
इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्रबोवो सुबिआंतो ने शनिवार को चीन की अपनी प्रस्तावित यात्रा रद्द कर दी. उन्हें अपनी यह यात्रा कैंसिल करनी पड़ी क्योंकि राजधानी जकार्ता के बाहर कई दिनों से चल रहा विरोध प्रदर्शन और फैल गया. इसमें कई क्षेत्रीय संसद भवनों में आग लगा दी गई. प्रबोवो को 3 सितंबर को चीन में 'विजय दिवस' परेड में शामिल होना था, जो जापान के औपचारिक आत्मसमर्पण के बाद द्वितीय विश्व युद्ध के खत्म होने की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी.
सरकार की पहली परीक्षा
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार करीब एक साल पुरानी प्रबोवो सरकार के लिए यह पहला बड़ा इम्तिहान है. यह विरोध प्रदर्शन इस हफ्ते जकार्ता में सांसदों के वेतन को लेकर शुरू हुआ और एक पुलिस वाहन द्वारा एक मोटरसाइकिल सवार को टक्कर मारने से उसकी मौत के बाद और भी बदतर हो गया. राष्ट्रपति के प्रवक्ता प्रसेत्यो हादी ने एक बयान में कहा, 'राष्ट्रपति (इंडोनेशिया की स्थिति पर) सीधे नजर रखना चाहते हैं और सबसे अच्छा समाधान तलाशना चाहते हैं.' उनका कहना था कि इसी वजह से राष्ट्रपति चीनी सरकार से माफी मांगते हैं कि वह निमंत्रण में शामिल नहीं हो सके.'
मेटा पर होगा एक्शन!
प्रसेत्यो ने कहा कि यात्रा रद्द करने का एक और कारण सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा का सत्र भी था. विरोध के मद्देनजर, चीन की बाइटडांस के स्वामित्व वाले शॉर्ट-वीडियो ऐप टिकटॉक ने शनिवार को कहा कि उसने इंडोनेशिया में अपने लाइव प्रसारण को कुछ दिनों के लिए निलंबित कर दिया है. जकार्ता ने इस हफ्ते मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक (META.O) और टिकटॉक सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के प्रतिनिधियों को तलब किया था और उन्हें ऑनलाइन ग़लत सूचना फैलने के कारण कंटेंट मॉडरेशन बढ़ाने के लिए कहा था. सरकार का कहना है कि इस तरह की गलत सूचनाओं ने उसके खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को बढ़ावा दिया है.
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