इमरान खान की जेल में सलामती को लेकर संशय के बीच उनकी बहन नोरीन नियाजी को उनसे मिलने की अनुमति मिल चुकी है. नोरीन ने कहा कि ये अनुमति मिलना उनके लंबे संघर्ष का नतीजा है. नोरीन ने कहा, मैं इमरान खान को बताऊंगी कि सु्प्रीम कोर्ट ने आपको अस्पताल भेजने के लिए आदेश दिया है. इसके साथ ही ये भी बताऊंगी कि ये करने के लिए आपके पार्टी वर्कर ने कितनी मेहनत की है."
द डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान की मेडिकल कंडीशन को लेकर बढ़ती चिंताओं के बाद हेल्थ इवैल्यूएशन का ऑर्डर आया है. जस्टिस शाहिद वाहिद, जस्टिस नईम अख्तर अफगान और जस्टिस इश्तियाक इब्राहिम की सुप्रीम कोर्ट की तीन मेंबर वाली बेंच ने इमरान खान की हॉस्पिटल में भर्ती होने की पिटीशन पर यह फैसला सुनाया.
मेडिकल बोर्ड बनाने का ऑर्डर
कोर्ट ने अथॉरिटीज को यह भी ऑर्डर दिया कि वे यह पक्का करें कि वह अपने परिवार वालों से हर हफ्ते मिलें. इसके साथ ही बेंच ने देश में पॉलिटिकल कैदियों पर लगी कड़ी पाबंदियों और आइसोलेशन पर भी जोर दिया. रिपोर्ट में आगे कहा गया कि फैसले में एक मेडिकल बोर्ड बनाने का भी ऑर्डर दिया गया है, जिससे खान के पर्सनल डॉक्टर और उनकी बहन, उज़मा खान जुड़े रहेंगे.
उनकी कंडीशन के बारे में जानकारी छिपाने की कोशिशों के बारे में भी बताया गया, क्योंकि इमरान के वकीलों और परिवार वालों को उनकी मेडिकल रिपोर्ट मीडिया के साथ शेयर न करने या मामले को पॉलिटिकल न बनाने का निर्देश दिया गया था.
इमरान खान ने साल 2018 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के तौर पर सत्ता संभाली थी. शुरुआत में उन्हें पाकिस्तानी सेना और एस्टैब्लिशमेंट का करीबी माना जाता था. हालांकि, समय बीतने के साथ-साथ सेना प्रमुख और शक्तिशाली जनरलों के साथ उनके मतभेद बढ़ते गए.
अप्रैल 2022 में पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया और उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया गया. सत्ता गंवाने के बाद इमरान खान ने शहबाज शरीफ सरकार और पाकिस्तानी सेना के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाया.
उन्होंने कई बड़ी रैलियां कीं और आरोप लगाया कि उन्हें हटाने में विदेशी साजिश और सेना का हाथ था. इसके बाद से ही उन पर एक के बाद एक 180 से भी ज्यादा आपराधिक, भ्रष्टाचार और देशद्रोह से जुड़े मुकदमे दर्ज किए गए.
कब क्या हुआ?
इसके बाद 9 मई 2023 को इमरान खान को इस्लामाबाद हाई कोर्ट के अंदर से रेंजर्स ने अल-कादिर ट्रस्ट मामले में गिरफ्तार किया. इसके बाद पूरे पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर हिंसक प्रदर्शन हुए और सेना के ठिकानों पर हमले हुए. बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश से उन्हें राहत मिली.
- 5 अगस्त 2023- तोशाखाना भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद इमरान को उनके लाहौर स्थित घर (जमान पार्क) से दोबारा गिरफ्तार किया गया. उन्हें पहले अटक जेल और फिर रावलपिंडी की अदियाला जेल में शिफ्ट किया गया.
- 29 अगस्त 2023- इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने तोशाखाना मामले में उनकी सजा को निलंबित कर दिया, लेकिन उन्हें रिहा नहीं किया गया क्योंकि तुरंत 'साइफर' केस (सरकारी गुप्त बातें लीक करना) में उनकी हिरासत बढ़ा दी गई.
- जनवरी 2024- पाकिस्तान में आम चुनावों से ठीक पहले इमरान खान को दोहरा झटका लगा. साइफर केस में 10 साल की सजा सुनाई गई और तोशाखाना केस में 14 साल की कैद का फैसला सुनाया गया.
- फरवरी 2024- इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को गैर-इस्लामिक निकाह (इद्दत केस) में भी 7 साल की सजा सुनाई गई.
- जून 2024- इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने साइफर केस में इमरान खान को बरी कर दिया, फिर भी अन्य मामलों के कारण वे जेल में ही रहे.
- दिसंबर 2025- तोशाखाना-II मामले में एक बार फिर इमरान खान और उनकी पत्नी को अदालत ने 17 साल की कैद की सजा सुनाई.
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