
कोर्ट में पेशी के दौरान बो शिलाई
जिनान / बीजिंग:
चीन की एक अदालत ने संकटों से घिरे कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व शीर्ष नेता बो शिलाई को रिश्वत, धोखाधड़ी और शक्ति के दुरूपयोग के मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
पूर्वी चीन के शांदोंग प्रांत में जिनान इंटरमीडिएट कोर्ट ने पूर्व पोलित ब्यूरो सदस्य और चोंगकिंग शहर के कम्युनिस्ट पार्टी प्रमुख को सभी तीन आरोपों में दोषी ठहराया। अदालत ने पिछले महीने बो के खिलाफ पांच दिन तक अभूतपूर्व ढंग से 'खुली सुनवाई' की थी।
बो पर फैसला सुनाए जाने के समय अदालत कक्ष खचाखच भरा हुआ था। अदालत ने रिश्वतखोरी के आरोपों में बो को आजीवन कारावास, धोखाधड़ी के मामले में 15 साल और शक्ति के दुरूपयोग के मामले में सात साल कैद की सजा सुनाई। रिश्वतखोरी, धोखाधड़ी और शक्ति के दुरूपयोग के आरोप लगने के बाद 64-वर्षीय बो को पिछले साल चोंगकिंग शहर के प्रमुख पद से बर्खास्त कर दिया गया था और सत्तारूढ़ पार्टी से निकाल दिया गया था।
आधिकारिक मीडिया ने बताया कि अदालत ने बो को सभी राजनीतिक अधिकारों से भी वंचित कर दिया और उनकी संपत्ति कुर्क करने के आदेश दिए। उन पर दो करोड़ युआन (35 लाख अमेरिकी डॉलर) की रिश्वत लेने और फ्रांस में आलीशान विला रखने का आरोप था। बो ने इन सभी आरोपों से इनकार किया था।
हांगकांग आधारित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने कहा कि वह फैसले के खिलाफ शांदोंग प्रांत की उच्च अदालत में अपील दायर करेंगे। इस अदालत का फैसला अंतिम निर्णय होगा। सन 1981 में 'गैंग ऑफ फोर', जिसमें माओ जेडोंग की विधवा शामिल थीं, मुकदमे के बाद यह मामला कम्युनिस्ट चीन का सबसे अधिक संवेदनशील राजनीतिक मुकदमा माना गया।
पूर्वी चीन के शांदोंग प्रांत में जिनान इंटरमीडिएट कोर्ट ने पूर्व पोलित ब्यूरो सदस्य और चोंगकिंग शहर के कम्युनिस्ट पार्टी प्रमुख को सभी तीन आरोपों में दोषी ठहराया। अदालत ने पिछले महीने बो के खिलाफ पांच दिन तक अभूतपूर्व ढंग से 'खुली सुनवाई' की थी।
बो पर फैसला सुनाए जाने के समय अदालत कक्ष खचाखच भरा हुआ था। अदालत ने रिश्वतखोरी के आरोपों में बो को आजीवन कारावास, धोखाधड़ी के मामले में 15 साल और शक्ति के दुरूपयोग के मामले में सात साल कैद की सजा सुनाई। रिश्वतखोरी, धोखाधड़ी और शक्ति के दुरूपयोग के आरोप लगने के बाद 64-वर्षीय बो को पिछले साल चोंगकिंग शहर के प्रमुख पद से बर्खास्त कर दिया गया था और सत्तारूढ़ पार्टी से निकाल दिया गया था।
आधिकारिक मीडिया ने बताया कि अदालत ने बो को सभी राजनीतिक अधिकारों से भी वंचित कर दिया और उनकी संपत्ति कुर्क करने के आदेश दिए। उन पर दो करोड़ युआन (35 लाख अमेरिकी डॉलर) की रिश्वत लेने और फ्रांस में आलीशान विला रखने का आरोप था। बो ने इन सभी आरोपों से इनकार किया था।
हांगकांग आधारित साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने कहा कि वह फैसले के खिलाफ शांदोंग प्रांत की उच्च अदालत में अपील दायर करेंगे। इस अदालत का फैसला अंतिम निर्णय होगा। सन 1981 में 'गैंग ऑफ फोर', जिसमें माओ जेडोंग की विधवा शामिल थीं, मुकदमे के बाद यह मामला कम्युनिस्ट चीन का सबसे अधिक संवेदनशील राजनीतिक मुकदमा माना गया।
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