पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का झारग्राम में सड़क किनारे रुककर झालमुड़ी खाना चर्चा का विषय बना. पीएम मोदी ने दुकानदार विक्रम शॉ से बातचीत की, उनका नाम‑ठिकाना पूछा, पारिवारिक हालात जाने और झालमुड़ी की तारीफ भी की. प्रधानमंत्री के साथ इस अचानक हुई मुलाकात से विक्रम शॉ भावुक और घबरा गए. बाद में उन्हें एहसास हुआ कि वह पीएम मोदी से ऑटोग्राफ मांगने का मौका गंवा बैठे. विक्रम का कहना है कि उस वक्त उन्हें यह ख्याल ही नहीं आया और पीएम के चले जाने के बाद इस बात का अफसोस हुआ.
IANS के मुताबिक, विक्रम शॉ ने बताया कि वह बिहार के गया से हैं और गरीबी की वजह से नौवीं के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी. रोज़ की कमाई करीब 1000 से 1200 रुपये है. पीएम मोदी ने उनसे उनकी झालमुड़ी की कीमत पूछी और पैसे देने पर भी जोर दिया. यह घटना चुनावी प्रचार के बीच एक मानवीय पल के तौर पर सामने आई, जिसमें प्रधानमंत्री और एक आम दुकानदार के बीच संवाद तो हुआ, लेकिन एक यादगार अधूरी रह गई.