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एफिल टॉवर विवाद: महिला कर्मचारियों को हटाने पर मचा था बवाल, अब कंपनी के प्रमुख देंगे इस्तीफा

यह विवाद 5 सितंबर को उस समय शुरू हुआ था जब बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS) के एक प्रतिनिधिमंडल ने एफिल टॉवर का दौरा किया.

एफिल टॉवर विवाद: महिला कर्मचारियों को हटाने पर मचा था बवाल, अब कंपनी के प्रमुख देंगे इस्तीफा
फाइल फोटो
Pixabay

पेरिस के मशहूर एफिल टॉवर में एक धार्मिक समूह के दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों को ड्यूटी से हटाने का मामला इतना बढ़ गया कि अब स्मारक का संचालन करने वाली कंपनी के प्रमुख को पद छोड़ना पड़ रहा है. फ्रांस में लैंगिक समानता और धर्मनिरपेक्षता को लेकर खड़े हुए इस विवाद ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुर्खियां बटोरी थीं. फ्रांस की राजधानी पेरिस के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक एफिल टॉवर का संचालन करने वाली कंपनी SETE ने मंगलवार को घोषणा की कि उसके महानिदेशक पैट्रिक ब्रांको रुइवो वर्ष 2026 के आखिर तक अपना पद छोड़ देंगे.

कंपनी ने कहा कि आंतरिक जांच में यह पाया गया कि सितंबर में हुए एक विशेष दौरे के आयोजन के दौरान 'संचालन संबंधी खामियां और गंभीर चूक' हुई थीं. इसकी वजह से महिला कर्मचारियों को उनके वर्कप्लेस से हटाया गया था. कंपनी ने इस घटना को 'अस्वीकार्य' बताया है.

कब शुरू हुआ विवाद?

यह विवाद 5 सितंबर को उस समय शुरू हुआ था जब बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (BAPS) के एक प्रतिनिधिमंडल ने एफिल टॉवर का दौरा किया. SETE ने बाद में स्वीकार किया कि हिंदू आध्यात्मिक संगठन की ओर से ऐसा अनुरोध किया गया था कि दौरे के दौरान महिलाओं के साथ बातचीत और संपर्क को सीमित रखा जाए. कंपनी ने माना कि ऐसी शर्तों को स्वीकार करना गलत था और ऐसा नहीं होना चाहिए था.

मामले के सामने आने के बाद एफिल टॉवर के कर्मचारियों में भारी नाराजगी फैल गई. विरोधस्वरूप कर्मचारियों ने काम बंद कर दिया. इसकी वजह से दुनिया के सबसे प्रसिद्ध स्मारकों में शामिल एफिल टॉवर को एक दिन के लिए बंद भी करना पड़ा. फ्रांस में राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने इस घटना की कड़ी आलोचना की. आलोचकों का कहना था कि यह फ्रांस के उन मूल्यों के खिलाफ है जो लैंगिक समानता और धर्मनिरपेक्षता पर आधारित हैं.

बोर्ड के अध्यक्ष का क्या कहना है?

SETE के बोर्ड अध्यक्ष एरियल वील ने कहा कि आने वाले महीनों में नेतृत्व परिवर्तन की तैयारी की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नए कदम उठाए जाएंगे. उन्होंने एक विशेष प्रोटोकॉल विभाग बनाने, कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए नई प्रक्रियाएं लागू करने की बात कही.

एफिल टॉवर का स्वामित्व पेरिस शहर के पास है और हर साल करीब 70 लाख पर्यटक यहां आते हैं. पेरिस के सोशलिस्ट मेयर इमैनुएल ग्रेगोयर ने घटना के समय महिला कर्मचारियों को हटाने के फैसले को "बेतुका, अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्य" बताया था. उन्होंने मामले की जांच के लिए दो अलग-अलग जांच प्रक्रियाएं शुरू कराई थीं.

मंगलवार को मेयर के करीबी सूत्रों ने बताया कि ग्रेगोयर ने पैट्रिक ब्रांको रुइवो के इस्तीफा देने के फैसले को जिम्मेदार कदम बताया है. उन्होंने कहा कि अब सबसे जरूरी यह सुनिश्चित करना है कि इस पूरे मामले से सबक लिया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों.

संगठन ने माफी मांगी

दूसरी ओर, BAPS ने भी इस पूरे विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि इस घटना से किसी को दुख या असुविधा हुई है तो संगठन उसके लिए खेद व्यक्त करता है. संगठन ने माफी मांगते हुए कहा कि उसका उद्देश्य किसी का अपमान करना नहीं था. उल्लेखनीय है कि इसी सप्ताहांत BAPS ने पेरिस के पास अपना पहला बड़ा मंदिर भी खोला था.

एफिल टॉवर कर्मचारियों के संगठन ने अपने बयान में आरोप लगाया था कि दौरे के दौरान उन्हें ऐसे निर्देश दिए गए जिनके कारण "महिला कर्मचारियों को उनके लिंग के आधार पर किनारे कर दिया गया, उनकी जगह पुरुष कर्मचारियों को लगाया गया और उन्हें लगभग अदृश्य बना दिया गया." 

बयान के मुताबिक, कुछ महिला कर्मचारियों को अपने कार्यस्थल छोड़ने के लिए कहा गया, कुछ जगहों पर उनकी जगह पुरुष कर्मचारियों को तैनात किया गया और प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी के दौरान महिलाओं को कुछ खास क्षेत्रों से गुजरने तक की अनुमति नहीं थी.

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