इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में भारतीय पायलट स्मित मछार पर हमला करने वाले ओमान के सह पायलट ने आखिर किस हथियार से घातक हमला किया था. वो क्या ये हथियार बाहर से लिया था, इस सवाल की गुत्थी सुलझ गई है.पायलट पर हमले के बाद प्लेन 34 हजार फीट की ऊंचाई से करीब 17 हजार फीट नीचे आया था. जांच में सामने आया है कि हमलावर कोई बाहरी हथियार विमान में लेकर नहीं आया था. विमान में इमरजेंसी के वक्त इस्तेमाल क्रैश एक्स (एक तरह की कुल्हाड़ी) से कैप्टन स्मित पर अटैक किया गया.
कॉकपिट में क्यों रखी होती है क्रैश एक्स
अब जांच से पता चला है कि कथित हमलावर कॉकपिट में कोई चाकू या बाहर का हथियार छिपाकर नहीं ले गया था. CBS न्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हो सकता है कि उसने अपने साथी पर ज़ोरदार हमला करने के लिए क्रैश एक्स या फायर एक्स का इस्तेमाल किया हो. ये विमान के कॉकपिट के अंदर ही रखी होती है. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कहा था कि कथित हमले में क्रैश एक्स का इस्तेमाल किया गया था.
33 हजार से 17 हजार फीट की ऊंचाई पर आया
Flightradar24 के मुताबिक, दुबई से उड़ान भरने के करीब ढाई घंटे बाद मची अफरातफरी के बीच, विमान लगभग एक मिनट में 33 हजार फीट से 17 हजार फीट की ऊंचाई पर नीचे आया. फिर उसने जॉर्डन की सीमा के पास एक अजीब सा चक्कर लगाया और हाईजैक कोड भेजने के बीच करीब एक घंटे बाद सऊदी अरब के शहर तबुक में लैंड किया. एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ विमान की बातचीत सुनने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि तबुक में लैंड करने से पहले सऊदी अरब और जॉर्डन ने विमान को वापस भेज दिया था. जबकि बैकग्राउंड में यात्री चीख-चिल्ला रहे थे. पायलट की आवाज कांप रही थी, जब उसने मेडे (आपातकालीन संकेत) दिया और बताया कि विमान को हाईजैक किया जा रहा है.

कॉकपिट में कुल्हाड़ी क्यों थी?
इंटरनेशनल एविएशन नियमों के तहत, हवाई जहाज में फैक्ट्री से ही एक आपातकालीन कुल्हाड़ी लगाई जाती है. हर कमर्शियल एयरलाइनर में इसका होना जरूरी है. दशकों से हवाई जहाज़ों में किसी न किसी रूप में आपातकालीन उपकरण के तौर पर इन्हें लगाया जाता रहा है, ताकि क्रैश के बाद इनका इस्तेमाल किया जा सके. पहले कुल्हाड़ियां मुख्य केबिन में रखी जाती थीं, लेकिन 25 साल पहले अमेरिका में 9/11 के आतंकी हमलों के बाद इन्हें कॉकपिट में शिफ्ट कर दिया गया. अब यह हथियार कॉकपिट में पायलटों की पहुंच के आस-पास ही रखा जाता है.
नेतन्याहू ने भी कुल्हाड़ी का इशारा किया था
को-पायलट की सही पहचान अभी पता नहीं चली है. ओमान के को-पायलट की पहचान और मकसद का पता नहीं चल पाया है, लेकिन नेतन्याहू ने कहा है कि सह पायलट को गिरफ्तार कर लिया गया है. दूसरी ओर, सऊदी और UAE अधिकारियों ने जांच जारी होने की पुष्टि करने के अलावा सार्वजनिक रूप से ज्यादा कुछ नहीं कहा है. फ्लाईदुबई ने कहा है कि जांच पूरी होने तक इजरायल आने-जाने वाली उसकी उड़ानें रोक दी जाएंगी. हवा में हुई यह घटना ऐसे समय में हुई जब इजरायल ने सुरक्षा को लेकर किसी अज्ञात, लेकिन गंभीर खतरे की चेतावनी दी थी. देश हमास के नेतृत्व में 7 अक्टूबर, 2023 को इज़राइल पर हुए हमले की बरसी से एक हफ्ता बाकी है.इसके कारण गाजा में युद्ध शुरू हुआ था. इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने CNN को बताया कि कैप्टन मच्छर और कॉकपिट में घुसे यात्रियों ने 9/11 जैसी तबाही को रोकने में कामयाबी हासिल की.

इमरजेंसी में काम आती है कुल्हाड़ी
एनडीटीवी पर डिफेंस एक्सपर्ट एयर कोमोडोर रिटायर्ड एएस बहल ने कहा कि प्लेन से 7500 का एंटी हाईजैक कोड एयर ट्रैफिक कंट्रोल को भेजा जाता है तो एटीसी उसको जवाब नहीं देता. वो उसे री कंफर्म कर सकता है, पर जवाब नहीं देता क्यों नहीं देता? हो सकता है कि हाईजैकर अगर अंदर है तो वो भी उस बात को सुनेगा और वो हो सकता है कोई गलत एक्शन ले ले. इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम के तहत औजार रखे होते हैं कि जहाज कभी क्रैश करता है तो विंडशील्ड को तोड़ कर या कोई और एरिया को तोड़ कर लोगों को बाहर निकला जा सके. हवाई जहाज हादसे में नुकसान कम से कम हो.
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पायलट की भी कई लेवल पर जांच
बहल ने कहा कि पायलट की जहाज की कॉकपिट तक पहुंच के पहले ड्रग, ड्रग्स एंड अल्कोहल चेक के साथ कई तरह की जांच से गुजरना पड़ता है.ओमानी पायलट ने शायद इसीलिए कुल्हाड़ी से हिट किया हो. भविष्य में हमें ध्यान देना पड़ेगा कि कल इसका इस्तेमाल इनसाइड कॉकपिट फाइट के अंदर ना किया जाए किसी गलत तरीके से ना कर लिया जाए.
ओमानी पायलट पर टिकी जांच की दिशा
एसोसिएट एडिटर ऋषभ माधवेंद्र प्रताप ने कहा, प्लेन हाईजैक साजिश का जो केस है, उसकी जांच के लिए विशेष टीम बना दी गई है. जांच टीम को सबूत जुटाने के निर्देश दिए गए हैं. हमले के पीछे की मंशा क्या थी. अब जांच की जाएगी कि आखिर ऐसी क्या वजह थी कि ओमानी पायलट जो है, इस तरह से हमलावर बन गया. आतंकी एंगल से भी इस मामले की जांच की जाएगी. ओमानी पायलट भी सालों से फ्लाई कर रहा होगा और उसका भी एक ठीक-ठाक रिकॉर्ड रहा होगा.
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