वाशिंगटन:
इस बात पर जोर देते हुए कि सीमापार हमलों से पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा घटी है, अमेरिकी थिंक टैंक के एक विशेषज्ञ ने सोमवार को कहा कि भारत की बदला लेने की नई नीति के फलस्वरूप पाकिस्तान अपने ही जाल में फंस गया है.
स्टिम्सन सेंटर के सह-संस्थापक माइकल क्रीपोन ने आर्म्स कंट्रोल वोंक के संपादकीय पृष्ठ में लिखा है, 'जो कभी पाकिस्तान की रणनीतिक संपत्ति मानी जाती थी, अब गंभीर बोझ बन गई है. सीमापार हमलों ने पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा और सहानुभूति काफी हद तक घटा दी है, जो उसे उसकी पुरानी शिकायतों के चलते दूसरे देशों से मिलती थी.'
इसी के साथ उनकी यह भी राय थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कूटनीतिक रूप से (पाकिस्तान को) अलग-थलग करने में सफल रहे हों, लेकिन तीन बड़ी शक्तियां- अमेरिका, रूस और चीन फिलहाल ऐसा करने के लिए इच्छुक न हो.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
स्टिम्सन सेंटर के सह-संस्थापक माइकल क्रीपोन ने आर्म्स कंट्रोल वोंक के संपादकीय पृष्ठ में लिखा है, 'जो कभी पाकिस्तान की रणनीतिक संपत्ति मानी जाती थी, अब गंभीर बोझ बन गई है. सीमापार हमलों ने पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा और सहानुभूति काफी हद तक घटा दी है, जो उसे उसकी पुरानी शिकायतों के चलते दूसरे देशों से मिलती थी.'
इसी के साथ उनकी यह भी राय थी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कूटनीतिक रूप से (पाकिस्तान को) अलग-थलग करने में सफल रहे हों, लेकिन तीन बड़ी शक्तियां- अमेरिका, रूस और चीन फिलहाल ऐसा करने के लिए इच्छुक न हो.
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