- एलन मस्क ने ट्विटर पर रिलायंस और भाजपा के कथित वित्तीय और प्रचार संबंधों की दो रिपोर्ट साझा कीं.
- रिपोर्टों में आरोप लगाया गया कि रिलायंस से जुड़ी कंपनियों ने भाजपा को बड़े पैमाने पर राजनीतिक चंदा दिया था.
- मस्क ने मुकेश अंबानी को व्यंग्यात्मक रूप में प्रधानमंत्री अंबानी कहा और एकाधिकार बनाए रखने का आरोप लगाया.
अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क ने भारतीय उद्योगपति मुकेश अंबानी पर फिर निशाना साधा है. इस बार मस्क ने एक्स पर दो रिपोर्ट के स्क्रीनशॉट शेयर किए. जिसमें रिलायंस और भाजपा के लिंक के बारे में लिखा गया है. इन खबरों में आरोप लगाया गया था कि रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा वित्तपोषित एक कंपनी ने सोशल मीडिया पर भाजपा के अभियानों को बढ़ावा देने में मदद की और रिलायंस से जुड़ी एक कंपनी ने सत्तारूढ़ दल को बड़ा राजनीतिक चंदा दिया.
रिपोर्ट में दावा- रिलायंस ने भाजपा को 285 करोड़ रुपए दिए
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर मस्क द्वारा साझा की गई ताजा पोस्ट में 2022 की अल जजीरा की एक खबर शामिल थी, जिसका शीर्षक था - 'रिलायंस द्वारा वित्तपोषित एक फर्म ने कैसे फेसबुक पर बीजेपी के अभियान को बढ़ावा दिया.' इसके साथ ही एक और पुरानी खबर साझा की गई, जिसमें बताया गया कि रिलायंस से जुड़ी एक कंपनी ने चुनावी बॉन्ड के माध्यम से भाजपा को 385 करोड़ रुपये और शिवसेना को 25 करोड़ रुपये का चंदा दिया था.

एलन मस्क के एक्स पोस्ट.
'प्रधानमंत्री अंबानी' कहकर किया था संबोधित
यह ताजा पोस्ट ऐसे समय आई है जब मस्क भारत में स्टारलिंक की उपग्रह ब्रॉडबैंड (सैटकॉम) सेवाओं की शुरुआत में लगातार हो रही देरी को लेकर मुकेश अंबानी की कड़ी आलोचना कर रहे हैं. इससे कुछ ही घंटे पहले उन्होंने उद्योगपति मुकेश अंबानी को व्यंग्यात्मक लहजे में ‘‘प्रधानमंत्री अंबानी'' कहकर संबोधित किया था और उन पर ‘‘एकाधिकार'' बनाए रखने की कोशिश करने का आरोप लगाया था.

अंबानी पर हमला करते हुए एलन मस्क के एक्स पोस्ट.
रिलायंस ने मस्क के आरोपों पर नहीं दी कोई प्रतिक्रिया
साथ ही, उद्योगपति मस्क ने पूछा, ‘‘क्या अंबानी देश में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा को प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति देने पर विचार करेंगे.'' रिलायंस ने मस्क के इन आरोपों पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. दूसरी ओर सरकार का कहना है कि दूरसंचार और उपग्रह सेवाओं के लिए देश का आधिकारिक ढांचा ''निष्पक्ष और गैर-भेदभावपूर्ण'' है तथा इसे चुनिंदा तरीके से लागू किए जाने की कोई भी बात ''निराधार और भ्रामक'' है.
सिंधिया ने कहा था- एकाधिकार की अनुमति नहीं
संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट किया था कि भारत किसी भी क्षेत्र में एकाधिकार की अनुमति नहीं देता है. उन्होंने कहा था कि एक ‘खास' कंपनी को लेकर काफी चर्चा हो रही है, लेकिन देश में तीन कंपनियों को उपग्रह संचार (सैटकॉम) लाइसेंस मिल चुके हैं. इनमें से हरेक कंपनी को सुरक्षा संबंधी शर्तें पूरी करने के बाद ही सेवाएं शुरू करने की अनुमति मिलेगी.
यह भी पढ़ें - स्टारलिंक विवाद पर एलन मस्क का सवाल- क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं