अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चीन दौरे से लौटते ही मध्य पूर्व में युद्ध के बादल गहरा गए हैं. ईरान के साथ जारी तनाव के बीच ट्रंप एक ऐसा बड़ा फैसला लेने जा रहे हैं. 'द न्यूयॉर्क टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर कूटनीतिक रास्ते बंद होते हैं, तो अमेरिकी राष्ट्रपति सैन्य ताकत का इस्तेमाल करते हुए ईरान पर फिर से बड़े हवाई हमले (एयर स्ट्राइक्स) शुरू कर सकते हैं. इसके लिए पेंटागन के शीर्ष अधिकारी और सैन्य प्लानर्स पूरी मुस्तैदी से खाका तैयार करने में जुट गए हैं.
ईरान के ताजा शांति प्रस्ताव को खारिज करते हुए ट्रंप बेहद तल्ख लहजे में कहा, "मैंने उस प्रस्ताव को देखा और अगर मुझे उसकी पहली लाइन ही पसंद नहीं आई, इसलिए मैंने उसे उठाकर फेंक दिया."
'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 2.0' की तैयारी?
एक तरफ जहां दुनिया के कई देश इस कोशिश में जुटे हैं कि कोई बीच का रास्ता निकल आए ताकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोला जा सके. पिछले महीने हुए सीजफायर के बाद अब पर्दे के पीछे पेंटागन हर तरह की स्थिति से निपटने की तैयारी कर रहा है.
सैन्य रणनीतिकार पिछले महीने रुके 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' को एक नए ऑपरेशनल नाम के साथ दोबारा शुरू करने की योजना बना रहे हैं. क्षेत्रीय खुफिया सूत्रों के हवाले से न्यूयॉर्क टाइम्स ने दावा किया है कि पिछले संघर्षविराम के बाद से अमेरिका और इजरायली सेना अब तक के सबसे बड़े संयुक्त युद्धाभ्यास और तैयारियों में जुटी है. मध्य पूर्व के दो अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह तैयारियां इतनी आगे बढ़ चुकी हैं कि अगले हफ्ते की शुरुआत में ही ईरान पर संभावित हमले किए जा सकते हैं.
यह भी पढ़ें: ईरान-ताइवान से लेकर बिजनेस तक... क्या ट्रंप चीन दौरे से जो हासिल करना चाहते थे वो पूरा हुआ?
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं