- जोहरान ममदानी के समर्थन वाले तीनों ही उम्मीदवार सांसदी का चुनाव लड़ने के लिए डेमोक्रेटिक प्राइमरी जीत गए हैं
- न्यूयॉर्क के मेयर बनने के बाद ममदानी अब दूसरे नेताओं की जीत में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं, ट्रंप नाराज नजर आए
- ट्रंप ने कहा कि मेरे सर्मथन वाले भी लोग जीतते हैं लेकिन मीडिया मेरा गुणगान नहीं करता है
अमेरिका की राजनीति में आज से एक साल पहले तक जोहरान ममदानी का कोई बड़ा नाम नहीं था. लेकिन अब वह किंग मेकर बनते दिख रहे हैं. न्यूयॉर्क के मेयर बनने के बाद ममदानी सिर्फ अपनी सीट तक सीमित नहीं रहे, बल्कि दूसरे नेताओं की जीत में भी अहम भूमिका निभाने लगे हैं. उनके समर्थन वाले तीनों उम्मीदवार सांसदी का चुनाव लड़ने के लिए डेमोक्रेटिक प्राइमरी जीत गए हैं. यानी यह तीनों अब सांसदी चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार होंगी. ममदानी का सिक्का जब अमेरिका की राजनीति में जमने लगा है तो दर्द राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी हो रहा है. ट्रंप ममदानी को 'कट्टर वामपंथी पागल' तक कह चुके हैं और अब कह रहे हैं कि मेरे सर्मथन वाले भी लोग जीतते हैं लेकिन मीडिया मेरा गुणगान नहीं करता है.
ममदानी ने ऐसा क्या कर दिया?
न्यूयॉर्क के मेयर और भारतीय मूल के नेता जोहरान ममदानी के समर्थन वाले तीन उम्मीदवारों ने कांग्रेस के लिए हुई डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनावों में जीत हासिल की. दरअसल अमेरिका में पार्टी का उम्मीदवार बनने के लिए भी चुनाव होता है और इसे प्राइमरी इलेक्शन कहते हैं. 34 साल के ममदानी की इस सफलता ने उन्हें न्यूयॉर्क की राजनीति में एक तरह का किंगमेकर बना दिया है. उनकी इस सफलता को उनके सपोर्टर समाजवाद की जीत कह रहे हैं.
- पूर्व मेयर के वित्तीय अधिकारी रहे ब्रैड लैंडर ने न्यूयॉर्क के 10वें कांग्रेस जिले में दो बार से सांसद रहे डेनियल गोल्डमैन को हरा दिया. लैंडर ने इजरायल को अमेरिका की ओर से सैन्य सहायता बंद करने की मांग की थी, जबकि गोल्डमैन को इजरायल समर्थक समूहों का समर्थन मिला था.
- 13वें कांग्रेस जिले में डारियालिजा अविला शेवेलियर ने जीत हासिल की जो ममदानी की पार्टी डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका (डीएसए) की सदस्य हैं.
- ममदानी समर्थित एक और उम्मीदवार क्लेयर वाल्डेज ने एंटोनियो रेनोसो को हराकर जीत दर्ज की.

तीनों विनर्स के साथ जोहरान ममदानी और बर्नी सैंडर्स (फोटो- एएफपी)
ममदानी का तेजी से उभरना इस बहस को भी सामने लाता है कि अमेरिका कि विपक्षी पार्टी- डेमोक्रेटिक पार्टी का भविष्य खुद को सेंट्रिस्ट बताने वाले नेताओं के साथ होगा या वामपंथी नेताओं के साथ. राजनीतिक विश्लेषक और बराक ओबामा की सरकार में अधिकारी रहे वान जोन्स ने CNN से कहा, "यह पार्टी के पुराने नेतृत्व और नए उभरते आंदोलन के बीच की लड़ाई है... डेमोक्रेटिक पार्टी का पुराना ढांचा अब कमजोर पड़ रहा है. यह अब सिर्फ आंदोलन नहीं रहा, बल्कि आंदोलन और राजनीतिक मशीन दोनों बन चुका है."
बुधवार को ममदानी ने कहा कि भविष्य के लिए केवल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की "क्रूरता" का विरोध करना ही काफी नहीं है. ममदानी की सफलता के बाद पार्टी के अंदर मतभेद भी सामने आए. पेंसिल्वेनिया के डेमोक्रेटिक सीनेटर जॉन फेटरमैन ने इन नतीजों को न्यूयॉर्क के "कट्टर वामपंथियों" के लिए बड़ी जीत बताया.
ममदानी की तारीफ होते फूटा ट्रंप का गुस्सा
ऐसा लगा कि डोनाल्ड ट्रंप को ममदानी की नीतियों से ज्यादा राष्ट्रीय स्तर पर उनकी बढ़ती पहचान की चिंता सता रही है. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, "मेयर ममदानी ने तीन मजबूत कम्युनिस्ट उम्मीदवारों को जीत दिलाई और उन्हें फेक न्यूज मीडिया से जोरदार और हर तरफ से तारीफ मिली. बधाई हो मिस्टर मेयर! मैंने पिछली रात 16-0 का रिकॉर्ड बनाया और शानदार अमेरिकी देशभक्तों को जिताने में मदद की, लेकिन मीडिया इस बारे में एक शब्द भी नहीं कहता."

क्या ममदानी आंदोलन बनाने की कोशिश कर रहे?
एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार राजनीतिक विश्लेषक लिंकन मिशेल ने कहा कि ममदानी और उनके सहयोगी एक बड़ा राजनीतिक आंदोलन खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, "लंबे समय तक लोगों से कहा जाता रहा कि बहुत ज्यादा वामपंथी उम्मीदवार चुनाव नहीं जीत सकते. लेकिन अगर वे अब सफल हो जाते हैं, तो यह तर्क खत्म हो जाएगा. असली दांव इसी पर लगा है."
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