बिगाड़ा खाड़ी देशों का 'तेल का खेल'

ईरान ने अपने ऊपर हुए हमले के जवाब में खाड़ी के बाकी देशों पर हमला कर रहा है. इस कारण ऑइल रिफाइनरी और गैस फील्ड को बंद कर दिया गया है.

सऊदी, कतर, इराक... कई रिफाइनरी बंद, ईरान संकट ने ऐसे बिगाड़ा खाड़ी देशों का 'तेल का खेल'
कतर की ऑइल रिफाइनरी. (फाइल फोटो)
IANS
  • ईरान पर इजरायल-अमेरिका के हमले के बाद पश्चिमी एशिया में तेल और गैस उत्पादन में संकट गहराया है
  • सऊदी अरब की रास तनूरा रिफाइनरी में ड्रोन हमले के कारण उत्पादन और निर्यात कार्य ठप हो गया है
  • कतर ने ईरानी हमलों के चलते अपना प्रमुख गैस प्लांट बंद कर दिया है जिससे गैस की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है
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नई दिल्ली:

खाड़ी देशों में कोई सुप्रीम पावर है तो वो है वहां के तेल और गैस के भंडार. दुनिया में तेल का सबसे ज्यादा उत्पादन पश्चिमी एशियाई देशों में ही होता है. दुनिया का 31 फीसदी से ज्यादा तेल उत्पादन इन्हीं मुल्कों में होता है. लेकिन तीन दिन से पश्चिमी एशिया में संकट जारी है. वह इसलिए क्योंकि 27 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हमला किया और बदला लेने के लिए उसने खाड़ी देशों पर हमला कर दिया. नतीजा ये हुआ कि खाड़ी के कई देशों को तेल और गैस का उत्पादन बंद करना पड़ा.

सऊदी अरब की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी में काम रोक दिया गया है. कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट में भी काम ठप है. इराकी कुर्दिस्तान और इजरायली गैस फील्ड्स में भी फिलहाल काम नहीं हो रहा है. 

काम ठप पड़ने और पश्चिमी एशिया में संकट के कारण तेल की कीमत आसमान छूने लगी हैं. कच्चे तेल की कीमतें 13 फीसदी से ज्यादा बढ़ गई हैं. ग्लोबल बेंचमार्क बेंट क्रूड सोमवार को 13 फीसदी बढ़कर 82 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा का हो गया है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर हालात जल्दी नहीं सुधरे तो ये 100 डॉलर प्रति बैरल तक भी पहुंच सकता है.

कहां-कहां ठप पड़ गया काम?

सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको की रास तनूरा रिफाइनरी में फिलहाल काम बंद कर दिया गया है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने इंडस्ट्री सोर्सेस के हवाले से इसकी जानकारी दी है. 

बताया जा रहा है कि रास तनूरा रिफाइनरी पर ड्रोन हमले के बाद प्रोडक्शन बंद करने का फैसला लिया गया. इस रिफाइनरी में हर दिन 5.50 लाख बैरल कच्चे तेल का उत्पादन होता है. ये इसलिए भी झटका है, क्योंकि यहां सिर्फ उत्पादन ही नहीं होता, बल्कि यह सऊदी के कच्चे तेल के लिए एक्सपोर्ट टर्मिनल का काम भी करता है.

स्टेटिस्टिकल रिव्यू ऑफ वर्ल्ड एनर्जी की 2025 की रिपोर्ट बताती है कि खाड़ी देशों में कच्चे तेल का सबसे ज्यादा उत्पादन सऊदी अरब में ही होता है. सऊदी में हर दिन 1.08 करोड़ बैरल कच्चे तेल का उत्पादन होता है. पूरे पश्चिमी एशिया का 11 फीसदी तेल का उत्पादन सऊदी में ही होता है. वहीं, पूरे पश्चिमी एशिया में हर दिन 3 करोड़ बैरल से ज्यादा कच्चे तेल का उत्पादन होता है.

सऊदी को सबसे ज्यादा ताकतवर उसका तेल और गैस ही बनाती है. जानकारों का कहना है कि रास तनूरा रिफाइनरी पर हमला दिखाता है कि ईरान की नजरें उसके एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर है. रास तनूरा रिफाइनरी पर 2021 में हमला हुआ था.

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कतर ने बंद किया गैस का उत्पादन

कतर ने सोमवार को गैस (LNG) का उत्पादन रोक दिया. ईरान के लगातार हमलों के कारण एहतियात के तौर पर ऐसा करना पड़ा है. दुनियाभर में 20% गैस की सप्लाई कतर ही करता है. कतर की गैस के सबसे बड़े खरीदार एशियाई और यूरोपीय देश हैं. 

कतर की सरकारी कंपनी कतरएनर्जी ने ईरान के ड्रोन हमलों के बाद गैस का उत्पादन बंद कर दिया है. यहां पर बड़ा गैस प्लांट है, जिसमें प्राकृतिक गैस को ठंडा करके लिक्विड फॉर्म में तैयार किया जाता है, ताकि जहाज से एक्सपोर्ट किया जा सके.

ईरानी ड्रोन ने कतर के दक्षिण में मेसाईद इंडस्ट्रियल जोन पर भी हमला किया. ये गैस फील्ड से बहुत दूर है लेकिन पेट्रोकेमिकल और मैनुफैक्चरिंग फैसिलिटी यहां हैं. गैस का उत्पादन रुकने से इसकी कीमतें 46% तक बढ़ गई हैं.

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इजरायल-ईरान में क्या हाल हैं?

इजरायल और ईरान में भी तेल और गैस का उत्पादन रुक गया है. ईरानी हमलों के बाद इजरायल ने अपनी दो गैस फील्ड और हाइफा ऑइल रिफाइनरी की कुछ यूनिट में प्रोडक्शन बंद कर दिया है. हाइफा ऑइल रिफाइनरी में हर दिन 1.97 लाख बैरल तेल का उत्पादन होता है.

इजरायली सरकार ने करीश गैस फील्ड में कुछ समय के लिए प्रोडक्शन रोकने का आदेश दिया है. साथ ही देश की सबसे बड़ी गैस फील्ड लेविथान को भी एहतियात के तौर पर बंद करने को कहा गया है. वहीं, हाइफा रिफाइनरी ने बताया कि उसने अपनी कुछ यूनिट में फिलहाल काम रोक दिया है.

शनिवार को ईरान में खार्ग आइलैंड में धमाकों की आवाज सुनी गई थी. ईरान अपना जो 90% कच्चा तेल एक्सपोर्ट करता है, वो यहीं से प्रोसेस होता है. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि ऑइल फील्ड पर क्या असर पड़ा. 

ईरान तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक है. दुनिया में 4.5% कच्चे तेल की सप्लाई ईरान ही करता है. ईरान हर दिन लगभग 50 लाख बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करता है. 

इसके अलावा इराकी कुर्दिस्तान में DNO, गल्फ कीस्टोन पेट्रोलियम और डाना गैस जैसी कंपनियों ने एहतियात के तौर पर प्रोडक्शन रोक दिया है. इससे हर दिन तुर्की के रास्ते होने वाला 2 लाख बैरल कच्चे तेल का एक्सपोर्ट रुक गया है.

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