- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को "तूफान से पहले की शांति" बताते हुए चेतावनी दी है
- ट्रंप के शीर्ष सहयोगी ईरान पर हवाई हमलों को फिर से शुरू करने की योजना बना रहे हैं, जिसके संकेत मिल रहे हैं
- मिडिल ईस्ट में 8 अप्रैल से लागू युद्धविराम के बावजूद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव कम होने के संकेत नहीं
क्या अमेरिका और ईरान के बीच फिर युद्ध छिड़ सकता है? ऐसे कुछ संकेत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दी है. ईरान और अमेरिका के बीच अभी सीजफायर चल रहा है, लेकिन दोनों देशों के बीच अभी कोई 'शांति समझौता' नहीं हुआ है. इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में सैन्य कार्रवाई न करने को 'तूफान से पहले की शांति' बताते हुए धमकी दी है. यह चेतावनी ईरान पर हवाई हमले फिर से शुरू करने के बारे में अपने सहयोगियों के साथ चर्चा की खबरों के बीच दी गई है. तो क्या अमेरिका अब साथी देशों के साथ मिलकर ईरान पर हमले करने की प्लानिंग कर रहा है?
ट्रंप की ईरान को चेतावनी
सोशल मीडिया पर शेयर की गई एक AI इमेज में राष्ट्रपति ट्रंप को 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' लिखी टोपी पहने हुए देखा जा सकता है, और उनके बगल में एक अमेरिकी नौसेना एडमिरल खड़े हैं. फोटो में दोनों समुद्र के बीच एक अमेरिकी नौसेना के जहाज पर खड़े हैं. दोनों के पीछे से बिजली की चमक रही है. इसके पीछे कुछ ईरानी जहाज भी दिखाई दे रहे हैं.
New media post from Donald J. Trump
— Donald J Trump Truth Social Posts On X (@TrumpTruthOnX) May 16, 2026
( TruthSocial: May 16 2026, 4:03 PM ET ) pic.twitter.com/dgXKB5ZeTJ
राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा शेयर की गई इस फोटो पर लिखा है- "तूफान से पहले की शांति". इसे ईरान के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा सकता है, क्योंकि न्यूयॉर्क टाइम्स ने दावा किया है कि ट्रंप ईरान पर एक महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाले हैं. ट्रंप के शीर्ष सहयोगी हवाई हमले फिर से शुरू करने की योजना बना रहे हैं.
ईरान से फिर शांति वार्ता करना चाहते हैं ट्रंप?
यह तस्वीर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ऐसे समय में शेयर की गई है, जब मिडिल ईस्ट में 8 अप्रैल से लागू युद्धविराम अभी भी लागू है, लेकिन महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर टेंशन कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं. इसे लेकर राष्ट्रपति ट्रंप विश्व नेताओं के साथ कई बैठकें कर रहे हैं. हाल ही में ट्रंप ने चीन का भी दौरा किया है. ट्रंप ने कुछ दिनों पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर जल्द ही शांति समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के लिए "बहुत बुरा समय" आएगा. उधर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को बताया कि उनकी सरकार को ट्रंप प्रशासन से मैसेज मिले हैं, जिनमें नई बातचीत को शुरू करने के लिए उत्सुकता नजर आ रही है, लेकिन उन्होंने वाशिंगटन के असल इरादों पर सवाल उठाए हैं.
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ईरान और अमेरिका के बीच पिछले महीने पाकिस्तान में बातचीत हुई थी, लेकिन ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं और होर्मुज पर नियंत्रण के मुद्दे पर आम सहमति नहीं बन सकी. होर्मुज से होकर दुनिया के 20 प्रतिशत तेल का परिवहन होता है. ट्रंप ने इस मुद्दे पर अपने चीनी समकक्ष शी जिनपिंग से चर्चा की, जो अगले सप्ताह की शुरुआत में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलेंगे. चीन तेहरान का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बना हुआ है और होर्मुज से ऊर्जा आपूर्ति पर काफी हद तक निर्भर है.
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