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क्लस्टर बमों से दहला कंबोडिया, थाईलैंड से सीमा संघर्ष ने लिया खतरनाक मोड़

कंबोडियाई रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि थाईलैंड के लड़ाकू विमानों ने नागरिक इलाकों में 4 क्लस्टर बम गिराए, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हुआ है.

क्लस्टर बमों से दहला कंबोडिया, थाईलैंड से सीमा संघर्ष ने लिया खतरनाक मोड़

कंबोडिया और थाईलैंड के बीच चल रहा सीमा विवाद अब और खतरनाक मोड़ ले रहा है. कंबोडिया ने बुधवार को थाई सेना पर आरोप लगाया कि उसने रिहायशी इलाकों में खतरनाक क्लस्टर बमों का इस्तेमाल किया है. उधर थाईलैंड की आर्मी का कहना था कि ये क्लस्टर बम नागरिक ठिकानों को नहीं बल्कि सैन्य ठिकानों को टारगेट करने के लिए दागे गए थे

आरोपः रिहाइशी इलाकों पर गिराए 4 क्लस्टर बम

कंबोडियाई रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि थाईलैंड के लड़ाकू विमानों ने बंतेय मेन्चे और बट्टमबांग प्रांतों के नागरिक इलाकों में 4 क्लस्टर बम गिराए, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हुआ है. कंबोडियाई अधिकारियों के मुताबिक, इन हमलों में अब तक एक मासूम बच्चे सहित 21 नागरिकों की मौत हो चुकी है जबकि 80 से अधिक गंभीर रूप से घायल हैं. 

जहरीली गैस, कलस्टर बमों के इस्तेमाल पर चिंता

कंबोडिया की माइन एक्शन अथॉरिटी ने थाईलैंड की तरफ से जहरीली गैस और क्लस्टर बम जैसे हथियारों के इस्तेमाल पर गहरी चिंता जाहिर की है. ये भी दावा है कि थाईलैंड की सेना ने तोपों और टैंकों के जरिए उन जगहों को निशाना बनाया है, जहां आम लोग रह रहे थे.

थाई आर्मी का दावा, सैन्य ठिकानों पर गिए बम

वहीं थाईलैंड की रॉयल आर्मी ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है और कहा है कि बमों का उद्देश्य नागरिकों को नुकसान पहुंचाना नहीं था. थाई प्रवक्ता विन्थाई सुवरी ने कहा कि जिन हथियारों का इस्तेमाल किया गया, वो सिर्फ सैन्य ठिकानों को नष्ट करने के लिए थे. उनका कहना था कि दोनों में से कोई भी देश क्लस्टर बम पर बैन वाली अंतरराष्ट्रीय संधि का हिस्सा नहीं है, इसलिए उनके ऊपर कानूनन इनके इस्तेमाल पर रोक नहीं है. 

क्या होता है क्लस्टर बम?

क्लस्टर बम ऐसा खतरनाक हथियार है, जिसमें दर्जनों से लेकर सैकड़ों छोटे-छोटे बम होते हैं. हवा में छोड़े जाने पर यह निश्चित ऊंचाई पर जाकर फट जाता और उसके अंदर मौजूद छोटे-छोटे बम बड़े इलाके में फैलकर तबाही मचाते हैं. इनकी एक समस्या यह भी है कि इनमें से कई छोटे बम तुरंत नहीं फटते और लंबे समय तक पड़े रहते हैं, जिससे युद्ध खत्म होने के बाद भी लोगों के लिए खतरा बने रहते हैं. 

युद्धविराम पर बातचीत शुरू

थाईलैंड-कंबोडिया संघर्ष के 16 दिन बाद सैन्य प्रतिनिधिमंडल फिर से शांति वार्ता के लिए तैयार हो गया है. बुधवार को चंथाबुरी प्रांत में सीजफायर और निगरानी प्रणाली को लेकर जनरल बॉर्डर कमेटी (जीबीसी) की सेक्रेटेरिएट-लेवल की बैठक शुरू हुई. बताया गया कि यह शुरुआती बातचीत गुरुवार सुबह 9 बजे होने वाली पूर्ण प्रतिनिधिमंडल बैठक के लिए एजेंडा तय करने के लिए थी. थाई रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने पहले कहा था कि सचिव स्तर की मीटिंग बुधवार से शुक्रवार तक चलेगी. 

अब तक 5.46 लाख से ज्यादा विस्थापित

कंबोडिया और थाईलैंड के बीच संघर्ष ने बड़े पैमाने पर मानवीय संकट पैदा किया है. कंबोडिया गृह मंत्रालय  के मुताबिक, सीमा पर जारी संघर्ष की वजह से अब तक 5 लाख 45 हजार से ज्यादा लोगों को अपने घरों से भागकर सुरक्षित कैंपों में शरण लेनी पड़ी है. 7 दिसंबर से शुरू हुई यह लड़ाई थमने का नाम नहीं ले रही है. दोनों देश एक-दूसरे पर युद्ध भड़काने के आरोप लगा रहे हैं.

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मनोज शर्मा
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