- अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में ओमान की खाड़ी और अरब सागर में नाकाबंदी लागू करने की घोषणा की
- नाकाबंदी सभी प्रकार के जहाजों पर लागू होगी, चाहे उनका ध्वज किसी भी देश का हो और सोमवार 7.30 से लागू हो गई
- ईरान ने कहा है कि वह किसी भी आक्रामकता का कड़ा और निर्णायक जवाब देने के लिए पूरी तरह सतर्क और तैयार है
अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पूर्व में ओमान की खाड़ी और अरब सागर में नाकाबंदी लागू कर दी है और यह नाकाबंदी सभी प्रकार के जहाजों पर लागू होगी, चाहे उनका ध्वज किसी भी देश का हो. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इसका ऐलान कर दिया है. उन्होंने ट्रूश सोशल पर इस बात की जानकारी दी. द वाशिंगटन पोस्ट का दावा है कि 15 से ज्यादा अमेरिकी युद्धपोत होर्मुज ब्लॉक करने के काम में लगाए गए हैं.
ट्रंप ने क्या कहा
ट्रंप ने नाकाबंदी का ऐलान करते हुए ट्रूछ पर लिखा, 'ईरान की नौसेना समुद्र की तलहटी में डूबी पड़ी है, पूरी तरह नष्ट हो चुकी है - 158 जहाज. हमने उनके उन कुछ जहाजों को निशाना नहीं बनाया है जिन्हें वे "तेज हमलावर जहाज" कहते हैं, क्योंकि हमने उन्हें कोई बड़ा खतरा नहीं समझा. चेतावनी: यदि इनमें से कोई भी जहाज हमारी नाकाबंदी के करीब आता है, तो उसे तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा, उसी तरीके से जो हम समुद्र में नावों पर सवार ड्रग डीलरों के खिलाफ इस्तेमाल करते हैं. यह त्वरित और क्रूर कार्रवाई है. नोट: समुद्र या महासागर के रास्ते अमेरिका में आने वाली 98.2% ड्रग्स की तस्करी रोक दी गई है! इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद.'
चीन की ललकार
वहीं डेली ईरान न्यूज ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया है. इसमें चीनी रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून कह रहे हैं, "ईरान के साथ हमारे व्यापार और ऊर्जा समझौते हैं; हम उम्मीद करते हैं कि अन्य लोग हमारे मामलों में दखल न दें. होर्मुज जलडमरूमध्य हमारे लिए खुला है." इसके नीचे डेली ईरान न्यूज ने लिखा है- 'चीन अमेरिका को चेतावनी दे रहा है.'
Chinese Defense Minister Admiral Dong Jun:
— Daily Iran News (@DailyIranNews) April 13, 2026
"We have trade and energy agreements with Iran; we expect others not to interfere in our affairs. The Strait of Hormuz is open to us."
China is issuing a warning to the US. pic.twitter.com/oIQK9845Ty
क्या सभी जहाजों को रोका जाएगा
सूचना में आगे कहा गया है, "बिना अनुमति के नाकाबंदी वाले क्षेत्र में प्रवेश करने या बाहर निकलने वाले किसी भी जहाज को रोका जा सकता है, उसका मार्ग बदला जा सकता है और उसे जब्त किया जा सकता है. नाकाबंदी से होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गैर-ईरानी गंतव्यों के लिए आने-जाने वाले तटस्थ पारगमन मार्ग में कोई बाधा नहीं आएगी."
रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया है कि यह नाकाबंदी "पूरे ईरानी समुद्री तट" को कवर करेगी. इसमें ईरानी बंदरगाह और तेल टर्मिनल शामिल हैं, लेकिन सिर्फ इन्हीं तक सीमित नहीं है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भोजन और चिकित्सा सामग्री जैसी मानवीय सहायता वाले जहाज़ों को जाँच के बाद आने-जाने की अनुमति दी जाएगी.
ईरान ने दी चेतावनी
वहीं ईरान की प्रेस टीवी ने एक्स पर ट्वीट किया है कि ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल सैयद मजीद इब्न रजा ने कहा है कि हम किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं, और सशस्त्र बल पूरी तरह से सतर्क हैं. दुश्मन द्वारा किसी भी प्रकार की आक्रामकता या उकसावे का कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा.
🔴 Iran's Acting Minister of Defense Brigadier General Seyyed Majid Ibn Reza:
— Press TV 🔻 (@PressTV) April 13, 2026
🔺 We are ready for any scenario, and the armed forces are on maximum combat alert.
🔺 Any act of aggression or provocation by the enemy will be met with a harsh and decisive response. pic.twitter.com/t8n5GrJa4a
प्रेस टीवी की तरफ से ही ईरान के खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता का बयान जारी किया गया है कि फारस की खाड़ी और ओमान सागर में बंदरगाहों की सुरक्षा या तो सबके लिए है या किसी के लिए नहीं. शत्रु से संबद्ध जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने का अधिकार नहीं है और न ही होगा. अन्य जहाजों को ईरान के सशस्त्र बलों के नियमों का पालन करते हुए जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति होगी. यदि ईरान के बंदरगाहों की सुरक्षा को खतरा होता है, तो फारस की खाड़ी या ओमान सागर में कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा.
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