- स्मित के कंधे, सीने, हाथ और पेट पर कई चोट के निशान देखने को मिले.
- फ्लाईदुबई के एक पायलट ने हमलावर को पायलट को धार्मिक चरमपंथी बताया है.
- जांच करने वाले अधिकारी ब्लैक बॉक्स से डेटा मिलने का इंतजार कर रहे हैं.
फ्लाईदुबई प्लेन को हाइजैक से बचाने वाले स्मित मछार इजरायल सहित पूरी दुनिया के हीरो बन चुके हैं. अब उनका पहला वीडियो सामने आया है. वीडियो में वो स्ट्रेचर पर लेटे हुए हैं. उनके चेहरे पर किसी तरह का डर नहीं दिखा. वो बड़े इत्मिनान से स्ट्रेचर पर लेटे हुए थे. हालांकि, उनको स्ट्रेचर पर ले जाने वाले जरूर बहुत सावधानी बरत रहे थे. स्मित के कंधे, सीने, हाथ और पेट पर कई चोट के निशान देखने को मिले. सबसे बड़ी पट्टी स्मित के कंधे पर बंधी दिखी. माना जा रहा है कि सबसे ज्यादा चोट आई है. हालांकि, इसके बावजूद स्मित अब बातचीत करने लगे हैं.
फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 को दुबई से तेल अवीव के लिए एक सामान्य उड़ान भरनी थी. लेकिन कॉकपिट में अचानक उनके को पायलट भारतीय नागरिक और फ्लाइट कैप्टन स्मित मछार के चाकू मारे जाने के बाद यह फ़्लाइट लगभग 18,000 फ़ीट नीचे गिर गई. इजरायली अधिकारियों ने बताया कि को-पायलट (जो ओमान का नागरिक बताया जा रहा है) ने प्लेन को क्रैश करने की कोशिश की, लेकिन यात्रियों ने उसे काबू में कर लिया और ड्यूटी पर न होने वाले दूसरे पायलटों ने प्लेन को सऊदी अरब में सुरक्षित उतार लिया.
अब इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि को-पायलट, जिसकी अभी तक आधिकारिक तौर पर पहचान नहीं हो पाई है, हिरासत में है. हालांकि, इस हरकत के पीछे उसका मकसद क्या था, इसकी पुष्टि नहीं हुई है और उस पर अभी तक कोई आरोप भी नहीं लगाया गया है. इजरायल के चैनल 16 न्यूज से बात करते हुए, फ्लाईदुबई के एक पायलट ने हमलावर को पायलट को धार्मिक चरमपंथी बताया. पायलट ने कहा कि कथित हमलावर सिर्फ आठ महीने पहले ही फ्लाईदुबई से जुड़ा था. उन्होंने आगे कहा, "वह दिन भर बहुत ज्यादा प्रार्थना करता था और महिलाओं से हाथ मिलाने से इनकार करता था."
यात्रियों से जुटाया जा रहा वीडियो
जांच करने वाले अधिकारी ब्लैक बॉक्स से डेटा मिलने का इंतजार कर रहे हैं और यात्रियों के वीडियो इकट्ठा कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि अफरातफरी शुरू होने से ठीक पहले क्या हुआ था. लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, कथित हमलावर की ओमान की नागरिकता को लेकर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि इज़रायली कानून के मुताबिक, अगर कोई एयरलाइन इजरायल में अपना कामकाज चलाना चाहती है, तो सिर्फ उन्हीं देशों के पायलटों को देश में विमान उतारने की इजाजत दी जाती है जिनके साथ इजरायल के औपचारिक संबंध हैं.
इस बात पर सबसे ज्यादा बवाल
इजरायल के ओमान के साथ कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं, और ओमान के नागरिकों को इस यहूदी देश में प्रवेश करने से पहले वीजा लेना जरूरी है. 'टाइम्स ऑफ़ इजरायल' की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल की परिवहन मंत्री मिरी रेगेव ने देश के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण से यह जांच करने को कहा है कि क्या संयुक्त अरब अमीरात ने को-पायलट को विमान उड़ाने की अनुमति देकर अपने उड्डयन समझौते का उल्लंघन किया है. परिवहन मंत्रालय के एक सूत्र ने 'जेरूसलम पोस्ट' को बताया, "यह समझौते का स्पष्ट उल्लंघन है."
इस मामले की जानकारी रखने वाले अन्य सूत्रों ने 'चैनल 12' को बताया कि ओमान के पायलट के पास दोहरी नागरिकता थी; हो सकता है कि इसी वजह से उसे विमान उड़ाने की अनुमति दी गई हो, क्योंकि दोनों देशों के बीच यात्रा पर कड़े प्रतिबंध हैं.
प्लेन लगभग 34,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था, तभी कॉकपिट में पायलटों के बीच हाथापाई हुई और मुख्य पायलट पर हमला हो गया, जिसके बाद प्लेन अचानक कुछ ही मिनटों में लगभग 18,000 फीट नीचे आ गया. नेतन्याहू के ऑफ़िस के मुताबिक, प्लेन से दो डिस्ट्रेस वॉर्निंग (आपातकालीन संकेत) जारी किए गए - जिनमें से एक कोड 7500 था, जो हाईजैकिंग का संकेत देता है - और इसके बाद माछर ने, जो अपने ही खून से लथपथ थे, अपनी "बची-खुची ताकत" का इस्तेमाल करके कॉकपिट का दरवाजा खोलने वाला लॉक खोला.
इससे यात्रियों और क्रू को को-पायलट पर काबू पाने में मदद मिली और फ्लाईबाई के दो अन्य पायलट, जो प्लेन में मौजूद थे, जेट को तबुक में उतार पाए. इजरायली मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावर और घायल पायलट को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
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