- सरकार ने अटारी बॉर्डर समेत 11 नए अंतरराष्ट्रीय एंट्री प्वाइंट से E-VISA धारकों को भारत में आने की अनुमति दी है
- पाकिस्तान के नागरिकों को इस ई-वीजा सुविधा का लाभ नहीं मिलेगा और उन्हें सामान्य वीजा के लिए आवेदन करना होगा
- ई-वीजा सुविधा अभी 17 प्रकार के यात्रियों जैसे पर्यटक, कारोबारी और इलाज के लिए आने वालों के लिए उपलब्ध है
भारत-पाकिस्तान की सीमा पर स्थित अटारी बॉर्डर अब ई-वीजा रखने वाले विदेशी यात्रियों के लिए भारत में एंट्री का नया रास्ता होगा. केंद्र सरकार ने 11 और अंतरराष्ट्रीय एंट्री प्वाइंट से ई-वीजा रखने वाले लोगों के लिए भारत में प्रवेश की अनुमति दे दी है, इसमें अटारी भी शामिल है. अब आपके मन में ख्याल आ रहा होगा कि क्या अब अटारी के रास्ते पाकिस्तान के लोग भी भारत में आ सकते हैं. चलिए आपको आगे इसके बारे में विस्तार से बताता हैं.
भारत ने क्या फैसले लिए हैं?
केंद्र सरकार ने जिन 11 अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों (एंट्री पोर्ट) को ई-वीजा वाले लोगों के लिए भारत में प्रवेश की अनुमति दी है, उनमें 2 एयरपोर्ट और 9 जमीन के रास्ते वाले बंदरगाह शामिल हैं. गृह मंत्रालय के अनुसार, इन नए स्थानों को जोड़ने के बाद अब ई-वीजा रखने वाले लोग कुल 88 अंतरराष्ट्रीय स्थानों से भारत में प्रवेश कर सकते हैं. इनमें 37 एयरपोर्ट, 38 समुद्री बंदरगाह और 13 जमीन के रास्ते वाले बंदरगाह शामिल हैं.
किन किन को मिलता है ई वीजा?
ई-वीजा की सुविधा अभी 17 तरह के यात्रियों के लिए उपलब्ध है. इनमें इलाज के लिए आने वाले लोग, स्टूडेंट, पर्वतारोही, क्रूज से आने वाले यात्री, पर्यटक, ट्रांजिट यात्री, ग्रुप में यात्रा करने वाले लोग और कारोबारी यात्री शामिल हैं. ई-वीजा के करीब 95 प्रतिशत आवेदनों पर 72 घंटे के अंदर कार्रवाई कर दी जाती है. सरकार के इस नए कदम से ई-वीजा की सुविधा और ज्यादा उपयोगी और आकर्षक होने की उम्मीद है.
ई-वीजा सुविधा से नए जोड़े गए जमीन के रास्ते वाले बंदरगाह
गृह मंत्रालय ने सूची में 9 जमीन के रास्ते वाले बंदरगाह जोड़े हैं. इनमें डाररंगा, गेडे, घोजाडांगा, हरिदासपुर, जयगांव, डॉकी, मोरेह और अटारी (रोड) शामिल हैं. रक्सौल, रुपैडिहा और जोगबनी की सीमाएं पहले से ही इस लिस्ट में शामिल थीं.
नए जोड़े गए एयरपोर्ट
इस लिस्ट में भोपाल और तिरुपति के एयरपोर्ट को जोड़ा गया है. ई-वीजा से प्रवेश की अनुमति वाले अन्य एयरपोर्ट में अहमदाबाद, अमृतसर, बागडोगरा, भोगापुरम, बेंगलुरु, भुवनेश्वर, कालीकट, चंडीगढ़, चेन्नई, कोचीन, कोयंबटूर, दिल्ली, गया, गोवा (डाबोलिम), गोवा (मोपा), गुवाहाटी, हैदराबाद, इंदौर, जयपुर, कन्नूर, कोलकाता, लखनऊ, मदुरै, मंगलुरु, मुंबई, नागपुर, नवी मुंबई, पोर्ट ब्लेयर, पुणे, सूरत, तिरुवनंतपुरम, त्रिची, वाराणसी, विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम शामिल हैं.
38 समुद्री बंदरगाहों से भी एंट्री की अनुमति
भारत ने ई-वीजा की सुविधा 38 समुद्री बंदरगाहों तक भी बढ़ा दी है. इनमें अगत्ती, अलंग, बेदी बंदर, भावनगर, कालीकट, चेन्नई, कोचीन, कुड्डालोर, दाहेज, धामरा, हल्दिया, हजीरा, काकीनाडा, एन्नोर-कामराजर, कांडला, कराईकल, कट्टुपल्ली, कोलकाता, कोल्लम, कृष्णापट्टनम, मांडवी, मोरमुगाओ, मुंबई, मुंद्रा, नागपट्टिनम, न्यू मंगलुरु, न्हावा शेवा, पारादीप, पिपावाव, पोरबंदर, पोर्ट ब्लेयर, सिक्का, टूना टेकरा, तूतीकोरिन, वल्लारपदम, विशाखापत्तनम, विझिंजम-कोवलम और विझिंजम शामिल हैं.
भारत ने 2014 में ई-वीजा की सुविधा शुरू की थी. इसका उद्देश्य 43 देशों के नागरिकों के लिए भारत की वीजा प्रक्रिया को आसान और सरल बनाना था. अब यह सुविधा बढ़कर 172 देशों के नागरिकों के लिए उपलब्ध हो गई है.
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