विज्ञापन

ट्रंप की क्रूर इमिग्रेशन पॉलिसी ने एक महीने में ली 8 लोगों की जान, अमेरिका में भड़के विद्रोह की वजह समझिए

Minneapolis shooting case: अमेरिका में शनिवार को फेडरल इमिग्रेशन एजेंटों ने एक और अमेरिकी नागरिक एलेक्स प्रेट्टी की हत्या कर दी, जो ICU नर्स थे.

ट्रंप की क्रूर इमिग्रेशन पॉलिसी ने एक महीने में ली 8 लोगों की जान, अमेरिका में भड़के विद्रोह की वजह समझिए
Minneapolis shooting case: महीने के अंदर दूसरे अमेरिकी को ट्रंप के एजेंट्स ने गोली मारकर मौत के घाट उतारा
  • मिनेसोटा के मिनियापोलिस में ICE एजेंटों की गोली से अमेरिकी नागरिक प्रेट्टी की मौत हो गई, जिससे तनाव बढ़ गया
  • ट्रंप सरकार ने ICE एजेंटों की कार्रवाई को सेल्फ डिफेंस बताते हुए समर्थन किय, विपक्ष पर अराजकता फैलाने का आरोप
  • वायरल वीडियो में दिखा कि प्रेट्टी ने बंदूक को कभी हाथ नहीं लगाया था, लेकिन ICE एजेंटों ने उसे गोली मार दी
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियां ने विदेशों में ही नहीं अमेरिका के अंदर भी उथल-पुथल मचा रखा है. अमेरिका के अंदर से अवैध प्रवासियों को निकालने के लिए डोनाल्ड ट्रंप सख्त इमिग्रेशन पॉलिसी अपना रहे हैं लेकिन इसे अंजाम देने की कोशिश में ट्रंप के एजेंट सीमा लांघते नजर आ रहे हैं. उनपर अमेरिकियों को ही गोली मारकर मौत के घाट उतारने का आरोप लग रहा है. अमेरिका में मिनेसोटा के मिनियापोलिस में अमेरिका में इमिग्रेशन एजेंटों (ICE) की गोली से एक और शख्स की मौत हो गई है और वहां तनाव बढ़ गया है. 

यह घटना जनवरी में हुई ऐसी पांच गोलीबारी में से एक थी, जिसमें अवैध प्रवासियों को खोजने वाले वाले फेडरल एजेंट शामिल थे. इससे पहले मिनेसोटा की महिला रेनी गुड की भी ICE एजेंटों ने गोली मारकर जान ले ली थी. इतना ही नहीं रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार इस महीने अवैध प्रवासियों को रखे जाने वाले फेडरल हिरासत केंद्र में कम से कम छह अप्रवासियों की मौत हो गई है, जो असामान्य रूप से काफी अधिक है.

Q- अमेरिका में अब क्या हुआ है?

शनिवार को फेडरल इमिग्रेशन एजेंटों ने एक और अमेरिकी नागरिक एलेक्स प्रेट्टी की हत्या कर दी, जो ICU नर्स थे. कुछ हफ्ते पहले ही मिनियापोलिस में ICE अधिकारियों ने 37 साल की एक महिला, रेनी गुड को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था. इसके बाद इलाके में यह दूसरी हत्या है. 

Latest and Breaking News on NDTV

Q- एजेंट की कार्रवाई पर ट्रंप सरकार ने क्या कहा?

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ICE की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा था कि वह सेल्फ डिफेंस था. डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी ने प्रेट्टी के पास से मिला एक पिस्तौल की ओर इशारा किया है. डोनाल्ड ट्रम्प ने विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी पर ही "अराजकता" पैदा करने का आरोप लगाया है जिसके कारण संघीय एजेंटों के हाथों दो अमेरिकियों की मौत हो गई है. राष्ट्रपति ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर यह भी दावा किया कि डेमोक्रेट के कंट्रोल वाले शहर और राज्य ICE के साथ सहयोग करने से इनकार कर रहे हैं और "वास्तव में वामपंथी आंदोलनकारियों को उनके कार्यों में गैरकानूनी रूप से बाधा डालने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं".

Q- असल में वीडियो में क्या दिखा था?

वायरल हो रहे वीडियो में प्रेट्टी बर्फ से ढकी सड़क पर एजेंटों को फिल्माते और ट्रैफिक को कंट्रोल करते हुए दिख रहे हैं. एक वीडियो में ICE अधिकारी को एक महिला प्रदर्शनकारी को फुटपाथ पर जमीन पर धकेलते हुए देखा गया. इसके बाद प्रेट्टी उनके बीच आ जाते हैं और एजेंट के चेहरे पर एक केमिकल इरिटेंट स्प्रे कर देता है. इसके बाद एजेंट, प्रेट्टी को जमीन पर खींच लेता है और कई अधिकारी उसे बर्फ वाली सड़क पर हिरासत में लेने की कोशिश करने लगते हैं. इस बीच जैसे ही एक अधिकारी को लगता है कि प्रेट्टी के पास बंदूक है, वह उसके पैंट से बंदूक निकालता है कि तभी दूसरा एजेंट प्रेट्टी पर गोली चला देता है. इसके बाद ICE अधिकारी दूर से उसके बेजान शरीर पर कई बार गोली चलाते हैं.

Latest and Breaking News on NDTV
तमाम न्यूज एजेंसी ने सामने आए वीडियोज की एनालिसिस की है. हर में एक ही बात कही गई है कि भले प्रेटी ने अपने पास बंदूक (लाइसेंसी) रखी थी लेकिन उसने कभी भी बंदूक को हाथ नहीं लगाया था. किसी प्वाइंट पर उसने ICE एजेंट पर गोली चलाने की कोशिश नहीं की. इसके बावजूद उसे गोली मारा गया.

Q- ट्रंप सरकार के खिलाफ अमेरिका में क्या हो रहा?

ट्रंप सरकार की सख्त कार्रवाई के कारण मिनेसोटा राज्य में व्यापक प्रदर्शन हो रहे हैं. यहां ट्रंप सरकार से ऑर्डर मिलने के बाद ICE का ऑपरेशन छह सप्ताह से अधिक समय से चल रहा है. इहां सरकार ने इसे एक सार्वजनिक सुरक्षा अभियान बताया है, जिसका उद्देश्य देश में अवैध रूप से अपराधियों को निर्वासित करना है. लेकिन आलोचकों का कहना है कि उन प्रवासियों को भी निशाना बनाया जा रहा है जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और अमेरिकी नागरिकों को भी हिरासत में लिया जा रहा है. इसी महीने 2 अमेरिकी नागरिकों की कार्रवाई में मौत के बाद लोगों का गुस्सा अलग लेबल पर पहुंच गया है.

Latest and Breaking News on NDTV

Q- ट्रंप सरकार पर कैसे दबाव बढ़ रहा है?

मिनियापोलिस में एलेक्स प्रेट्टी की हत्या की पूरी तरह से जांच करने के लिए डोनाल्ड ट्रंप की सरकार पर दबाव बढ़ गया है. पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल ने हत्या को "एक दिल दहला देने वाली त्रासदी" कहा है. उन्होंने कहा कि पार्टी की परवाह किए बिना यह घटना हर अमेरिकी के लिए एक अलार्म है कि एक राष्ट्र के रूप में कई मूल मूल्यों पर तेजी से हमला हो रहा है. पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने भी कहा है कि अमेरिका एक ऐतिहासिक क्षण का सामना कर रहा है जो आने वाले वर्षों में इसे आकार देगा और उन्होंने अमेरिकियों से बोलने और "यह दिखाने का आग्रह किया है कि हमारा देश अभी भी हम लोगों का है".

विपक्षी पार्टी ही नहीं, ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के अंदर से भी आवाज उठने लगी है. हाउस होमलैंड सुरक्षा समिति के रिपब्लिकन अध्यक्ष एंड्रयू गारबेरिनो ने ICE समेत इमिग्रेशन से जुड़े सभी एजेंसियों के टॉप अधिकारी से गवाही मांगी है और कहा है, "मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता अमेरिकियों को सुरक्षित रखना है". कई अन्य कांग्रेसी रिपब्लिकन भी मामले में अधिक जानकारी के लिए दबाव डाल रहे हैं. इनमें टेक्सास के प्रतिनिधि माइकल मैककॉल और उत्तरी कैरोलिना के सीनेटर थॉम टिलिस, लुइसियाना के बिल कैसिडी, मेन के सुसान कोलिन्स और अलास्का के लिसा मुर्कोव्स्की शामिल हैं.

मिनेसोटा राज्या और स्थानीय एजेंसियों ने भी इस मामले में मुकदमा दायर कर दिया है. इसके बाद एक अमेरिकी संघीय न्यायाधीश ने एक आपातकालीन आदेश जारी किया है जिसमें अधिकारियों को एलेक्स प्रेट्टी की मौत से संबंधित सभी सबूतों को संभाल कर रखने को कहा गया है.

यह भी पढ़ें: एलेक्स जेफ्री के पास पिस्टल रखने का अधिकार था, पर अमेरिकी अधिकारियों ने गोलियों से भून दिया

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com