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खालिदा जिया की मौत पर राजनीति करना परेशान करने वाला... बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना का बड़ा बयान

शेख हसीना ने कहा कि यह दावा कि मैं उनकी मौत के लिए जिम्मेदार हूं, बिल्कुल झूठ है. इस तरह से मौत का राजनीतिकरण करना सच को आरोप से बदलने की एक परेशान करने वाली आदत को दिखाता है.

खालिदा जिया की मौत पर राजनीति करना परेशान करने वाला... बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना का बड़ा बयान
खालिदा जिया की हत्या को लेकर शेख हसीना का बड़ा बयान
  • शेख हसीना ने कहा कि खालिदा जिया की मौत राजनीतिकरण कर आरोप लगाना गलत और देश के लिए नुकसानदेह है
  • बीएनपी ने खालिदा जिया को जेल में रखने और इलाज न मिलने के कारण उनकी सेहत बिगड़ने का आरोप लगाया है
  • पूर्व मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी ने बताया कि शेख हसीना ने खालिदा जिया को बेहतरीन मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध कराई थीं
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नई दिल्ली:

बांग्लादेश में चुनावी सरगर्मी तेज हो चुकी है. इसी बीच पूर्व प्रधानमंत्री और अवामी लीग पार्टी की अध्यक्ष शेख हसीना ने बुधवार को अपने देश के कुछ नेताओं पर निशाना साधा.दरअसल, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष रहीं खालिदा जिया की मौत के लिए शेख हसीना और अवामी लीग को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. इसे लेकर शेख हसीना ने पलटवार किया.

IANS के साथ एक खास इंटरव्यू में शेख हसीना ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया की मौत बांग्लादेश की राजनीतिक जिंदगी के लिए एक बहुत बड़ा नुकसान है. भले ही हम राजनीति में अलग-अलग तरफ खड़े थे, लेकिन सार्वजनिक जीवन में उनकी भूमिका को नकारा नहीं जा सकता और देश के लिए उनका योगदान बहुत अहम था. मैं उनके परिवार और उनके लिए दुख मनाने वालों के प्रति अपनी संवेदनाएं जाहिर करती हूं.

उन्होंने कहा कि यह दावा कि मैं उनकी मौत के लिए जिम्मेदार हूं, बिल्कुल झूठ है. इस तरह से मौत का राजनीतिकरण करना सच को आरोप से बदलने की एक परेशान करने वाली आदत को दिखाता है. ऐसे समय में बांग्लादेश को बंटवारे की नहीं, बल्कि इज्जत की जरूरत है.बांग्लादेश की पहली महिला पीएम खालिदा जिया तीन बार प्रधानमंत्री और बीएनपी की लंबे समय तक अध्यक्ष रहीं. उनका 80 साल की उम्र में 30 दिसंबर 2025 को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था. उन्हें अगले दिन पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया.

स्थानीय मीडिया के अनुसार बीएनपी स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य नजरुल इस्लाम खान ने मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस, आर्म्ड फोर्सेज के चीफ और अलग-अलग पॉलिटिकल पार्टियों के नेताओं की मौजूदगी में पार्टी की तरफ से लिखा हुआ बयान पढ़ा.बयान में बीएनपी ने कहा कि खालिदा जिया को 8 फरवरी 2018 से एक झूठे केस में दो साल से ज्यादा समय तक जेल में रखा गया था और सही इलाज न मिलने की वजह से उनकी सेहत बहुत ज्यादा बिगड़ गई.

बांग्लादेशी अखबार ढाका ट्रिब्यून ने नजरुल इस्लाम खान के हवाले से कहा कि देश ने देखा कि जो नेता खुद पैदल चलकर जेल में घुसा था, वह अकेलेपन से बहुत बीमार होकर बाहर आया. IANS को दिए एक इंटरव्यू में, बांग्लादेश के पूर्व मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी ने कहा था कि हसीना ने पीएम रहते हुए यह सुनिश्चित किया था कि जिया को सबसे अच्छी हेल्थकेयर मिले.

उन्होंने कहा कि असल में, शेख हसीना की सरकार से हटने के बाद खालिदा जिया की सेहत बिगड़ गई. शेख हसीना ने देश के टॉप अस्पतालों में से एक में खालिदा जिया के लिए स्टेट-ऑफ-द-आर्ट मेडिकल हेल्थकेयर सुविधा का इंतजाम किया, खालिदा जिया का ऑपरेशन करने के लिए विदेशी डॉक्टरों को देश में बुलाया, जिससे उन्हें नई जिंदगी मिली. कई स्वास्थ्य समस्याओं के बावजूद, उनके जिंदा रहने का एक कारण वे जान बचाने वाली सर्जरी थीं, जो प्रधानमंत्री हसीना के आदेश पर की गई थीं."

पूर्व बांग्लादेशी मंत्री चौधरी ने कहा कि तो, शेख हसीना ने खालिदा जिया का कई तरह से ख्याल रखा, उस राजनीतिक दुश्मनी से कहीं ज्यादा जो हम देखते हैं, जिसे लोग महसूस करते हैं. जिस तरह से उन्होंने खालिदा जिया के साथ व्यवहार रखा, वह बहुत इंसानियत भरा था. उन्हें उनके घर पर रखा गया था, किसी जेल की कोठरी में नहीं. जब वह घर पर थीं और हॉस्पिटल में भी उन्हें अंतरराष्ट्रीय मेडिकल हेल्थकेयर मिला.

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