
- इजरायल के PM नेतन्याहू ने पूरे गाजा क्षेत्र पर कब्जा करने की योजना बना ली है, जबकि युद्ध और विकराल हो रहा है.
- गाजा सिटी में इजरायली हमले में अल जजीरा के प्रमुख पत्रकार अनस अल-शरीफ और चार अन्य पत्रकार सदस्य मारे गए हैं.
- IDF ने अनस अल-शरीफ पर हमला किया, उसे हमास से जुड़ा आतंकवादी बताते हुए पत्रकार होने का दावा खारिज किया है.
इजरायल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पूरे गाजा पर कब्जा करने का प्लानिंग कर ली है, लेकिन ग्राउंड पर स्थिति और विकराल होती जा रही है. अब कतर से चलने वाले मीडिया हाउस अल जजीरा ने कहा कि रविवार को गाजा सिटी में उनके तंबू पर इजरायली हमले में उनके एक प्रमुख रिपोर्टर सहित उसके दो संवाददाता और तीन कैमरामैन मारे गए. वहीं इजरायली सेना ने एक बयान में अनस अल-शरीफ को निशाना बनाने की बात तो स्वीकार की, लेकिन उसने मृतक रिपोर्टर को हमास से जुड़ा "आतंकवादी" करार दिया.
अल जजीरा ने कहा, "गाजा शहर में पत्रकारों के आवास पर एक टारगेटेड इजरायली हमले में अल जजीरा के पत्रकार अनस अल-शरीफ अपने चार सहयोगियों के साथ मारे गए हैं… 28 वर्षीय अल-शरीफ की रविवार को हॉस्पिटल के मेन गेट के बाहर पत्रकारों के लिए बने तंबू पर हमला करने के बाद हत्या कर दी गई. जाने-माने अल जजीरा के यह अरबी संवाददाता ने उत्तरी गाजा से बड़े पैमाने पर रिपोर्टिंग की थी."
चैनल ने कहा कि गाजा सिटी में एक तंबू पर हमले के दौरान उसके पांच स्टाफ सदस्य मारे गए. बाकि के पत्रकार थे- कैमरा ऑपरेटर इब्राहिम जहेर, मोहम्मद नौफल और मोमेन अलीवा के साथ मोहम्मद क़्रेइकह.
इजरायली सेना का दावा
इजरायली सेना ने पुष्टि की कि उसने हमला किया था. लेकिन साथ ही उसने कहा कि उसने अल जजीरा के अल-शरीफ पर हमला किया था और मरने वाला "आतंकवादी" था जिसने "पत्रकार के रूप में खुद को पेश किया".
टेलीग्राम पर सेना के लिए IDF नाम का उपयोग करते हुए कहा गया, "कुछ समय पहले, गाजा शहर में, IDF ने आतंकवादी अनस अल-शरीफ पर हमला किया, जो खुद को अल जजीरा नेटवर्क का पत्रकार बताकर रहता था."
इसमें कहा गया, "अनस अल-शरीफ ने हमास आतंकवादी संगठन में एक आतंकवादी सेल के प्रमुख के रूप में कार्य किया और इजरायली नागरिकों और IDF सैनिकों के खिलाफ रॉकेट हमलों को आगे बढ़ाने के लिए जिम्मेदार था."
गाजा के पत्रकारों की भयावह स्थिति
अल-शरीफ गाजा में जमीन पर काम करने वाले चैनल के सबसे पहचाने जाने वाले चेहरों में से एक थे, जो हर दिन की रिपोर्ट देते थे. रविवार को प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद, जहां प्रधान मंत्री ने गाजा में एक नए हमले को मंजूरी देने का बचाव किया, अल-शरीफ ने एक्स पोस्ट किया जिसमें गाजा शहर पर "तीव्र, केंद्रित इजरायली बमबारी" का जिक्र किया गया था.
मीडिया निगरानी संस्था रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (आरएसएफ) ने जुलाई की शुरुआत में कहा था कि युद्ध शुरू होने के बाद से गाजा में 200 से अधिक पत्रकार मारे गए हैं, जिनमें अल जजीरा के कई पत्रकार भी शामिल हैं.
गाजा में 20 लाख से अधिक फिलिस्तीनी नागरिकों की दुर्दशा पर अंतर्राष्ट्रीय आलोचना बढ़ रही है, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और अधिकार समूहों ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में अकाल पड़ रहा है. अब इजरायली पीएम नेतन्याहू जंग रोकने की जगह इसे बढ़ाकर पूरे गाजा पर कब्जा करने की तैयारी में हैं, प्लान पास हो चुका है.
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