- ट्रक की बस से टक्कर में 16 हॉकी खिलाड़ियों की मौत
- जसकीरत को हुई थी 8 साल जेल की सजा
- कनाडा में रुकने की नहीं मिली इजाजत
कनाडा में हम्बोल्ट ब्रोंकोस बस दुर्घटना के मुख्य आरोपी भारतीय मूल के ट्रक ड्राइवर जसकीरत सिंह सिद्धू (Jaskirat Singh Sidhu) भारत में अपने निर्वासन के खिलाफ कनाडा में केस हार गया है. कोर्ट ने ट्रक ड्राइवर जसकीरत के आवेदन को खारिज कर दिया है और उसे खतरनाक ड्राइविंग के आरोपों में दोषी ठहराया है. दरअसल, ट्रक-बस दुर्घटना में 16 लोगों की जान चली गई थी और 13 लोग घायल हुए थे.
जज ने जसकीरत का आवेदन खारिज किया
जज ने ट्रक ड्राइवर के कनाडा में रहने के आवेदन को खारिज कर दिया, जिन्हें खतरनाक ड्राइविंग के आरोपों में दोषी ठहराया गया था.सिद्धू को इस मामले में आठ साल जेल की सजा सुनाई गई थी. दुर्घटना से 1 महीने से भी कम समय पहले ही उन्होंने ये नौकरी ज्वाइन की थी. यह दुर्घटना 6 अप्रैल 2018 को सस्केचेवान राजमार्ग 335 के चौराहे पर हुई थी.
-
रुपये की गिरती कीमत पर RBI गवर्नर का बड़ा बयान, कोई फिक्स लेवल नहीं, जानिए क्या है रिजर्व बैंक का एक्शन प्लान -
टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग अनिवार्य? RBI गवर्नर ने NDTV समिट में बताया ये क्यों है जरूरी -
मैं कर्म में विश्वास करता हूं... NDTV वर्ल्ड समिट में तुषार ने बताया किन वजहों से जीता यूके में मेयर का चुनाव -
AI से बुलेट ट्रेन तक... अश्विनी वैष्णव ने बताया भारत का फ्यूचर प्लान -
बिकिनी सीन करने में कृति सेनन को क्यों लगे 12 साल? बोलीं- 6-7 साल पहले ऐसा नहीं कर पातीं -
AI एक्ट्रेस टिली नॉरवुड को पसंद है ये बॉलीवुड फिल्म, कृति सेनन के सामने सुनाया फेमस डायलॉग -
NDTV World Summit 2026: वेजिटेरियन खिलाड़ियों को कौन सी दिक्कतें होती हैं? Savita, Neeru ने बताया -
NDTV World Summit 2026 के मंच पर भारत की 'गोल्डन गर्ल्स' ने बताया जीत का मंत्रा! | Asian Games 2026 -
NDTV World Summit 2026: Lovlina Borgohain ने बताया जीवन का सबसे बड़ा चैलेंज! क्यों लगने लगे ठहाके? -
NDTV World Summit 2026: हॉकी चैंपियन नेहा गोयल का बड़ा खुलासा! दर्द में भी जीत का जश्न
16 हॉकी खिलाड़ियों की गई थी जान
सीबीसी न्यूज के अनुसार, नवविवाहित और स्थायी निवासी सिद्धू ने हॉकी क्लब के खिलाड़ियों को ले जा रही बस को ट्रक से टक्कर मार दी थी. इसमें 16 खिलाड़ियों की मौत हो गई थी. इस साल की शुरुआत में सिद्धू को पैरोल दी गई थी और कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी ने उनके निर्वासन की सिफारिश की थी.
सिद्धू के वकील माइकल ग्रीन ने सितंबर में अदालत के समक्ष दलील दी थी कि सीमा सेवा अधिकारियों ने सिद्धू के घटना से पहले के साफ आपराधिक रिकॉर्ड और पश्चाताप पर विचार नहीं किया. सग्रीन ने आगे आग्रह किया कि एजेंसी को मामले की दोबारा समीक्षा करने और निर्णय को रद्द करने का आदेश दिया जाए.
मुख्य न्यायाधीश पॉल क्रैम्पटन ने अपने फैसले में लिखा, "इस अदालत में सिद्धू के आवेदन के पीछे तथ्य इस घटना के पीड़ितों के साथ अन्याय होगा. कई लोगों की जान चली गई, कई घर टूट गए और बहुतों की उम्मीदें और सपने चकनाचूर हो गए.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं