नैरोबी:
चीन हिंद महासागर और अफ्रीका महाद्वीप में सैन्य उपस्थिति बढ़ाने के लिए नए गठजोड़ बना रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बीजिंग का मकसद अफ्रीकी क्षेत्र में अपने आर्थिक हितों की रक्षा करना है। बीते तीन सप्ताह में चीन ने सोमालिया में मौजूद यूगांडा के सैनिकों और सेशेल्स को समुद्री लूट के खिलाफ लड़ने में मदद का वादा कर चुका है। ब्रसेल्स इंस्टीट्यूट ऑफ चाइनीज कंटेंपररी स्टडीज के जोनाथन होसलैंग का कहना है, यह बेहद स्पष्ट है कि चीन के नेता मानते हैं कि सैन्य ताकत से विदेश में उसके हितों की रक्षा में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि चीन में तेल का 85 फीसदी आयात और 60 फीसदी निर्यात अदन की खाड़ी के रास्ते से होता है और ऐसे में हिंद महासागर बीजिंग के लिए खासा महत्वपूर्ण है।
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हिंद महासागर, सैन्य उपस्थिति, चीन