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पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में IED ब्लास्ट, SHO समेत छह पुलिसकर्मियों की मौत

घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पुलिस की टीम पहुंच गई है. इस घटना के पीछे कौन लोग शामिल हैं उसका पता लगाया जा रहा है साथ ही इस बात की भी जानकारी जुटाई जा रही है. जांच टीम ने मौके से कई सबूत भी इकट्ठा किए हैं. जिनकी अभी जांच हो रही है.

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में IED ब्लास्ट, SHO समेत छह पुलिसकर्मियों की मौत
आईईडी धमाके में पुलिस की गाड़ी को निशाना बनाया गया है
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  • खैबर पख्तूनख्वा के टैंक जिले में एक IED ब्लास्ट में गोमल पुलिस स्टेशन के SHO समेत छह पुलिसकर्मी मारे गए
  • विस्फोट टैंक के कोट वली इलाके से करीब पच्चीस किलोमीटर दूर हुआ, जिसमें बख्तरबंद गाड़ी पूरी तरह तबाह हो गई
  • पुलिस को संदेह है कि यह धमाका हाल ही शुरू किए गए ऑपरेशन सरबकाफ के खिलाफ प्रतिक्रिया के तौर पर किया गया है
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पाकिस्तान में हुए एक IED ब्लास्ट में एक SHO समेत छह पुलिसकर्मियों के मारे जाने की खबर है. ये धमाका पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा इलाके में हुई है.खैबर पख्तूनख्वा के टैंक जिले में एक आईईडी विस्फोट में गोमल पुलिस स्टेशन के SHO की जान चली गई. यह विस्फोट टैंक के कोट वली इलाके से करीब 25 किलोमीटर दूर हुआ है. IED ने बख्तरबंद गाड़ी को पूरी उड़ा दिया है. इस घटना के बाद से ही इलाके में पुलिस की जांच जारी है. 

पाकिस्तान के अशांत प्रांत खैबर पख्‍तूनख्‍वा में इस तरह का यह कोई पहला धमाका नहीं है. पिछले साल ही यहां एक क्रिकेट स्टेडियम में मैच के दौरान बम धमाका हो गया था. इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई लोग घायल बताए जा रहे थे. धमाके से मैदान में अफरातफरी मच गई और खिलाड़ियों व दर्शकों को तुरंत बाहर निकाला गया था. क्रिकेट स्टेडियम जैसे सार्वजनिक स्थान पर धमाका होना यह दिखाता था कि आतंकी संगठन नागरिकों में असुरक्षा और भय पैदा करना चाहते हैं. अब तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. लेकिन पुलिस को संदेह है कि यह धमाका हाल ही में शुरू किए गए ऑपरेशन सरबकाफ के खिलाफ प्रतिक्रिया के तौर पर किया गया था.

पिछले साल पाकिस्तान सरकार और सुरक्षाबलों ने खैबर पख्‍तूनख्‍वा और बलूचिस्तान जैसे इलाकों में बढ़ती आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए ऑपरेशन सरबकाफ शुरू किया था.  इसका मकसद है- आतंकी ठिकानों को खत्‍म करना, उनके नेटवर्क को तोड़ना और सीमावर्ती इलाकों में छिपे समूहों को खत्म करना था. इस ऑपरेशन में सेना, पुलिस और खुफिया एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले एक महीने में सुरक्षा बलों ने कई छापेमारी अभियान चलाए और हथियार व विस्फोटक बरामद किए थे. 

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