- पाकिस्तान की स्वास्थ्य समिति के अनुसार देश में एचआईवी संक्रमितों की संख्या साढ़े तीन लाख तक पहुंच गई है
- केवल 34,000 मरीज ही इलाज प्राप्त कर रहे हैं और लगभग 90 प्रतिशत मरीज बिना इलाज के खुलेआम घूम रहे हैं
- 2018 में इस्लामाबाद स्वास्थ्य नियामक प्राधिकरण की स्थापना के बावजूद निजी अस्पतालों के पास वैध लाइसेंस नहीं हैं
पाकिस्तान की नेशनल असेंबली की स्वास्थ्य समिति (NHSR&C) के अनुसार, देश में HIV संक्रमितों की संख्या साढ़े 3 लाख तक पहुंच गई है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि इनमें से केवल 34,000 मरीज ही इलाज प्राप्त कर रहे हैं, यानी करीब 90% मरीज बिना इलाज के खुलेआम घूम रहे हैं. शनिवार को डॉन (Dawn) की रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं पर बनी स्थायी समिति ने इस स्थिति को राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल के समान बताया है.
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किसी अस्पताल के पास लाइसेंस नहीं
डॉन अखबार ने शनिवार को बताया कि समिति को सूचित किया गया था कि 2018 में इस्लामाबाद स्वास्थ्य नियामक प्राधिकरण (IHRA) की स्थापना के बावजूद, इस्लामाबाद के किसी भी निजी अस्पताल और औषधालयों के पास वैध लाइसेंस तक नहीं है. निजी अस्पतालों में महंगा इलाज हो रहा है और बिलों का भुगतान न होने पर मरीजों और शवों को हिरासत में रख लिया जाता है. पाकिस्तान में अवैध क्लीनिक, असुरक्षित गर्भपात और बिना पर्चे के दवाइयों की दुकानें चल रही हैं.
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बच्चों में भी फैल रहा
संसद भवन में सांसद डॉ. महेश कुमार मलानी की अध्यक्षता में हुई बैठक में इन चिंताओं पर चर्चा की गई. इस बैठक का उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर चुनौतियों, निजी स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में नियामक खामियों और चिकित्सा शिक्षा एवं रोगी कल्याण को प्रभावित करने वाली नीतिगत बाधाओं का समाधान करना था. डॉन ने बताया कि बैठक के दौरान सदस्यों ने हॉटस्पॉट और रेड जोन की पहचान से संबंधित गंभीर मुद्दों, विशेष रूप से सिंध और पाकिस्तान के अन्य क्षेत्रों में एचआईवी पॉजिटिव नवजात शिशुओं की चिंताजनक रिपोर्टों पर प्रकाश डाला.
तेजी से बढ़ रहे मरीज
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, पिछले वर्ष दिसंबर में यह पाया गया कि पाकिस्तान डब्ल्यूएचओ के पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्र में एचआईवी महामारी सबसे तेजी से फैलने वाले देशों में से एक है. रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि पिछले 15 वर्षों में संक्रमण 200% बढ़ गया है - 2010 में 16,000 से बढ़कर 2024 में 48,000 हो गया है. इसमें कहा गया है, "अनुमान है कि पाकिस्तान में 3,50,000 लोग एचआईवी से पीड़ित हैं, लेकिन प्रभावित लोगों में से लगभग 80% को अपनी स्थिति का पता नहीं है. बच्चे तेजी से प्रभावित हो रहे हैं. 0-14 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों में नए मामले 2010 में 530 से बढ़कर 2023 में 1800 हो गए."
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