ईरान के साथ MoU पर साइन होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के रिश्तों में कड़वाहट नजर आने लगी है. लेकिन ये कड़वाहट नई नहीं है. हाल ही में एक किताब आई है, जिसमें दावा किया गया है कि एक बातचीत के दौरान ट्रंप ने नेतन्याहू की जमकर आलोचना की थी.
यह किताब न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्टर मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान ने लिखा है कि सितंबर 2025 में एक बातचीत के दौरान इतना तनाव बढ़ गया था कि ट्रंप ने नेतन्याहू को खूब खरी-खरी सुनाई थी. तब ट्रंप ने नेतन्याहू से गाजा पीस डील को मानने को कहा था और कहा था कि 'सभी यहूदी आपसे तंग आ चुके हैं.'
'रिजीम चेंज: इनसाइड द इंपीरियल प्रेसिडेंसी ऑफ डोनाल्ड ट्रंप' नाम की यह किताब ट्रंप के राष्ट्रपति के तौर पर दूसरे कार्यकाल के बारे में है. गाजा पीस डील ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद ही हुई थी. ट्रंप इसे लेकर कई बार दावा भी करते हैं कि उन्होंने इजरायल और हमास के बीच सीजफायर करवाया था.
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'सब तुमसे तंग आ चुके हैं बीबी'
किताब के मुताबिक, सितंबर 2025 में बातचीत के दौरान ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा, 'मैंने तुम्हारी सुरक्षा के लिए सब कुछ किया है. अब तुम्हें इस बात को मानना ही होगा. यह बहुत लंबे समय से चल रहा है.'
दोनों के बीच यह बातचीत सितंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान हुई थी, जब ट्रंप गाजा में युद्ध खत्म करने और उसके पुनर्निर्माण के लिए कोशिश कर रहे थे.
किताब के अनुसार, तीखी बहस के दौरान ट्रंप ने कहा, 'हर कोई आपसे तंग आ चुका है, बीबी. सभी यहूदी आपसे तंग आ चुके हैं. यहां तक कि इस कॉल पर मौजूद दो यहूदी भी आपसे तंग आ चुके हैं.' उन्होंने यह बात स्टीव विटकोफ और जेरेड कुशनर की ओर इशारा करते हुए कही.
ट्रंप ने चिल्लाते हुए कहा, 'तुम अब इससे पीछे नहीं हट सकते. मैं इजरायल का अब तक का सबसे अच्छा दोस्त रहा हूं. सब तुम्हें नापसंद करते हैं, और मैं हमेशा तुम्हारे साथ खड़ा रहा हूं. मैं तुम्हें बता रहा हूं, यह इजरायल के लिए बहुत अच्छा सौदा है.'
किताब के एक अलग हिस्से में यह आरोप लगाया गया है कि ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत में नेतन्याहू को 'धोखेबाज' कहा था.
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ट्रंप ने जब नेतन्याहू को 'सनकी' कहा
एक्सियोस की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस महीने की शुरुआत में हुई एक बातचीत में ट्रंप ने लेबनान में इजरायल की आक्रामक कार्रवाई को लेकर नेतन्याहू को 'बहुत ज्यादा सनकी' कहा था.
इजरायल की कार्रवाई से ईरान के साथ शांति वार्ता के खतरे में पड़ने की आशंका थी. साथ ही, ट्रंप ने उन पर 'एहसान' न मानने का आरोप भी लगाया.
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि उन्होंने नेतन्याहू को जेल जाने से बचाने में मदद की थी. यह बात इजरायली नेता के भ्रष्टाचार के मुकदमे के दौरान उनके समर्थन के संदर्भ में कही गई थी.
एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा, 'तुम बहुत ज्यादा सनकी हो. अगर मैं न होता तो तुम जेल में होते. मैं तुम्हारी जान बचा रहा हूं. अब हर कोई तुमसे नफरत करता है. इसकी वजह से हर कोई इजरायल से नफरत करता है.'
एक मौके पर, एक सूत्र ने बताया कि ट्रंप नेतन्याहू से 'नाराज' हो गए और उनसे पूछा, 'तुम यह क्या बकवास कर रहे हो?'
हालांकि, बाद में उन्होंने उस प्रकाशन को बताया कि नेतन्याहू के साथ उनके रिश्ते 'अच्छे' हैं और अमेरिका को उन्हें थोड़ा समझदार बनाए रखना है. वहीं, नेतन्याहू ने CNBC को दिए इंटरव्यू में ट्रंप के साथ तनाव को महज 'रणनीतिक असहमति' बताया था.
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