- बुरहानपुर की दीपाली माने का विवाह एक साल पहले महाराष्ट्र के वाशिम जिले में सेना जवान ध्यानेश्वर मदने से हुआ.
- दीपाली को ससुराल में मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा, जिसमें पति ने मारपीट भी की थी.
- 7 महीने की गर्भवती दीपाली की गोदभराई 4 दिन पहले हुई, इसके बाद अचानक घायल होने की सूचना मिली और उसकी मौत हो गई.
एमपी बुरहानपुर की एक बेटी के लिए शादी के बाद जो जीवन नए सपनों और खुशियों से शुरू हुआ था, वह महज एक साल के भीतर दर्दनाक अंत तक पहुंच गया. सात महीने की गर्भवती दीपाली माने की महाराष्ट्र के वाशिम जिले में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. परिवार का आरोप है कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है. सबसे दर्दनाक बात यह है कि दीपाली की गोदभराई की रस्म महज चार दिन पहले ही हुई थी और परिवार उसके मातृत्व के इंतजार में खुशियां मना रहा था. अब इस मामले में पुलिस ने फौजी पति समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.
शारिक अख्तर दुर्रानी की रिपोर्ट...
एक साल पहले हुई थी शादी
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर निवासी दीपाली माने का विवाह करीब एक वर्ष पहले महाराष्ट्र के वाशिम जिले में रहने वाले सेना के जवान ध्यानेश्वर मदने से हुआ था. परिजनों के मुताबिक शादी के शुरुआती तीन महीने सामान्य रहे, लेकिन इसके बाद दीपाली को ससुराल में परेशानियों का सामना करना पड़ा. परिवार का आरोप है कि पति का व्यवहार लगातार बदलता गया और वह दीपाली को मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगा.
पहले भी प्रताड़ना के आरोप लगे
परिवार के अनुसार, कोलकाता में पोस्टिंग के दौरान आरोपी पति ने दीपाली के साथ मारपीट की और उसे फिनाइल पिलाने तथा फांसी पर लटकाने की कोशिश भी की थी. बताया गया कि इस दौरान उसका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया था. दीपाली ने यह पूरी बात अपने माता-पिता को बताई. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई और मामला सुलझाने का प्रयास किया.

ससुर ने दिया था भरोसा
परिजनों का कहना है कि समझौते के दौरान आरोपी के पिता नंदू मदने ने आश्वासन दिया था कि भविष्य में ऐसी कोई घटना नहीं होगी और दीपाली को किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी. परिवार ने रिश्ते को बचाने और बेटी के वैवाहिक जीवन को देखते हुए इस भरोसे पर विश्वास कर लिया था.
गोदभराई की खुशियां मातम में बदलीं
दीपाली सात महीने की गर्भवती थी. 2 अगस्त को उसका मायका पक्ष वाशिम पहुंचा था, जहां पूरे रीति-रिवाज के साथ गोदभराई का कार्यक्रम आयोजित किया गया. परिजनों ने दीपाली को कुछ दिनों के लिए बुरहानपुर ले जाने की इच्छा जताई थी, लेकिन ससुराल पक्ष ने इसकी अनुमति नहीं दी. परिवार खुशियों के साथ वापस लौट आया, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही दिनों बाद एक दर्दनाक खबर उनका इंतजार कर रही है.
घायल होने की सूचना, फिर हत्या का खुलासा
6 अगस्त को अचानक परिवार को सूचना मिली कि दीपाली गिरकर घायल हो गई है. यह खबर मिलते ही परिजन वाशिम पहुंचे. वहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि दीपाली की मौत हो चुकी है. परिजनों का आरोप है कि उन्हें पहले वास्तविक जानकारी नहीं दी. बाद में पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला हत्या का सामने आया है.
पति, सास और ससुर गिरफ्तार
परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने सेना में पदस्थ जवान ध्यानेश्वर मदने, उसके पिता नंदू मदने और मां इंदु मदने के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है.
परिवार ने मांगी कड़ी सजा
दीपाली के परिजन इस घटना से गहरे सदमे में हैं. उनका कहना है कि उनकी बेटी के साथ अमानवीय व्यवहार किया और उसकी हत्या कर दी. परिवार चाहता है कि आरोपियों को ऐसी सजा मिले जो समाज के लिए एक उदाहरण बने. परिजन आरोपियों के लिए फांसी जैसी कठोर सजा की मांग कर रहे हैं.
दीपाली की मौत की खबर से बुरहानपुर में शोक और आक्रोश का माहौल है. स्थानीय पार्षद सहित कई लोगों ने इस घटना पर दुख जताया है. उनका कहना है कि एक गर्भवती महिला की इस तरह हत्या किया जाना बेहद गंभीर और दुखद घटना है. उन्होंने भी न्याय व्यवस्था से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और कठोर दंड देने की मांग की है.
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