भारतीय सेना का चौकस जवान
वाशिंगटन:
अमेरिका ने भारत और पाकिस्तान के संबंधों में तेजी से बढ़ते तनाव के मद्देनजर दोनों पड़ोसी देशों से ‘शांति एवं संयम’ बरतने की अपील की है. अमेरिका ने दोनों देशों की सेनाओं से क्षेत्र में तनाव खत्म करने में मदद के लिए संवाद बनाये रखने का अनुरोध किया है.
अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता एलिजाबेथ ट्रूडो ने कहा, ‘‘हम दोनों देशों से शांति और संयम बनाये रखने का आग्रह करते हैं. हम समझते हैं..जैसा कि हमने पिछले सप्ताह भी कहा था, कि सेनाएं संपर्क में हैं. हमारा मानना है कि संवाद कायम रखना इस तनाव कम करने के लिए बहुत जरूरी है.’’ हालांकि ट्रूडो ने पिछले सप्ताह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में नियंत्रण सीमा रेखा पर भारत के ‘लक्षित हमले’ के सवाल पर प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया. उन्होंने कहा था, ‘‘मैं इस प्रकार की घटनाओं से संबंधित रिपोटरें पर नहीं बोलूंगी.’’ ट्रूडो ने कहा, अमेरिका, भारत और पाकिस्तान के नेताओं के साथ बातचीत में क्षेत्र की शांति एवं सुरक्षा के महत्व पर जोर दे रहा है.
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि आप यह देखना चाहेंगे कि क्षेत्रीय स्थिरता और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए क्या चर्चा हो रही है. हमें इस बात पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है कि किसी क्षेत्र विशेष में संघर्ष या समस्याएं या तनाव में बढ़ोत्तरी न होती रहे.’’ उन्होंने कहा, ‘हम दोनों देशों की सहमति से किसी भी प्रकार के तनाव को कम करने के पक्ष में हैं. भारत और पाकिस्तान दोनों देशों से हमारे मजबूत संबंध हैं और हम इस आधार पर जुड़े रहेंगे.’ उन्होंने कहा कि कश्मीर पर अमेरिका का रूख नहीं बदला है.
ट्रूडो ने कहा, ‘मैं कहना चाहती हूं कि कश्मीर पर हमारी स्थिति नहीं बदली है और मैं बताना चाहती हूं कि हम क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए दोनों देशों से बात कर रहे हैं.’
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता एलिजाबेथ ट्रूडो ने कहा, ‘‘हम दोनों देशों से शांति और संयम बनाये रखने का आग्रह करते हैं. हम समझते हैं..जैसा कि हमने पिछले सप्ताह भी कहा था, कि सेनाएं संपर्क में हैं. हमारा मानना है कि संवाद कायम रखना इस तनाव कम करने के लिए बहुत जरूरी है.’’ हालांकि ट्रूडो ने पिछले सप्ताह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में नियंत्रण सीमा रेखा पर भारत के ‘लक्षित हमले’ के सवाल पर प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया. उन्होंने कहा था, ‘‘मैं इस प्रकार की घटनाओं से संबंधित रिपोटरें पर नहीं बोलूंगी.’’ ट्रूडो ने कहा, अमेरिका, भारत और पाकिस्तान के नेताओं के साथ बातचीत में क्षेत्र की शांति एवं सुरक्षा के महत्व पर जोर दे रहा है.
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि आप यह देखना चाहेंगे कि क्षेत्रीय स्थिरता और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए क्या चर्चा हो रही है. हमें इस बात पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है कि किसी क्षेत्र विशेष में संघर्ष या समस्याएं या तनाव में बढ़ोत्तरी न होती रहे.’’ उन्होंने कहा, ‘हम दोनों देशों की सहमति से किसी भी प्रकार के तनाव को कम करने के पक्ष में हैं. भारत और पाकिस्तान दोनों देशों से हमारे मजबूत संबंध हैं और हम इस आधार पर जुड़े रहेंगे.’ उन्होंने कहा कि कश्मीर पर अमेरिका का रूख नहीं बदला है.
ट्रूडो ने कहा, ‘मैं कहना चाहती हूं कि कश्मीर पर हमारी स्थिति नहीं बदली है और मैं बताना चाहती हूं कि हम क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए दोनों देशों से बात कर रहे हैं.’
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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