- स्पेन में 87 वर्षीय मारिकार्मेन अबास्कल को किराया 2.75 गुना बढ़ने पर पुलिस ने जबरदस्ती घर से निकाल दिया गया था
- इस घटना के बाद स्पेन की राजधानी मैड्रिड में घरों की बढ़ती कीमतों के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ है
- स्पेन की सरकार ने महंगे आवास को नियंत्रित करने के लिए नया बिल पेश किया है लेकिन संसद में बहुमत ही नहीं है
87 साल की एक बुजुर्ग महिला. जिस घर में 70 साल रही, उसे उस घर से ही पुलिस ने दरवाजा तोड़कर निकाल दिया गया. वजह यह थी कि उसके घर का रेंट लगभग तीन गुना बढ़ा दिया गया था और वह समय पर रेंट नहीं दे पाई. उम्र के इस पड़ाव पर घर से बेदखल किया गया तो पूरा देश ही उस बूढ़ी अम्मा के साथ खड़ा हो गया. हम बात कर रहे हैं स्पेन की जो अभी हाउसिंग क्राइसिस से गुजर रहा है. लोग इस यूरोपीय देश में बेतहाशा महंगे हुए घरों का खर्च नहीं उठा पा रहे हैं. बूढ़ी अम्मा को घर से जबरदस्ती निकालने के पुलिसिया कार्रवाई ने स्पेन में एक आंदोलन ही शुरू कर दिया है.
स्पेन की राजधानी मैड्रिड के एक मुख्य चौक पर प्रदर्शनकारियों ने लगभग 100 टेंट लगाकर डेरा डाल दिया है. इन प्रदर्शनकारियों ने सोमवार को कहा कि वे स्पेन में घरों की कमी और बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज पर दबाव बनाए रखेंगे. इस विरोध-प्रदर्शन के केंद्र में मौजूद 87 साल की मैरिकार्मेन अबस्कल ने उनसे डटे रहने की अपील की.
87 साल की मैरिकार्मेन अबस्कल के साथ क्या हुआ?
यह आंदोलन तब शुरू हुआ जब पुलिस ने पिछले हफ्ते बुधवार को मारिकार्मेन अबास्कल को मैड्रिड में उनके उस अपार्टमेंट से बेदखल कर दिया, जहां वह जीवन भर रही थीं. उन्होंने अपने जीवन के 70 साल इस घर में गुजारे हैं. न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार टेनेंट्स यूनियन ने बताया कि अबास्कल को वह घर छोड़ना पड़ा क्योंकि एक रियल एस्टेट कंपनी ने उस प्रॉपर्टी को खरीद लिया और किराया 275 प्रतिशत बढ़ाकर 2,650 यूरो (लगभग 3 लाख रुपए ) कर दिया.
पुलिस दरवाजा तोड़ने के बाद अबास्कल को उनके घर से स्ट्रेचर पर ले गई. जब यह तस्वीर बाहर आई तो इसने पूरे स्पेन के लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया. मारिकार्मेन अबास्कल घर से निकाले जाने के बाद से ही अस्पताल में भर्ती हैं. अब वह स्पेन में बेतहाशा बढ़ती मकानों की कीमतों के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन का एक प्रतीक बन गई हैं.
अब स्पेन में क्या हो रहा?
स्पेन में अगले साल चुनाव होने हैं और उससे पहले हाउसिंग संकट मुख्य मुद्दा बन गया है. आवास संकट वह स्थिति है जहां लोगों के लिए पर्याप्त, सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध नहीं होते हैं. स्पेन के लोगों का दर्द समझने के लिए आपको वहां की जमीनी हकीकत जाननी होगी. रियल एस्टेट पोर्टल 'आइडियलिस्टा' के अनुसार, पिछले दशक में स्पेन में औसत किराया लगभग दोगुना हो गया है. अगस्त में यह 15.10 यूरो पर स्क्वायर मीटर तक पहुंच गया है. यह रेंट यानी किराए पर लेने की कीमत है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अगर कोई खरीदना चाहे तो, खरीदारों के लिए यह कीमत अब 2,355 यूरो है, जो इसी अवधि में 50 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी है.
वहां की सरकार क्या कर रही है?
2018 में सत्ता में आने के बाद से कीमतों को काबू में न रख पाने के कारण अपनी ही पार्टी के भीतर कड़ी आलोचना झेल रहे प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज मंगलवार को एक नया बिल पेश करने वाले हैं. उन्होंने दूसरी राजनीतिक पार्टियों से इस बिल का समर्थन करने की अपील की है. उम्मीद है कि इस बिल में किराए के कॉन्ट्रैक्ट का अपने-आप रिन्यूअल और घर से बेदखल करने पर और पाबंदियां लगाने जैसे उपाय शामिल होंगे.
लेकिन ध्यान रहे कि स्पेन की संसद में सांचेज की पार्टी के पास बहुमत नहीं है, इसलिए यह साफ नहीं है कि इस पैकेज को मंजूरी मिलेगी या नहीं. इसी तरह का एक बिल इस साल की शुरुआत में गिर गया था.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं