काहिरा:
मिस्र के पूर्व राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक को जेल से रिहा करने के अदालती आदेश के बाद प्रधानमंत्री हजेम अल-बेदलावी ने उन्हें नजरबंदी में रखने का आदेश दिया।
मिस्र की सरकारी टीवी चैनल के मुताबिक, देश में लागू आपातकालीन कानूनों के तहत सैन्य उप कमांडर की भूमिका निभा रहे प्रधानमंत्री ने बुधवार देर शाम यह आदेश जारी किया।
सरकारी चैनल की खबर के मुताबिक, आपातकालीन कानूनों के दायरे में उप सैन्य शासक ने मुबारक को नजरबंदी में रखने का आदेश दिया। मिस्र की सत्ता पर करीब तीन दशक तक काबिज रहे 85-वर्षीय मुबारक तोरा कारागार में बंद हैं और अगले 48 घंटों तक उन्हें रिहा नहीं किया जाएगा, जिससे कि अभियोजन पक्ष को उनकी रिहाई के खिलाफ अपील करने का मौका मिल सके।
मिस्र की सरकारी टीवी चैनल के मुताबिक, देश में लागू आपातकालीन कानूनों के तहत सैन्य उप कमांडर की भूमिका निभा रहे प्रधानमंत्री ने बुधवार देर शाम यह आदेश जारी किया।
सरकारी चैनल की खबर के मुताबिक, आपातकालीन कानूनों के दायरे में उप सैन्य शासक ने मुबारक को नजरबंदी में रखने का आदेश दिया। मिस्र की सत्ता पर करीब तीन दशक तक काबिज रहे 85-वर्षीय मुबारक तोरा कारागार में बंद हैं और अगले 48 घंटों तक उन्हें रिहा नहीं किया जाएगा, जिससे कि अभियोजन पक्ष को उनकी रिहाई के खिलाफ अपील करने का मौका मिल सके।
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